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शहर में रोज डंप हो रहा 1.50 लाख टन कूड़ा
Updated Sat, 09 Jun 2018 01:52 AM IST
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शहर में रोज डंप हो रहा 1.50 लाख टन कूड़ा
निस्तारण की व्यवस्था नहीं, जगह-जगह डंपिंग ग्राउंड
नगर निगम गठन से विस्तार, अब और बढ़ेगी समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था न होने से शहर में कई जगह डंपिंग ग्राउंड बना दिए गए हैं। इन डंपिंग ग्राउंड में रोज 1.50 लाख टन से ज्यादा कूड़ा डंप किया जा रहा है। गर्रा और खन्नौत नदियों के किनारे स्थिति काफी बदतर हो गई है। यह कूड़ा शहर के 44 वार्डों से निकलता है। अब नगर निगम गठन से शहर का सीमा विस्तारण हो गया है। हालांकि, अभी नगर निगम पूरी तरह से धरातल पर नहीं आया है। शहर का विस्तार होने के बाद रोज निकलने वाले कूड़ा के प्रबंधन की समस्या भी बढ़ जाएगी।
शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर नई समस्या नहीं है। कूड़ा निस्तारण के लिए सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और सीवर लाइन भी प्र्रस्तावित है। शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए दो शिफ्टों में सफाई कर्मचारियों की लंबी-चौड़ी फौज काम करती है। दो दर्जन से ज्यादा वाहन दौड़ते हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में स्थिति बदतर है। नाले चोक होने की भी एक बजह कूड़े के ढेर लगे रहना है। हालांकि, नगर निगम गठन के बाद प्रशासक / डीएम अमृत त्रिपाठी ने कई ठोस कदम उठाए हैं, लेकिन इनका असर नजर नहीं आ रहा। नालों की सफाई के दौरान शिल्ट निकाल कर सड़कों पर डाली जा रही है। इससे असुविधा हो रही है। नगर पालिका के सफाई और खाद्य निरीक्षक पवन कुमार की मानें तो रोज निकलने वाला 1.50 लाख टन कूड़ा ककरा स्थित डंपिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है, लेकिन शहर में तमाम जगहों और खाली प्लॉटों के साथ नदियों के किनारे बने डंपिंग ग्राउंड सच्चाई उजागर करने के लिए काफी हैं।
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शहर को पांच जोन में बांटकर हो रही सफाई
- फिलहाल नगर की सफाई व्यवस्था पूराने पैटर्न पर ही चल रही है। शहर के 44 वार्डों को पांच जोन में बांटकर सफाई कराई जा रही है। 26 अप्रैल को नगर निगम का गठन हो चुका है। इसके बाद नगर पंचायत रोजा को भी नगर निगम में विलय कर दिया गया है। रोजा नगर में भी सफाई व्यवस्था फिलहाल पुराने पैटर्न पर ही चल रही है। वहां भी निकलने वाले कूड़े को जगह-जगह डंप किया जा रहा है।
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जोन सफाई नायक पर्यवेक्षणीय मजदूर
01 01 08
02 02 09
03 02 05
04 01 06
05 01 05
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बारिश के दिन में बदबू छोड़ते हैं डंपिंग ग्राउंड
शहर में जगह-जगह बने डंपिंग ग्राउंड बारिश के दिनों में लोगों की परेशानियों का कारण बनते हैं। इनमें आने वाली बदबू से काफी समस्या होती है। अब तक ककरा में एक ही अधिकृत डंपिंग ग्राउंड है। कूड़ा ककरा स्थित डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाने के स्थान पर यहां-वहां डंपिंग ग्राउंड में डाल कर वाहनों में खर्च होने वाले तेल में भी खेल किया जा रहा है।
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वर्जन-
शहर की सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। अभी और सुधार की जरूरत है। इस पर काम किया जा रहा है। कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डाला जाएगा। अगर इसमें कोई कर्मचारी मनमानी करता है तो कार्रवाई की जाएगी।
-एसके सिंह, नगर आयुक्त
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शहर में रोज डंप हो रहा 1.50 लाख टन कूड़ा
निस्तारण की व्यवस्था नहीं, जगह-जगह डंपिंग ग्राउंड
नगर निगम गठन से विस्तार, अब और बढ़ेगी समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था न होने से शहर में कई जगह डंपिंग ग्राउंड बना दिए गए हैं। इन डंपिंग ग्राउंड में रोज 1.50 लाख टन से ज्यादा कूड़ा डंप किया जा रहा है। गर्रा और खन्नौत नदियों के किनारे स्थिति काफी बदतर हो गई है। यह कूड़ा शहर के 44 वार्डों से निकलता है। अब नगर निगम गठन से शहर का सीमा विस्तारण हो गया है। हालांकि, अभी नगर निगम पूरी तरह से धरातल पर नहीं आया है। शहर का विस्तार होने के बाद रोज निकलने वाले कूड़ा के प्रबंधन की समस्या भी बढ़ जाएगी।
शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर नई समस्या नहीं है। कूड़ा निस्तारण के लिए सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और सीवर लाइन भी प्र्रस्तावित है। शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए दो शिफ्टों में सफाई कर्मचारियों की लंबी-चौड़ी फौज काम करती है। दो दर्जन से ज्यादा वाहन दौड़ते हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में स्थिति बदतर है। नाले चोक होने की भी एक बजह कूड़े के ढेर लगे रहना है। हालांकि, नगर निगम गठन के बाद प्रशासक / डीएम अमृत त्रिपाठी ने कई ठोस कदम उठाए हैं, लेकिन इनका असर नजर नहीं आ रहा। नालों की सफाई के दौरान शिल्ट निकाल कर सड़कों पर डाली जा रही है। इससे असुविधा हो रही है। नगर पालिका के सफाई और खाद्य निरीक्षक पवन कुमार की मानें तो रोज निकलने वाला 1.50 लाख टन कूड़ा ककरा स्थित डंपिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है, लेकिन शहर में तमाम जगहों और खाली प्लॉटों के साथ नदियों के किनारे बने डंपिंग ग्राउंड सच्चाई उजागर करने के लिए काफी हैं।
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शहर को पांच जोन में बांटकर हो रही सफाई
- फिलहाल नगर की सफाई व्यवस्था पूराने पैटर्न पर ही चल रही है। शहर के 44 वार्डों को पांच जोन में बांटकर सफाई कराई जा रही है। 26 अप्रैल को नगर निगम का गठन हो चुका है। इसके बाद नगर पंचायत रोजा को भी नगर निगम में विलय कर दिया गया है। रोजा नगर में भी सफाई व्यवस्था फिलहाल पुराने पैटर्न पर ही चल रही है। वहां भी निकलने वाले कूड़े को जगह-जगह डंप किया जा रहा है।
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जोन सफाई नायक पर्यवेक्षणीय मजदूर
01 01 08
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बारिश के दिन में बदबू छोड़ते हैं डंपिंग ग्राउंड
शहर में जगह-जगह बने डंपिंग ग्राउंड बारिश के दिनों में लोगों की परेशानियों का कारण बनते हैं। इनमें आने वाली बदबू से काफी समस्या होती है। अब तक ककरा में एक ही अधिकृत डंपिंग ग्राउंड है। कूड़ा ककरा स्थित डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाने के स्थान पर यहां-वहां डंपिंग ग्राउंड में डाल कर वाहनों में खर्च होने वाले तेल में भी खेल किया जा रहा है।
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वर्जन-
शहर की सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। अभी और सुधार की जरूरत है। इस पर काम किया जा रहा है। कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डाला जाएगा। अगर इसमें कोई कर्मचारी मनमानी करता है तो कार्रवाई की जाएगी।
-एसके सिंह, नगर आयुक्त