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मैसेज मिले हो गए बीस दिन, गन्ना पर्ची गायब 19-43-17
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:01 AM IST
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मैसेज मिले हो गए बीस दिन, गन्ना पर्ची गायब
चीनी मिल के अधिकारी भी किसानों को नहीं देते सही जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। बजाज चीनी मिल की ओर से किसानों को पर्ची दिए जाने का मैसेज भेजा जा रहा है, लेकिन मैसेज मिलने के 20 दिन बाद भी पर्चियां नहीं मिल रही हैं। इससे किसान बेहद परेशान हैं।
खुटार निवासी सुरेश कुमार, आशीष कुमार, अरविंद कुमार, सुशीला देवी आदि ने बताया कि उनके मोबाइल पर बजाज चीनी मिल की ओर से एक जनवरी को मैसेज आया था कि उनकी जनरल प्रजाति की गन्ना पर्ची जारी कर दी गई है। मैसेज मिलने के 20 दिन बीत जाने के बाद भी उनको पर्ची नहीं मिल सकी है, जिससे किसान परेशान हैं। मैसेज प्राप्त होने के बाद कई किसानों ने तो गन्ना छिलवाकर तौल कराने की तैयारी भी कर ली थी, लेकिन पर्ची नहीं मिलने पर गन्ने को कम रेट में क्रेशर पर बेचना पड़ा। किसानों का आरोप है कि मिल की ओर से पर्ची निकालकर मिल में रख ली जाती हैं, किसानों को पर्चियां नहीं भेजी जा रही हैं। मिल प्रशासन अर्ली गन्ना खरीदने में ज्यादा रुचि दिखा रहा है।
किसानों ने डीएम से पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि पर्ची नहीं मिली तो वह लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। आरोप है कि मिल अधिकारियों से बात करने वह नाम नोट कराने को कह कर पल्ला झाड़ लेते हैं। इस संबंध में बजाज चीनी मिल मकसूदापुर के सीनियर केन मैनेजर धर्मेंश मल्होत्रा का कहना है कि कुछ किसानों के पास जनरल प्रजाति का गन्ना समाप्त हो गया है, यह लोग गन्ना खरीदकर सप्लाई कर रहे हें, जिस कारण पर्ची रोकी गई हैं। जांच कराने के बाद पर्ची जारी की जाएगी। एक जनवरी के बाद जनरल प्रजाति का गन्ना तौला जा रहा है।
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चीनी मिल के अधिकारी भी किसानों को नहीं देते सही जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। बजाज चीनी मिल की ओर से किसानों को पर्ची दिए जाने का मैसेज भेजा जा रहा है, लेकिन मैसेज मिलने के 20 दिन बाद भी पर्चियां नहीं मिल रही हैं। इससे किसान बेहद परेशान हैं।
खुटार निवासी सुरेश कुमार, आशीष कुमार, अरविंद कुमार, सुशीला देवी आदि ने बताया कि उनके मोबाइल पर बजाज चीनी मिल की ओर से एक जनवरी को मैसेज आया था कि उनकी जनरल प्रजाति की गन्ना पर्ची जारी कर दी गई है। मैसेज मिलने के 20 दिन बीत जाने के बाद भी उनको पर्ची नहीं मिल सकी है, जिससे किसान परेशान हैं। मैसेज प्राप्त होने के बाद कई किसानों ने तो गन्ना छिलवाकर तौल कराने की तैयारी भी कर ली थी, लेकिन पर्ची नहीं मिलने पर गन्ने को कम रेट में क्रेशर पर बेचना पड़ा। किसानों का आरोप है कि मिल की ओर से पर्ची निकालकर मिल में रख ली जाती हैं, किसानों को पर्चियां नहीं भेजी जा रही हैं। मिल प्रशासन अर्ली गन्ना खरीदने में ज्यादा रुचि दिखा रहा है।
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किसानों ने डीएम से पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि पर्ची नहीं मिली तो वह लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। आरोप है कि मिल अधिकारियों से बात करने वह नाम नोट कराने को कह कर पल्ला झाड़ लेते हैं। इस संबंध में बजाज चीनी मिल मकसूदापुर के सीनियर केन मैनेजर धर्मेंश मल्होत्रा का कहना है कि कुछ किसानों के पास जनरल प्रजाति का गन्ना समाप्त हो गया है, यह लोग गन्ना खरीदकर सप्लाई कर रहे हें, जिस कारण पर्ची रोकी गई हैं। जांच कराने के बाद पर्ची जारी की जाएगी। एक जनवरी के बाद जनरल प्रजाति का गन्ना तौला जा रहा है।
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