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Sant Kabir Nagar News: टैटू का शौक बन रहा जानलेवा...हेपेटाइटिस के शिकार हो रहे युवा

Mon, 16 Sep 2024 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 16 Sep 2024 12:18 AM IST
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The hobby of tattoo is becoming deadly...youth are becoming victims of hepatitis
- असुरक्षित टैटू बनवाने और दाढ़ी बनवाते समय ब्लेड न बदलने से बढ़ रहे संक्रमित
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- प्रतिदिन पांच से सात लोग पहुंचते है रक्तदान के लिए
संवाद न्यूज एजेंसी



संतकबीरनगर। टैटू गोदवाने, सेविंग में ब्लेड न बदलने से लोग संक्रमण की गिरफ्त में आ रहे हैं। खासकर फैशन के ट्रेंड के साथ चलने वाले युवा इसके सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। यहीं कारण है कि ब्लड बैंकों में रक्तदान के लिए पहुंचने वाले 15 से 20 फीसदी युवा अयोग्य निकल रहे हैं। ऐसे युवा हेपेटाइटिस बी और सी समेत सिफलिस से संक्रमित मिल रहे हैं। उन्हें वापस कर दिया जाता है और खानपान व इलाज की सलाह दी जाती है।



जिले में सीएचसी खलीलाबाद परिसर में एक रक्तदान केंद्र है। यहां प्रतिदिन पांच से सात लोग रक्तदान के लिए पहुंचते हैं। इनमें ज्यादातर युवा रहते हैं। साल में औसतन 600 यूनिट रक्तदान होता है। जिनमें से करीब 20 फीसदी लोग संक्रमित बीमारियों से ग्रस्त पाए जाते हैं। सबसे ज्यादा हेपेटाइटिस-बी के मामले आते हैं। जिसकी वजह से उनका ब्लड नहीं लिया जाता है। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. एपी मिश्र ने बताया कि युवा जब रक्तदान करने आते हैं तो पहले उनकी जांच की जाती है। उन्हें संक्रमित बीमारियों के चलते छांट दिया जाता है। साथ ही उनकी काउंसिलिंग की जाती है।
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बताया कि युवाओं में टैटू के चलन से ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। लोग अप्रशिक्षित से टैटू बनवाते हैं, जो संक्रमित सुई का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा ब्लेड न बदलकर सेविंग कराने कराने और नवजात को हेपेटाइटिस बी और सी का टीका न लगवाने से भी लोग संक्रमित मिल रहे हैं। इससे बचाव के लिए बच्चा पैदा होने के तत्काल बाद हेपेटाइटिस बी-सी का टीका लगवाएं। टैटू और दाढ़ी बनवाते समय अपने सामने सुई और ब्लेड का प्रयोग करवाएं।
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हेपेटाइटिस बी और सी के कारण

- संक्रमित सूई से टैटू गुदवाना।
- एक से अधिक व्यक्ति को सिरिंज लगाना।
- खून का आदान-प्रदान।

- संक्रमित ब्लेड का प्रयोग।
- कान-नाक में छेद करवाना।

- संक्रमित फिटकरी जैसे हेपेटाइटिस सी के मरीज को प्रयोग की गई फिटकरी दूसरे व्यक्ति को लगाने से वह चपेट में आ सकता है।
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