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पहले कमियां होंगी दुरूस्त फिर चलेगा मैटरनिटी विंग
संतकबीरनगर
Updated Thu, 13 Dec 2018 11:42 PM IST
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पहले कमियां होंगी दुरूस्त फिर चलेगा मैटरनिटी विंग
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में 100 बेड के बने मैटरनिटी विंग का हैंडओवर तकनीकी कारणों से फंस गया है। उसमें कई कमियां मिली हैं। सीएमएस की जांच में कमियां मिलने पर सीएमओ ने मैटरनिटी विंग के हैंडओवर पर रोक लगा दी है। इसके निर्माण पर 19 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए तीन साल पहले शासन ने जिले को 100 बेड मैटरनिटी विंग की सौगात दी थी। साथ ही इसके निर्माण के लिए 19 करोड़ रुपये भी जारी कर दिया था। निर्माण का जिम्मा राजकीय निर्माण निगम को सौंपा गया। कार्यदायी संस्था ने मैटरनिटी विंग का निर्माण शुरू कराया और अब जाकर कार्य पूरा हुआ। उम्मीद थी कि नए साल में एक जनवरी से मैटरनिटी विंग चालू हो जाएगा।
इधर जब कार्यदायी संस्था निर्माण निगम ने स्वास्थ्य विभाग से मैटरनिटी विंग के हैंडओवर की पत्रावली भेजी तो सीएमएस ने कार्यदायी संस्था के जरिए हुए कार्यो की जांच की। जांच मे कई कमियां मिलीं। लिफ्ट चालू हालत में न होना, अल्ट्रासांउड रूम मानक के अनुसार न होना, खिड़कियों पर ग्रिल न होना, ऑपरेशन थियेटर मानक के अनुसार न बनना, नर्स रूम में शौचालय न होना, खिड़कियों पर जाली न लगना, एलईडी की जगह ट्यूब लाइट लगना, पानी की समुचित व्यवस्था न होना, वेसिंग की साइज छोटी होना समेत कई ऐसी छोटी- छोटी तकनीकी कमी मिली हैं, जिस पर सीएमएस ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को भेजी। सीएमओ ने कार्यदायी संस्था को पत्र जारी कर मैटरनिटी विंग के हैंडओवर पर रोक लगा दी। सीएमओ डॉ. हरिगोविंद सिंह ने बताया कि सीएमएस की जांच में कई कमियां मिलीं हैं। निर्माण कार्य में मानक को पूरा नहीं किया गया है। कार्यदायी संस्था जब तक मानक को पूरा नहीं करेगी तब तक हैंडओवर नहीं लिया जाएगा। इसकी सूचना एडी हेल्थ को भेज दी गई है।
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महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए तीन साल पहले शासन ने जिले को 100 बेड मैटरनिटी विंग की सौगात दी थी। साथ ही इसके निर्माण के लिए 19 करोड़ रुपये भी जारी कर दिया था। निर्माण का जिम्मा राजकीय निर्माण निगम को सौंपा गया। कार्यदायी संस्था ने मैटरनिटी विंग का निर्माण शुरू कराया और अब जाकर कार्य पूरा हुआ। उम्मीद थी कि नए साल में एक जनवरी से मैटरनिटी विंग चालू हो जाएगा।
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इधर जब कार्यदायी संस्था निर्माण निगम ने स्वास्थ्य विभाग से मैटरनिटी विंग के हैंडओवर की पत्रावली भेजी तो सीएमएस ने कार्यदायी संस्था के जरिए हुए कार्यो की जांच की। जांच मे कई कमियां मिलीं। लिफ्ट चालू हालत में न होना, अल्ट्रासांउड रूम मानक के अनुसार न होना, खिड़कियों पर ग्रिल न होना, ऑपरेशन थियेटर मानक के अनुसार न बनना, नर्स रूम में शौचालय न होना, खिड़कियों पर जाली न लगना, एलईडी की जगह ट्यूब लाइट लगना, पानी की समुचित व्यवस्था न होना, वेसिंग की साइज छोटी होना समेत कई ऐसी छोटी- छोटी तकनीकी कमी मिली हैं, जिस पर सीएमएस ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को भेजी। सीएमओ ने कार्यदायी संस्था को पत्र जारी कर मैटरनिटी विंग के हैंडओवर पर रोक लगा दी। सीएमओ डॉ. हरिगोविंद सिंह ने बताया कि सीएमएस की जांच में कई कमियां मिलीं हैं। निर्माण कार्य में मानक को पूरा नहीं किया गया है। कार्यदायी संस्था जब तक मानक को पूरा नहीं करेगी तब तक हैंडओवर नहीं लिया जाएगा। इसकी सूचना एडी हेल्थ को भेज दी गई है।
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