फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Inmate death case: Doctor removed from jail duty

बंदी मौत प्रकरण : चिकित्सक की जेल से हटाई गई ड्यूटी

Sat, 17 Oct 2026 12:31 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:31 AM IST
विज्ञापन
Inmate death case: Doctor removed from jail duty
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

संतकबीरनगर। जिला कारागार में निरुद्ध धर्मसिंहवा क्षेत्र के अमरहा निवासी टुनटुन की मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही चिकित्सकीय व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात जिस चिकित्सक की ड्यूटी बंदियों के उपचार के लिए जिला कारागार में लगाई जा रही थी, उसकी जेल से ड्यूटी हटा दी गई है। अब उसे कारागार में बंदियों के इलाज की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
विभाग से जारी मासिक सूची में चिकित्सक का नाम अंकित है। वहीं सूत्रों का दावा है कि एक अक्तूबर को चिकित्सक की ड्यूटी जिला कारागार पर थी, चिकित्सक कारागार के भीतर मोबाइल लेकर जाने के लिए अड़े थे। इसकी वजह से उनको कारागार के भीतर प्रवेश नहीं दिया गया।
विज्ञापन

सीएमओ के आदेश के बाद उनके स्थान पर अन्य चिकित्सक को जिला कारागार में बंदियों की जांच व चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया था। सूची के अनुसार फिर से 27 अक्तूबर को चिकित्सक की जिला कारागार में ड्यूटी का दावा किया जा रहा है। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए व उच्चाधिकारियों के द्वारा चल रही जांच की वजह से जिम्मेदार चुप्पी साधे हैं। इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बंदी की मौत के मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंचने की बात सामने आ रही है। हालांकि, सूत्र अभी कुछ चिकित्सकों के बयान दर्ज किए जाने और डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण व मिलान किया जाना शेष बता रहे हैं। जांच टीम उपचार के दौरान सामने आए तथ्यों, चिकित्सकीय अभिलेखों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को एक-दूसरे से मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य भी जांच का हिस्सा : मामले में चिकित्सकीय बयानों के साथ डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्ड जांच टीम के पास उपलब्ध होने की जानकारी पहले सामने आ चुकी है। अब इन साक्ष्यों का चिकित्सकों के बयान और उपचार से संबंधित रिकॉर्ड के साथ मिलान किया जाना है। इससे बंदी को अस्पताल लाए जाने, वहां उसकी स्थिति और उपचार के दौरान हुए घटनाक्रम की समयवार जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है। जांच का उद्देश्य केवल बंदी की मौत के कारणों तक पहुंचना नहीं, बल्कि जेल से अस्पताल पहुंचने और उपचार के दौरान हुई पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करना भी है। डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण पूरा होने के बाद जांच के निष्कर्षों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी : बंदी की मौत के मामले में जांच अब अंतिम चरण में बताई जा रही है। कुछ चिकित्सकों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान बाकी है। इसके बाद जांच टीम घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों का आकलन करेगी। जिला कारागार में बंदियों के उपचार के लिए चिकित्सकों की ड्यूटी व्यवस्था और संबंधित चिकित्सक की ड्यूटी हटाए जाने का घटनाक्रम भी इस मामले में चर्चा का विषय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed