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मनचाहे स्कूल में पोस्टिंग के लिए लग रही बोली
Sant Kabir Nagar
Updated Mon, 03 Oct 2016 11:43 PM IST
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- फोटो : demo pic
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बेसिक शिक्षा विभाग में अंतरजनपदीय तबादले में आए शिक्षकों की तैनाती को लेकर खेल शुरू हो चुका है। मनचाहा विद्यालय पाने के लिए शिक्षकों से 15 हजार तक की डिमांड की जा रही है। जिसकी शिकायत डीएम और बीएसए तक पहुंच चुकी है। डीएम ने ऐसी हरकत करने वाले लिपिकों की गोपनीय जांच शुरू करा दी है।
दरअसल, बेसिक शिक्षा विभाग में शासन स्तर से अंतरजनपदीय तबादला हुआ है। जिसमें जिले से लगभग 235 शिक्षकों का दूसरे जनपद तबादला हो चुका है और जनपद में 126 शिक्षक अन्य जनपदों से आए हैं। शिक्षकों को आए करीब 20 दिन का समय बीत चुका है। शिक्षक विद्यालय पर तैनाती के लिए लगातार बीएसए कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। 30 सितंबर को बीएसए कार्यालय ने शिक्षकों से ब्लॉकों का विकल्प लेने के लिए चार अक्टूबर को कार्यालय पर पहुंचने को कहा है। चर्चा है कि दो और तीन अक्टूबर को ही शिक्षकों के मोबाइल पर एक लिपिक का नाम लेकर फोन कर 15 हजार रुपये की डिमांड की गई, बदले में मनचाहा विद्यालय देने का भी भरोसा दिया गया। सोमवार को यह मामला डीएम तक पहुंचा।
इस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए बीएसए को विकल्प देने वाले शिक्षकों को तरजीह देने को कहा। इसके साथ ही सूची अपने स्तर से भी देखने की बात कही है। डीएम सुरेश कुमार ने कहा कि अगर कोई फोन कर रकम की डिमांड करता है तो इसकी सूचना संबंधित शिक्षक उन्हें दे, उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। साथ ही रकम की डिमांड करने वाले लिपिक पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाएगा। वहीं बीएसए को लिपिकों के संबंध में गोपनीय जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। दोषी मिलने पर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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दरअसल, बेसिक शिक्षा विभाग में शासन स्तर से अंतरजनपदीय तबादला हुआ है। जिसमें जिले से लगभग 235 शिक्षकों का दूसरे जनपद तबादला हो चुका है और जनपद में 126 शिक्षक अन्य जनपदों से आए हैं। शिक्षकों को आए करीब 20 दिन का समय बीत चुका है। शिक्षक विद्यालय पर तैनाती के लिए लगातार बीएसए कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। 30 सितंबर को बीएसए कार्यालय ने शिक्षकों से ब्लॉकों का विकल्प लेने के लिए चार अक्टूबर को कार्यालय पर पहुंचने को कहा है। चर्चा है कि दो और तीन अक्टूबर को ही शिक्षकों के मोबाइल पर एक लिपिक का नाम लेकर फोन कर 15 हजार रुपये की डिमांड की गई, बदले में मनचाहा विद्यालय देने का भी भरोसा दिया गया। सोमवार को यह मामला डीएम तक पहुंचा।
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इस पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए बीएसए को विकल्प देने वाले शिक्षकों को तरजीह देने को कहा। इसके साथ ही सूची अपने स्तर से भी देखने की बात कही है। डीएम सुरेश कुमार ने कहा कि अगर कोई फोन कर रकम की डिमांड करता है तो इसकी सूचना संबंधित शिक्षक उन्हें दे, उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। साथ ही रकम की डिमांड करने वाले लिपिक पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाएगा। वहीं बीएसए को लिपिकों के संबंध में गोपनीय जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। दोषी मिलने पर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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