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27 दिन बाद कब्र से निकाली गई महिला की लाश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Apr 2018 11:38 PM IST
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धनघटा के बुजुर्गवार गांव की महिला की कब्र से लाश निकलवाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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हैंसर। क्षेत्र के बुजुर्गवार गांव निवासी महिला की प्रसव के बाद हुई मौत के 27वें दिन डीएम के निर्देश पर पुलिस ने शुक्रवार को कब्र खुदवा कर शव को बाहर निकलवाया। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। वैसे महिला की मौत होने के बाद से ही परिजन पीएचसी शनिचरा बाजार के चिकित्सकों के विरुद्ध केस दर्ज किए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उस समय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
जिससे परेशान होकर मृतका के भाई ने डीएम और एसपी को प्रार्थना पत्र देकर शव का पोस्ट मार्टम कराए जाने की मांग की थी। रामसांवर पुत्र प्रदीप कुमार का आरोप है कि उसकी बहन वंदना को 30 मार्च को प्रसव पीड़ा हुई तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शनिचरा बाजार पर ले गए। जहां दोपहर में वंदना ने बच्चे को जन्म तो दे दिया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई।
वंदना की तबीयत बिगड़ने के बाद भी डॉक्टर उसके इलाज में लापरवाही करते रहे, करीब तीन बजे शाम जब वंदना की मौत हो गई, तब जाकर डॉक्टर ने उसे सीएचसी मलौली के लिए रेफर कर दिया। मलौली के डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिए। बहन की मौत के जिम्मेदार डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उसी दिन थाने पर तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की और उल्टे पीड़ित परिवार के लोगों को डांट डपट कर थाने से भगा दिया।
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बहन की मौत के जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई कराने के उद्देश्य से उसकी लाश को जलाने के बजाए कब्र में रख दिया गया। तभी से न्याय के लिए अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया जा रहा है। एसओ संतोष तिवारी ने बताया कि नायब तहसीलदार दीपक कुमार गुप्ता की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकलवा कर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जिससे परेशान होकर मृतका के भाई ने डीएम और एसपी को प्रार्थना पत्र देकर शव का पोस्ट मार्टम कराए जाने की मांग की थी। रामसांवर पुत्र प्रदीप कुमार का आरोप है कि उसकी बहन वंदना को 30 मार्च को प्रसव पीड़ा हुई तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शनिचरा बाजार पर ले गए। जहां दोपहर में वंदना ने बच्चे को जन्म तो दे दिया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई।
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वंदना की तबीयत बिगड़ने के बाद भी डॉक्टर उसके इलाज में लापरवाही करते रहे, करीब तीन बजे शाम जब वंदना की मौत हो गई, तब जाकर डॉक्टर ने उसे सीएचसी मलौली के लिए रेफर कर दिया। मलौली के डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिए। बहन की मौत के जिम्मेदार डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उसी दिन थाने पर तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की और उल्टे पीड़ित परिवार के लोगों को डांट डपट कर थाने से भगा दिया।
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बहन की मौत के जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई कराने के उद्देश्य से उसकी लाश को जलाने के बजाए कब्र में रख दिया गया। तभी से न्याय के लिए अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया जा रहा है। एसओ संतोष तिवारी ने बताया कि नायब तहसीलदार दीपक कुमार गुप्ता की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकलवा कर पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।