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इंसेफेलाइटिस
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:10 PM IST
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धर्मसिंहवा (संतकबीर नगर)। केचुआखोर गांव में इंसेफेलाइटिस से बीमार होने का दो मामला प्रकाश में आया है, हालांकि दोनों बीमार बच्चों में से एक बच्चा मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से इलाज कराकर सकुशल घर वापस आ गया, जबकि दूसरा अभी भी इलाज करा रहा है। सूचना पर सीएमओ डॉक्टर अभय चंद श्रीवास्तव ने केचुआखोर गांव में दवा छिड़काव करने का निर्देश जारी कर दिया है।
केचुआखोर निवासी रामवीर ने बताया कि उसकी 11 वर्षीय पुत्री वर्षा को बीस दिन पहले बुखार आया था। उसने कई जगह इलाज के बाद डॉक्टरों के सलाह पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर मे भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने इंसेफ़ेलाइटिस होने की बात बताई। आठ दिन मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के बाद बच्ची की स्थिति अब ठीक है।
डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर साफ- सफाई व शुद्घ पानी पीने की सलाह दी है। रामवीर ने बताया कि गांव में एक बच्चा जो कि बारह वर्ष का है, उसे भी दिमागी बुखार हो गया है। वह अभी भी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इलाज करा रहा है। सीएमओ डॉक्टर अभय चंद श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। गांव में दवा छिड़काव के लिए निर्देश जारी कर दिया गया है। साथ ही शुद्घ पेयजल के लिए जलनिगम को लिखा जा रहा है।
केचुआखोर निवासी रामवीर ने बताया कि उसकी 11 वर्षीय पुत्री वर्षा को बीस दिन पहले बुखार आया था। उसने कई जगह इलाज के बाद डॉक्टरों के सलाह पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर मे भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने इंसेफ़ेलाइटिस होने की बात बताई। आठ दिन मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के बाद बच्ची की स्थिति अब ठीक है।
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डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर साफ- सफाई व शुद्घ पानी पीने की सलाह दी है। रामवीर ने बताया कि गांव में एक बच्चा जो कि बारह वर्ष का है, उसे भी दिमागी बुखार हो गया है। वह अभी भी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इलाज करा रहा है। सीएमओ डॉक्टर अभय चंद श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। गांव में दवा छिड़काव के लिए निर्देश जारी कर दिया गया है। साथ ही शुद्घ पेयजल के लिए जलनिगम को लिखा जा रहा है।
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