जिलाध्यक्ष समेत आठ लेखपाल निलंबित
जबकि 94 लेखपालों को शुक्रवार तक काम पर नहीं लौटने पर विभागीय कार्रवाई का अल्टीमेटम जारी किया गया है। नए लेखपालों का प्रोवेशन अवधि बढ़ाए जाने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट भेज दी गई है।
एडीएम रणविजय सिंह ने बताया कि लेखपाल संघ के जिला समेत अन्य पदाधिकारियों को पूर्व में एसडीएम के जरिए नोटिस देकर काम पर लौटने की चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके लेखपाल आंदोलनरत हैं। इससे सरकारी काम प्रभावित हो रहा है। जनपद में पुराने और नए मिला कर कुल 377 लेखपाल कार्यरत हैं।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष, तीनों तहसीलों के अध्यक्ष, महामंत्री समेत कुल आठ पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। जबकि पुराने 94 लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए शुक्रवार तक काम पर वापसी नहीं करने की दशा में विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
इसके अलावा 275 नए लेखपालों का प्रोवेशन एक साल तक बढ़ा दिए जाने की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।संघ के जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर तीन जुलाई से धरना शुरू किया गया है।
तीन से सात जुलाई तक तहसीलों पर धरना दिया गया और नौ जुलाई से जनपद मुख्यालय पर स्थित नई तहसील पर धरना दिया जा रहा है। शासन का प्रशासन पर दबाव है। उसी के क्रम में प्रशासन ने उन्हें और उनके पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई लेखपाल संघ स्वागत करता है और अपनी मांगों को लेकर अनवरत धरना जारी रखेगा। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर ही धरना स्थगित अथवा समाप्त होगा।