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Sambhal News: साल के अंत तक गंगा एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भर सकेंगे वाहन
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गांव खिरनी मोहिउद्दीनपुर में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस वे पर चल रहा टोल टैक्स निर्माण का कार्य
संभल। जिले से होकर गुजर रहे गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। अब जो 10 प्रतिशत कार्य बचा है उसको इस साल के अंत तक पूरा करने का दावा कार्यदायी संस्था द्वारा किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था के मैनेजर इशांत कुमार का कहना है कि कई गांवों में नए अंडरपास बनाने की मांग थी। उनकी स्वीकृत देरी से मिली है। इसलिए कार्य पूरा होने में समय लगेगा। कहा कि इस साल के अंत तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है। सभी बड़े कार्य तो नवंबर तक पूरे हो जाएंगे। संभल जिले में 38 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। इसके दो जंक्शन बनाए गए हैं। इसमें एक जंक्शन खिरनी और दूसरा लहरावन में बनाया है। इन दोनों जंक्शन पर आठ टोल बूथ बनाए जा रहे हैं। इनका काम भी तेजी से चल रहा है। इन बूथ से ही वाहनों की निकासी और प्रवेश होगा। संभल तहसील क्षेत्र के गांव ततारपुर संदल से गंगा एक्सप्रेसवे प्रवेश कर रहा है। चंदौसी तहसील के गांव नगलिया कठेर से बदायूं जिले में प्रवेश कर रहा है। इस गंगा एक्सप्रेसवे में संभल तहसील के 17 गांव और चंदौसी तहसील के 14 गांव शामिल हैं। दो जंक्शन से ही गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रवेश मिलेगा।
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11 अक्तूबर को पूरा हो रहा एग्रीमेंट, कार्यदायी संस्था के लिए बड़ी चुनौती
यूपीडा के साथ कार्यदायी संस्था का एग्रीमेंट 11 अक्तूबर तक है। इस तिथि तक कार्यदायी संस्था को गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा कर देना है। हालांकि यह तिथि कार्यदायी संस्था के लिए चुनौती है। संभल में कार्य करा रहे कार्यदायी संस्था के मैनेजर का कहना है कि नए अंडरपास बनाए जाने हैं। इसलिए अक्तूबर तक निर्माण कार्य पूरा होना मुश्किल है। क्योंकि नए अंडरपास की स्वीकृति ही देरी से मिली है। यूपीडा के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार मोगा का कहना है कि कार्यदायी संस्था पूरे प्रोजेक्ट का 95 प्रतिशत कार्य कर चुकी है। अब फिनिंश, लाइटिंग और संकेतक लगाने का कार्य बाकी है। तय समय में ही कार्यदायी संस्था को हैंडओवर करना होगा।
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38 किलोमीटर के दायरे में अभी कहीं नहीं लगी है लाइट, संकेतक का कार्य भी अधूरा
जिले में 38 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। अभी जगह-जगह लाइट लगनी हैं और संकेतक लगने हैं। संकेतक का कार्य तो चल रहा है लेकिन लाइटिंग का कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसको इसी महीने से शुरू किए जाने का दावा है। इसके बाद रोशनी से यह गंगा एक्सप्रेसवे जगमगा जाएगा।
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औद्योगिक गलियारे के स्थापित होने से कारोबार को लगेंगे पंख
गंगा एक्सप्रेसवे का एक जंक्शन खिरनी में बनाया गया है। इस जंक्शन का लाभ औद्योगिक गलियारे के कारोबारियों को सबसे ज्यादा मिलेगा। क्योंकि इसके नजदीक ही औद्योगिक गलियारा बनाया गया है। जमीन आवंटित होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जब औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो जाएंगी तो प्रयागराज और दिल्ली का सफर आसान होगा। मालवाहक वाहनों के लिए बड़ी सहूलियत एक्सप्रेसवे से मिलेगी।
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हमारा एग्रीमेंट कार्यदायी संस्था के साथ 11 अक्तूबर तक का है। इसलिए हैंडओवर भी इसी तिथि में होना चाहिए। इसके लिए लगातार कार्यदायी संस्था को अवगत कराया जा रहा है। पूरे प्रोजेक्ट में 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। अब जो कार्य बचा है। उसको तय तिथि में कार्यदायी संस्था को पूरा करना है।
राकेश कुमार मोगा, अधिशासी अभियंता, यूपीडा।
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गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर समीक्षा की जा रही हैं। तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश हैं।
-प्रदीप कुमार वर्मा, एडीएम, संभल्र
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11 अक्तूबर को पूरा हो रहा एग्रीमेंट, कार्यदायी संस्था के लिए बड़ी चुनौती
यूपीडा के साथ कार्यदायी संस्था का एग्रीमेंट 11 अक्तूबर तक है। इस तिथि तक कार्यदायी संस्था को गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा कर देना है। हालांकि यह तिथि कार्यदायी संस्था के लिए चुनौती है। संभल में कार्य करा रहे कार्यदायी संस्था के मैनेजर का कहना है कि नए अंडरपास बनाए जाने हैं। इसलिए अक्तूबर तक निर्माण कार्य पूरा होना मुश्किल है। क्योंकि नए अंडरपास की स्वीकृति ही देरी से मिली है। यूपीडा के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार मोगा का कहना है कि कार्यदायी संस्था पूरे प्रोजेक्ट का 95 प्रतिशत कार्य कर चुकी है। अब फिनिंश, लाइटिंग और संकेतक लगाने का कार्य बाकी है। तय समय में ही कार्यदायी संस्था को हैंडओवर करना होगा।
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38 किलोमीटर के दायरे में अभी कहीं नहीं लगी है लाइट, संकेतक का कार्य भी अधूरा
जिले में 38 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। अभी जगह-जगह लाइट लगनी हैं और संकेतक लगने हैं। संकेतक का कार्य तो चल रहा है लेकिन लाइटिंग का कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसको इसी महीने से शुरू किए जाने का दावा है। इसके बाद रोशनी से यह गंगा एक्सप्रेसवे जगमगा जाएगा।
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औद्योगिक गलियारे के स्थापित होने से कारोबार को लगेंगे पंख
गंगा एक्सप्रेसवे का एक जंक्शन खिरनी में बनाया गया है। इस जंक्शन का लाभ औद्योगिक गलियारे के कारोबारियों को सबसे ज्यादा मिलेगा। क्योंकि इसके नजदीक ही औद्योगिक गलियारा बनाया गया है। जमीन आवंटित होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जब औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो जाएंगी तो प्रयागराज और दिल्ली का सफर आसान होगा। मालवाहक वाहनों के लिए बड़ी सहूलियत एक्सप्रेसवे से मिलेगी।
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हमारा एग्रीमेंट कार्यदायी संस्था के साथ 11 अक्तूबर तक का है। इसलिए हैंडओवर भी इसी तिथि में होना चाहिए। इसके लिए लगातार कार्यदायी संस्था को अवगत कराया जा रहा है। पूरे प्रोजेक्ट में 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। अब जो कार्य बचा है। उसको तय तिथि में कार्यदायी संस्था को पूरा करना है।
राकेश कुमार मोगा, अधिशासी अभियंता, यूपीडा।
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गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर समीक्षा की जा रही हैं। तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश हैं।
-प्रदीप कुमार वर्मा, एडीएम, संभल्र