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Sambhal News: भाइयों के हाथ कांपे न मां की ममता जागी
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संभल। कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव भमोरी पट्टी निवासी बबीता (17) की हत्या उसकी मां बृजवती के सामने ही हुई थी। दो बहन और दो भाइयों में बबीता सबसे छोटी थी। उसके प्रेम प्रसंग के कारण परिजन इतने आक्रोश में थे कि हत्या करते समय किसी का दिल नहीं पसीजा।
बड़े भाई विनीत ने जब पहली गोली सिर में मारी तो उसने भागने का प्रयास किया और कुछ पल के लिए संघर्ष किया, लेकिन दूसरे भाई नीरज ने बबीता को पकड़ लिया। इसी दौरान विनीत ने दूसरी गोली सीने में उतार दी और बबीता वहीं ढेर हो गई। मां ने आंखों के सामने बेटी की हत्या होते हुए देखी, लेकिन कोई विरोध नहीं किया।
भाइयों के भी बहन को मारते हुए हाथ नहीं कांपे। किशोरी का मामा महावीर भी वहीं खड़ा रहा। माैत की पुष्टि होने पर चारों आरोपी वहां से भाग गए। बाद में षड्यंत्र के तहत आरोपियों ने हत्या का आरोप पड़ोसी युवक रिंकू और उसके मामा पप्पू पर लगा दिया।
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घटना के बाद से गांव के लोग रिंकू और उसके मामा को ही आरोपी समझ रहे थे, लेकिन जब खुलासा हुआ तो सभी हैरान हो गए। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि मां के सामने ही उसकी बेटी की हत्या हो गई और उसने चूं तक नहीं किया। जिन भाइयों की कलाई पर बबीता राखी बांधती थी, उन्हीं ने उसे माैत के घाट उतार दिया। मामा भी इस पूरे हत्याकांड में शामिल रहा। हत्या के बाद सभी लोग रो-रोकर ढोंग कर रहे थे। क्षेत्र में पूरे दिन यह घटना चर्चा का विषय बनी रही।
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किशोरी के अपहरण में जेल गए थे मामा-भांजे
किशोरी के पिता प्रीतम सिंह ने 23 फरवरी 2024 को गाजियाबाद के थाना लिंक रोड में बबीता के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें रिंकू पर बहला-फुसलाकर किशोरी को ले जाने का आरोप था। उसके मामा पप्पू को भी आरोपी बनाकर जेल भेजा गया था। रिंकू को तीन मार्च 2024 को गाजियाबाद के लिंक रोड थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। रिंकू घटना के समय नाबालिग था। उसको जमानत 30 अगस्त को मिली। इसके बाद से वह गांव में ही रह रहा था। किशोरी के परिजनों ने साजिश रचते हुए हत्या का आरोप मामा-भांजे पर इसलिए लगाया था कि फिर वे जेल चले जाएंगे, लेकिन पुलिस की जांच में षड्यंत्र का खुलासा हो गया।
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सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस टीम खुलासे में बनी मददगार
पुलिस ने वारदात की रात को मौके से साक्ष्य एकत्र किए और बृहस्पतिवार को सारा दिन आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस फुटेज से मदद मिली तो सर्विलांस की टीम ने अपनी छानबीन की। आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित होने पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद जब पुलिस ने पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया।
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किशोरी की हत्या उसके दो भाइयों ने मामा के साथ मिलकर की थी। मां भी इस हत्या की साजिश में शामिल रही। किशोरी की मां और दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। किशोरी के मामा की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। - कृष्ण कुमार, एसपी, संभल।
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घटना से एक घंटे पहले ही पप्पू के पिता का हुआ था निधन
गांव भमोरी पट्टी निवासी रिंकू और रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सेतुआ निवासी पप्पू मामा-भांजे हैं। पप्पू के पिता जुगली काफी समय से बीमार थे। बुधवार की रात करीब नाै बजे उनका निधन हो गया था। रिंकू गांव सेतुआ में ही मौजूद था। घटना करीब रात 10:30 बजे हुई तो पुलिस को रिंकू और पप्पू द्वारा हत्या किए जाने की जानकारी दी गई। पुलिस की टीम सक्रिय हुई। गांव सेतुआ पहुंची तो पप्पू और रिंकू मौके पर ही मिल गए। रिंकू ने बताया कि पप्पू उसका मामा है और उसके नाना जुगली का निधन हो गया है। वह काफी समय से गांव में ही है। पुलिस को उनकी बात पर यकीन हुआ, लेकिन नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के कारण पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था। सर्विलांस और अन्य माध्यम से छानबीन में सामने आया कि पप्पू और रिंकू का हत्या में हाथ नहीं है। इसके बाद ही परिवार की ओर शक की सूई घूम गई और पुलिस ने छानबीन आगे बढ़ाई तो आरोप दबोच लिए गए।
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बड़े भाई विनीत ने जब पहली गोली सिर में मारी तो उसने भागने का प्रयास किया और कुछ पल के लिए संघर्ष किया, लेकिन दूसरे भाई नीरज ने बबीता को पकड़ लिया। इसी दौरान विनीत ने दूसरी गोली सीने में उतार दी और बबीता वहीं ढेर हो गई। मां ने आंखों के सामने बेटी की हत्या होते हुए देखी, लेकिन कोई विरोध नहीं किया।
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भाइयों के भी बहन को मारते हुए हाथ नहीं कांपे। किशोरी का मामा महावीर भी वहीं खड़ा रहा। माैत की पुष्टि होने पर चारों आरोपी वहां से भाग गए। बाद में षड्यंत्र के तहत आरोपियों ने हत्या का आरोप पड़ोसी युवक रिंकू और उसके मामा पप्पू पर लगा दिया।
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घटना के बाद से गांव के लोग रिंकू और उसके मामा को ही आरोपी समझ रहे थे, लेकिन जब खुलासा हुआ तो सभी हैरान हो गए। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि मां के सामने ही उसकी बेटी की हत्या हो गई और उसने चूं तक नहीं किया। जिन भाइयों की कलाई पर बबीता राखी बांधती थी, उन्हीं ने उसे माैत के घाट उतार दिया। मामा भी इस पूरे हत्याकांड में शामिल रहा। हत्या के बाद सभी लोग रो-रोकर ढोंग कर रहे थे। क्षेत्र में पूरे दिन यह घटना चर्चा का विषय बनी रही।
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किशोरी के अपहरण में जेल गए थे मामा-भांजे
किशोरी के पिता प्रीतम सिंह ने 23 फरवरी 2024 को गाजियाबाद के थाना लिंक रोड में बबीता के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें रिंकू पर बहला-फुसलाकर किशोरी को ले जाने का आरोप था। उसके मामा पप्पू को भी आरोपी बनाकर जेल भेजा गया था। रिंकू को तीन मार्च 2024 को गाजियाबाद के लिंक रोड थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। रिंकू घटना के समय नाबालिग था। उसको जमानत 30 अगस्त को मिली। इसके बाद से वह गांव में ही रह रहा था। किशोरी के परिजनों ने साजिश रचते हुए हत्या का आरोप मामा-भांजे पर इसलिए लगाया था कि फिर वे जेल चले जाएंगे, लेकिन पुलिस की जांच में षड्यंत्र का खुलासा हो गया।
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सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस टीम खुलासे में बनी मददगार
पुलिस ने वारदात की रात को मौके से साक्ष्य एकत्र किए और बृहस्पतिवार को सारा दिन आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस फुटेज से मदद मिली तो सर्विलांस की टीम ने अपनी छानबीन की। आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित होने पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद जब पुलिस ने पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया।
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किशोरी की हत्या उसके दो भाइयों ने मामा के साथ मिलकर की थी। मां भी इस हत्या की साजिश में शामिल रही। किशोरी की मां और दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। किशोरी के मामा की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। - कृष्ण कुमार, एसपी, संभल।
घटना से एक घंटे पहले ही पप्पू के पिता का हुआ था निधन
गांव भमोरी पट्टी निवासी रिंकू और रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सेतुआ निवासी पप्पू मामा-भांजे हैं। पप्पू के पिता जुगली काफी समय से बीमार थे। बुधवार की रात करीब नाै बजे उनका निधन हो गया था। रिंकू गांव सेतुआ में ही मौजूद था। घटना करीब रात 10:30 बजे हुई तो पुलिस को रिंकू और पप्पू द्वारा हत्या किए जाने की जानकारी दी गई। पुलिस की टीम सक्रिय हुई। गांव सेतुआ पहुंची तो पप्पू और रिंकू मौके पर ही मिल गए। रिंकू ने बताया कि पप्पू उसका मामा है और उसके नाना जुगली का निधन हो गया है। वह काफी समय से गांव में ही है। पुलिस को उनकी बात पर यकीन हुआ, लेकिन नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के कारण पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था। सर्विलांस और अन्य माध्यम से छानबीन में सामने आया कि पप्पू और रिंकू का हत्या में हाथ नहीं है। इसके बाद ही परिवार की ओर शक की सूई घूम गई और पुलिस ने छानबीन आगे बढ़ाई तो आरोप दबोच लिए गए।