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Sambhal News: बझांगी समेत कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे, फसलें जलमग्न
Wed, 09 Sep 2026 01:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 09 Sep 2026 01:53 AM IST
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जुनावई के बझांगी गांव में बाढ़ के पानी के बीच होकर गुजरते बच्चे - संवाद
जुनावई (संभल)। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी उफान पर है। क्षेत्र में बांध के अंदर बसे तटीय गांव रघुपुर पुख्ता, मेंगरा, सालिंग की मढ़ईया, उदिया नगला, बझांगी और तोतापुर समेत कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। खेतों और गांव के आसपास पानी भरने से किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। कई खेतों में बीते 15 दिन से पानी भरा हुआ है, जिससे गन्ना, मक्का, बाजरा, धान और दलहन की फसलें सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है।
गांव निवासी बुजुर्ग भगवान सिंह और मदन पाल ने बताया कि गन्ने के खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने से गन्ने में निकलने वाला नया किल्ला सड़कर खराब हो गया है। बढ़वार रुक गई है और आने वाले समय में पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। किसानों का कहना है कि अगर जल्द पानी नहीं निकला तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।
हल्का लेखपाल आकाश कुमार ने मौके पर पहुंचकर किसानों को आश्वासन दिया कि फसल खराब होने की स्थिति में तहसील स्तरीय राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे कराया जाएगा। नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। बाढ़ से घिरे गांवों में आवागमन, पशुओं के चारे और फसलों को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। किसानों ने प्रशासन से बाढ़ पर निगरानी बढ़ाने और जल्द सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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पशुशालाओं में घुसा बाढ़ का पानी, लाखों का भूसा सड़ा
पानी भरा होने के कारण ग्रामीण लिंक रोड पर पशुओं को बांधने को मजबूर
जुनावई। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तोतापुर और बझांगी गांव में किसानों की पशुशालाओं में घुस गया है, जिससे भूसे की बोंगियां भीगकर खराब हो गई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक 10 से 15 किसानों का लाखों रुपये का भूसा बर्बाद हो गया है, जिससे पशुओं के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है।
तोतापुर निवासी किसान राम भरोसे ने बताया कि पशुशाला में पानी भरने से 20 हजार रुपये से अधिक का भूसा खराब हो गया। जगदीश कुमार का करीब 40 हजार, बझांगी के किसान चरण सिंह का 30 हजार और वीरेश कुमार का 20 हजार रुपये का भूसा सड़ गया है। पशुशालाओं में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों ने ने पशुओं को निकालकर काशीपुर-साधुमढ़ी लिंक रोड पर बांध दिया है। तोतापुर में पप्पू सिंह, चरण सिंह, विकास कुमार, वेद प्रकाश, राजपाल सिंह, राकेश कुमार और दानी सिंह सहित कई किसानों की पशुशालाएं जलमग्न हैं। उदिया नगला के मदनपाल सिंह ने बताया कि गांव के पुष्पेंद्र कुमार की पशुशाला में पानी घुसने के बाद वह पशुओं और सामान लेकर संभल के नारंगपुर गांव चले गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पशुओं के लिए तत्काल चारे की व्यवस्था और नुकसान का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
बझांगी-उदिया नगला मार्ग पर चार फीट तक बाढ़ का पानी, ग्रामीणों ने मांगीं नाव
जुनावई। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जुनावई ब्लॉक के बझांगी और उदिया नगला गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। इससे आवागमन ठप हो गया है। पशुओं के लिए चारा लाने और बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है।
ग्रामीण मदन पाल और देवेंद्र कुमार ने बताया कि रास्ते पर पानी की गहराई अधिक होने से पैदल निकलना संभव नहीं है। बच्चों को बझांगी स्थित स्कूल तक जाने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोनों गांवों के लिए दो नावों की व्यवस्था करने की मांग की है। मामले को लेकर हल्का लेखपाल आकाश कुमार ने गुन्नौर एसडीएम अवधेश कुमार वर्मा से वार्ता की। लेखपाल ने एसडीएम को बताया कि उदिया नगला के लोगों को चारा लाने और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने तत्काल नाव उपलब्ध कराने का आग्रह किया। लेखपाल आकाश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर एसडीएम ने दो नाव भिजवाने के आदेश दे दिए हैं। देर शाम तक नाव गांव में पहुंचने की उम्मीद है।
बाढ़ प्रभावित तीन गांवों में तीन दिन से बिजली गुल
जुनावई। गंगा में आई बाढ़ से घिरे जुनावई क्षेत्र के बझांगी, उदिया नगला और तोतापुर गांवों में तीन दिन से बिजली गुल है। सुरक्षा कारणों से बिजली विभाग ने लाइन काट दी है। इससे ग्रामीणों की मुसीबत और बढ़ गई है।
ग्रामीण मदनलाल ने बताया कि बिजली न होने से मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अपनों से संपर्क कट गया है। शाम होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि चारों तरफ पानी भरा है, ऐसे में अंधेरे में कीड़े-मकोड़े और सांप निकलने का खतरा बना रहता है। रात में घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि जब तक लाइन बहाल नहीं होती, तब तक गांवों में वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था की जाए। सोलर लाइट या जनरेटर से प्रकाश की व्यवस्था की जाए ताकि रात में हादसे से बचा जा सके।
बाढ़ प्रभावित उदिया नगला में लगा स्वास्थ्य शिविर
जुनावई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग लगातार शिविर लगाकर ग्रामीणों को राहत पहुंचा रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. बिरास यादव के निर्देशन में मंगलवार को उदिया नगला गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। चिकित्सक डॉ. शनि यादव के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य टीम ने गांव में करीब 65 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया। शिविर में चर्म रोग, बुखार, सर्दी-खांसी के मरीज अधिक संख्या में मिले। टीम ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं निशुल्क वितरित कीं। साथ ही ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान साफ-सफाई बनाए रखने, उबला हुआ पानी पीने और दूषित पानी से बचने की सलाह दी गई। संवाद
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पिछले वर्ष की तुलना में अभी गंगा का जलस्तर कम है, लेकिन बारिश अधिक होने के कारण जमीन पानी नहीं सोख पा रही है। स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर जा रहा है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया जा चुका है। प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। -अवधेश कुमार वर्मा, एसडीएम गुन्नौर
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गांव निवासी बुजुर्ग भगवान सिंह और मदन पाल ने बताया कि गन्ने के खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने से गन्ने में निकलने वाला नया किल्ला सड़कर खराब हो गया है। बढ़वार रुक गई है और आने वाले समय में पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। किसानों का कहना है कि अगर जल्द पानी नहीं निकला तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।
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हल्का लेखपाल आकाश कुमार ने मौके पर पहुंचकर किसानों को आश्वासन दिया कि फसल खराब होने की स्थिति में तहसील स्तरीय राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे कराया जाएगा। नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। बाढ़ से घिरे गांवों में आवागमन, पशुओं के चारे और फसलों को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। किसानों ने प्रशासन से बाढ़ पर निगरानी बढ़ाने और जल्द सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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पशुशालाओं में घुसा बाढ़ का पानी, लाखों का भूसा सड़ा
पानी भरा होने के कारण ग्रामीण लिंक रोड पर पशुओं को बांधने को मजबूर
जुनावई। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तोतापुर और बझांगी गांव में किसानों की पशुशालाओं में घुस गया है, जिससे भूसे की बोंगियां भीगकर खराब हो गई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक 10 से 15 किसानों का लाखों रुपये का भूसा बर्बाद हो गया है, जिससे पशुओं के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है।
तोतापुर निवासी किसान राम भरोसे ने बताया कि पशुशाला में पानी भरने से 20 हजार रुपये से अधिक का भूसा खराब हो गया। जगदीश कुमार का करीब 40 हजार, बझांगी के किसान चरण सिंह का 30 हजार और वीरेश कुमार का 20 हजार रुपये का भूसा सड़ गया है। पशुशालाओं में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों ने ने पशुओं को निकालकर काशीपुर-साधुमढ़ी लिंक रोड पर बांध दिया है। तोतापुर में पप्पू सिंह, चरण सिंह, विकास कुमार, वेद प्रकाश, राजपाल सिंह, राकेश कुमार और दानी सिंह सहित कई किसानों की पशुशालाएं जलमग्न हैं। उदिया नगला के मदनपाल सिंह ने बताया कि गांव के पुष्पेंद्र कुमार की पशुशाला में पानी घुसने के बाद वह पशुओं और सामान लेकर संभल के नारंगपुर गांव चले गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पशुओं के लिए तत्काल चारे की व्यवस्था और नुकसान का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
बझांगी-उदिया नगला मार्ग पर चार फीट तक बाढ़ का पानी, ग्रामीणों ने मांगीं नाव
जुनावई। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जुनावई ब्लॉक के बझांगी और उदिया नगला गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। इससे आवागमन ठप हो गया है। पशुओं के लिए चारा लाने और बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है।
ग्रामीण मदन पाल और देवेंद्र कुमार ने बताया कि रास्ते पर पानी की गहराई अधिक होने से पैदल निकलना संभव नहीं है। बच्चों को बझांगी स्थित स्कूल तक जाने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोनों गांवों के लिए दो नावों की व्यवस्था करने की मांग की है। मामले को लेकर हल्का लेखपाल आकाश कुमार ने गुन्नौर एसडीएम अवधेश कुमार वर्मा से वार्ता की। लेखपाल ने एसडीएम को बताया कि उदिया नगला के लोगों को चारा लाने और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने तत्काल नाव उपलब्ध कराने का आग्रह किया। लेखपाल आकाश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर एसडीएम ने दो नाव भिजवाने के आदेश दे दिए हैं। देर शाम तक नाव गांव में पहुंचने की उम्मीद है।
बाढ़ प्रभावित तीन गांवों में तीन दिन से बिजली गुल
जुनावई। गंगा में आई बाढ़ से घिरे जुनावई क्षेत्र के बझांगी, उदिया नगला और तोतापुर गांवों में तीन दिन से बिजली गुल है। सुरक्षा कारणों से बिजली विभाग ने लाइन काट दी है। इससे ग्रामीणों की मुसीबत और बढ़ गई है।
ग्रामीण मदनलाल ने बताया कि बिजली न होने से मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अपनों से संपर्क कट गया है। शाम होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि चारों तरफ पानी भरा है, ऐसे में अंधेरे में कीड़े-मकोड़े और सांप निकलने का खतरा बना रहता है। रात में घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि जब तक लाइन बहाल नहीं होती, तब तक गांवों में वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था की जाए। सोलर लाइट या जनरेटर से प्रकाश की व्यवस्था की जाए ताकि रात में हादसे से बचा जा सके।
बाढ़ प्रभावित उदिया नगला में लगा स्वास्थ्य शिविर
जुनावई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग लगातार शिविर लगाकर ग्रामीणों को राहत पहुंचा रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. बिरास यादव के निर्देशन में मंगलवार को उदिया नगला गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। चिकित्सक डॉ. शनि यादव के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य टीम ने गांव में करीब 65 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया। शिविर में चर्म रोग, बुखार, सर्दी-खांसी के मरीज अधिक संख्या में मिले। टीम ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं निशुल्क वितरित कीं। साथ ही ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान साफ-सफाई बनाए रखने, उबला हुआ पानी पीने और दूषित पानी से बचने की सलाह दी गई। संवाद
पिछले वर्ष की तुलना में अभी गंगा का जलस्तर कम है, लेकिन बारिश अधिक होने के कारण जमीन पानी नहीं सोख पा रही है। स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर जा रहा है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया जा चुका है। प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। -अवधेश कुमार वर्मा, एसडीएम गुन्नौर