संभल संभालने में लगे तेज तर्रार अफसर: शहर में रातभर बज रहे सायरन, बवालियों की तलाश में दबिश, अब ऐसा है माहौल
संभल और नखासा में बवाल के बाद पुलिस वीडियो और फोटो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। अब तक 27 बवाली, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं जेल भेजे जा चुके हैं। जामा मस्जिद और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त जारी है।
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संभल के तीन स्थानों पर बवाल करने के आरोपियों को पुलिस फोटो और वीडियो के आधार पर तलाश कर रही है। बवालियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जिससे उन्हें पहचान कर गिरफ्तार किया जा सके। कई बवाली पहचाने जा चुके हैं, उनकी तलाश में देर रात तक पुलिस ने दबिश दी लेकिन वह गिरफ्तार नहीं हो सके।
बवाल वाले क्षेत्र में ज्यादातर लोग घर छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस की गाड़ियां देर रात तक सायरन बजाकर घूमती रहीं। अन्य क्षेत्र में भी पुलिस मुस्तैद है। संभल और नखासा थाना क्षेत्र से 27 बवालियों को जेल भेजा जा चुका है। इसमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। इन महिलाओं पर भी पुलिस ने पथराव करने का आरोप लगाया है।
अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि जो आरोपी पकड़े गए थे, उन्हें जेल भेज दिया है। अब प्राथमिकता है कि शहर का माहौल सामान्य किया जाए। जो फुटेज के आधार पर पहचाने जाएंगे उनको तो गिरफ्तार किया ही जाएगा।
जामा मस्जिद के आसपास पसरा सन्नाटा
जामा मस्जिद के नजदीक से शुरू हुआ बवाल नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा तक पहुंच गया था।। गनीमत यह रही कि पुलिस ने पूरे शहर को इस बवाल की चपेट में आने से बचा लिया। पुलिस समय रहते काबू कर लिया गया।
मंगलवार को जामा मस्जिद, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति दिखाई दी। स्थानीय लोगों के अलावा कोई दिखाई नहीं दिया। नखासा तिराहे पर कुछ फल के ठेले लगे लेकिन देर शाम तक उनकी बिक्री पुलिस द्वारा ही कराई गई।
कई जिलों से भी बुलाए गए अफसर
बवाल के बाद मंडल भर के अधिकारी बुला लिए गए हैं। बिजनौर जनपद के एसपी पूर्वी और मुरादाबाद से एसपी यातायात को निगरानी के लिए लगाया गया है। अमरोहा और रामपुर से डीएसपी व इंस्पेक्टर को भी ड्यूटी में लगाया गया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में दरोगा और सिपाही की ड्यूटी गई है। पीएसी जवान और अधिकारी भी संभल में मौजूद हैं।