Sambhal News: उपद्रवियों की तलाश में जुटीं पुलिस की 10 टीमें, सांसद के अवैध निर्माण मामले की अब 10 को सुनवाई
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के मकान में अवैध निर्माण मामले में एसडीएम ने 10 फरवरी तक साक्ष्य प्रस्तुत करने का अंतिम मौका दिया है। अधिवक्ता ने समय मांगा, लेकिन अब तक साक्ष्य नहीं दिए गए। साक्ष्य न देने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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सांसद जियाउर्रहमान बर्क के मकान में अवैध निर्माण मामले में मंगलवार को एसडीएम वंदना मिश्रा ने सुनवाई की। सांसद के अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र देकर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा है। एसडीएम ने अगली तिथि 10 फरवरी तय की है। एसडीएम का कहना है कि यह अंतिम समय दिया गया है। अब साक्ष्य नहीं दिए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
सांसद के दीपासराय में स्थित मकान के निर्माण को प्रशासन ने अवैध माना था। नियत प्राधिकारी/उपजिलाधिकारी विनियमित क्षेत्र संभल की ओर से सांसद को बिना अनुमति निर्माण करने पर नोटिस जारी किया गया था। उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन एक्ट 1958 का उल्लंघन बताया था।
इस अवैध निर्माण मामले में चार बार समय बढ़ाया गया है। लेकिन 10 फरवरी अंतिम समय बढ़ाया गया है। मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के अधिवक्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कोर्ट से कई बार समय की मांग कर चुके हैं। लेकिन अभी तक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
एसडीएम का कहना है कि साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए चार बार नोटिस जारी किया जा चुका है। अब 10 फरवरी का अंतिम समय है। यदि इस अवधि में साक्ष्य नहीं दे पाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो सांसद के अधिवक्ता ने 23 जनवरी को प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि जो निर्माण अवैध बताया जा रहा है वह नवनिर्माण नहीं है।
साथ ही जिस संपत्ति पर निर्माण हुआ है वह सांसद जियाउर्रहमान के पिता ममलुकुर्रहमान बर्क के नाम पालिका में दर्ज है। हालांकि पालिका के ईओ का कहना है कि वह संपत्ति सांसद के नाम से ही दर्ज है। इन सभी दावों के साक्ष्य एसडीएम द्वारा मांगे गए हैं।
उपद्रवियों की तलाश में जुटीं 10 टीमें, नहीं मिल रही कामयाबी
संभल बवाल में शामिल उपद्रवियों की तलाश में पुलिस की 10 टीमें लगी हैं, लेकिन पुलिस को अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिल पा रही है। आसपास के जिलों के साथ ही टीमें दूसरे प्रदेश में भी आरोपियों की तलाश कर रही हैं। शारिक साटा गिरोह के सदस्य भी पुलिस के हाथ नहीं आ पा रहे हैं।
संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दाैरान 24 नवंबर को बवाल हुआ था। जिसमें चार लोगों की माैत हो गई थी। जबकि दर्जनभर पुलिसकर्मियों के साथ ही कई लोग घायल हुए थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि जामा मस्जिद सर्वे के दौरान माहौल शारिक साटा गिरोह के सदस्यों ने खराब किया था।
दो सदस्य चार लोगों की हत्या में जेल जा चुके हैं। इस बवाल में जो अन्य सदस्य शामिल रहे थे उनकी तलाश में 10 टीमें लगी हैं। यह टीमें अन्य उपद्रवियों की भी तलाश में लगी हैं। हालांकि पुलिस को अब कोई सफलता नहीं मिली है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि 73 उपद्रवी जेल भेजे जा चुके हैं।
चार महिलाएं भी शामिल हैं। शारिक साटा गिरोह के मुल्ला अफरोज और वारिस को जेल भेजा है। अन्य जो भी शारिक साटा गिरेाह के सदस्य इस उपद्रव में शामिल रहे हैं उनकी भी तलाश की जा रही है। जल्द उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा।