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Sambhal News: सर्दी में कमजोर पड़ रही सेहत, बच्चे सर्वाधिक बीमार
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संभल। कड़ाके की सर्दी का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर है। हालांकि, युवा भी इससे अछूते नहीं हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में ठंड से पीड़ित मरीजों की भीड़ लगी रही। बुजुर्गों को सांस और गठिया जैसी बीमारियां सता रही हैं, वहीं बच्चे कोल्ड डायरिया व निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं।
मंगलवार सुबह ओपीडी शुरू होने के साथ ही पर्चा काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतार लग गईं। बाल रोग विशेषज्ञ और फिजीशियन कक्षों के बाहर सबसे ज्यादा मरीजों की मौजूदगी रही। फिजीशियन डॉ. चमन प्रकाश के पास आने वाले बुजुर्ग मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.दीप शिखा सिंह ने बताया कि करीब 80 बच्चों को ओपीडी में देखा गया, जिनमें अधिकांश मौसम जनित बीमारियों से ग्रसित रहे। बताया कि बच्चों में इन दिनों डायरिया, निमोनिया है। सर्दी-जुखाम से भी बच्चे पीड़ित मिल रहे हैं।
बताया कि ठंड के दौरान धूप निकलने पर अभिभावक मालिश करते हैं, यह गलत है। क्योंकि ठंड में धूप लेने से शरीर को राहत तो मिलती है पर छोटे बच्चों की मालिश करना घातक साबित हो रहा है। मालिश के दौरान बच्चों को धूप के साथ ठंडी हवा भी लगती है, जो उन्हें नुकसान पहुंचाती है। इस कारण ठंड बढ़ने के बाद निमोनिया के मरीज भी आने लगे हैं। इस समय निमोनिया से पीडि़त पांच बच्चे भर्ती हैं। ठंड और बढ़ने पर निमोनिया के केस बढ़ने की आशंका है।
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मंगलवार सुबह ओपीडी शुरू होने के साथ ही पर्चा काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतार लग गईं। बाल रोग विशेषज्ञ और फिजीशियन कक्षों के बाहर सबसे ज्यादा मरीजों की मौजूदगी रही। फिजीशियन डॉ. चमन प्रकाश के पास आने वाले बुजुर्ग मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.दीप शिखा सिंह ने बताया कि करीब 80 बच्चों को ओपीडी में देखा गया, जिनमें अधिकांश मौसम जनित बीमारियों से ग्रसित रहे। बताया कि बच्चों में इन दिनों डायरिया, निमोनिया है। सर्दी-जुखाम से भी बच्चे पीड़ित मिल रहे हैं।
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बताया कि ठंड के दौरान धूप निकलने पर अभिभावक मालिश करते हैं, यह गलत है। क्योंकि ठंड में धूप लेने से शरीर को राहत तो मिलती है पर छोटे बच्चों की मालिश करना घातक साबित हो रहा है। मालिश के दौरान बच्चों को धूप के साथ ठंडी हवा भी लगती है, जो उन्हें नुकसान पहुंचाती है। इस कारण ठंड बढ़ने के बाद निमोनिया के मरीज भी आने लगे हैं। इस समय निमोनिया से पीडि़त पांच बच्चे भर्ती हैं। ठंड और बढ़ने पर निमोनिया के केस बढ़ने की आशंका है।
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