{"_id":"6a3c372237757d5aa40002cc","slug":"dhanari-journalist-virendra-singh-passes-away-sambhal-news-c-204-1-chn1003-130422-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: धनारी के पत्रकार वीरेंद्र सिंह का निधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: धनारी के पत्रकार वीरेंद्र सिंह का निधन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जुनावई। धनारी के पत्रकार वीरेंद्र सिंह का बुधवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वह 55 वर्ष के थे।
उनके बड़े पुत्र प्रदीप कुमार ने बताया बुधवार सुबह वह टहलने के लिए घर से निकले थे। रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ गई। तुरंत उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां मृत घोषित कर दिया गया।
लगभग 30 वर्ष से पत्रकारिता से जुड़े वीरेंद्र सिंह की क्षेत्र में पहचान व्यवहार कुशल, निष्पक्ष और तटस्थ पत्रकार के रूप में थी। वह समय-समय पर अपनी खबरों से ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं और मुद्दों को गंभीरता से उठाते रहे। उनके पांच बेटे और तीन बेटियों में से दो बेटे और दो बेटियां अभी अविवाहित हैं। उनके निधन की जानकारी मिलते ही मीडिया ही नहीं, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व सामाजिक लोग दुख प्रकट करने पहुंचे। गमगीन माहौल में शाम को गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। छोटे पुत्र नितिन कुमार ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
उनके बड़े पुत्र प्रदीप कुमार ने बताया बुधवार सुबह वह टहलने के लिए घर से निकले थे। रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ गई। तुरंत उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां मृत घोषित कर दिया गया।
लगभग 30 वर्ष से पत्रकारिता से जुड़े वीरेंद्र सिंह की क्षेत्र में पहचान व्यवहार कुशल, निष्पक्ष और तटस्थ पत्रकार के रूप में थी। वह समय-समय पर अपनी खबरों से ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं और मुद्दों को गंभीरता से उठाते रहे। उनके पांच बेटे और तीन बेटियों में से दो बेटे और दो बेटियां अभी अविवाहित हैं। उनके निधन की जानकारी मिलते ही मीडिया ही नहीं, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व सामाजिक लोग दुख प्रकट करने पहुंचे। गमगीन माहौल में शाम को गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। छोटे पुत्र नितिन कुमार ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन