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Sambhal News: टेट पास शिक्षामित्रों ने मांगा नियमितीकरण और आरक्षण
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संभल। शिक्षक दिवस पर टेट उत्तीर्ण शिक्षामित्र उत्थान समिति ने बहजोई कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने उत्तराखंड की तर्ज पर ढाई दशक से कार्यरत शिक्षामित्रों को नियमित करने की मांग की। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित था और डिप्टी कलेक्टर को दिया गया।
समिति ने बताया कि उत्तर प्रदेश में करीब 80 हजार टेट पास शिक्षामित्र कार्यरत हैं। ये सभी स्नातक, बीटीसी, टीईटी और सीटेट उत्तीर्ण हैं। वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा निर्धारित सभी अनिवार्य अर्हताएं पूरी करते हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित शिक्षक का दर्जा और वेतनमान नहीं मिल रहा है। यह समान कार्य-समान वेतन के नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के प्रतिकूल है। समिति ने उत्तराखंड सरकार की प्रक्रिया का अध्ययन कर उत्तर प्रदेश में तत्काल विधिक नियमावली बनाने की मांग की।
अन्य मांगें और चेतावनी
आगामी शिक्षक भर्तियों में उम्र में छूट, कार्यानुभव का भारांक और मध्य प्रदेश की तर्ज पर 50 फीसदी आरक्षण भी मांगा गया। गैर-टेट शिक्षामित्रों को भी विभागीय टेट परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने की मांग की गई। समिति ने चेतावनी दी कि यदि इस विषय पर शीघ्र कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है। तो प्रदेश भर के टेट पास शिक्षामित्र अपने परिवारों के साथ लखनऊ पहुंचेंगे। वे मुख्यमंत्री के समक्ष उपस्थित होकर शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक ढंग से न्याय की गुहार लगाएंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष सीतू त्यागी, जिला संयुक्त मंत्री शिवानी चाहल, आदर्श चाहल, शिवानी चाहल आदि रहीं।
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समिति ने बताया कि उत्तर प्रदेश में करीब 80 हजार टेट पास शिक्षामित्र कार्यरत हैं। ये सभी स्नातक, बीटीसी, टीईटी और सीटेट उत्तीर्ण हैं। वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा निर्धारित सभी अनिवार्य अर्हताएं पूरी करते हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित शिक्षक का दर्जा और वेतनमान नहीं मिल रहा है। यह समान कार्य-समान वेतन के नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के प्रतिकूल है। समिति ने उत्तराखंड सरकार की प्रक्रिया का अध्ययन कर उत्तर प्रदेश में तत्काल विधिक नियमावली बनाने की मांग की।
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अन्य मांगें और चेतावनी
आगामी शिक्षक भर्तियों में उम्र में छूट, कार्यानुभव का भारांक और मध्य प्रदेश की तर्ज पर 50 फीसदी आरक्षण भी मांगा गया। गैर-टेट शिक्षामित्रों को भी विभागीय टेट परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने की मांग की गई। समिति ने चेतावनी दी कि यदि इस विषय पर शीघ्र कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है। तो प्रदेश भर के टेट पास शिक्षामित्र अपने परिवारों के साथ लखनऊ पहुंचेंगे। वे मुख्यमंत्री के समक्ष उपस्थित होकर शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक ढंग से न्याय की गुहार लगाएंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष सीतू त्यागी, जिला संयुक्त मंत्री शिवानी चाहल, आदर्श चाहल, शिवानी चाहल आदि रहीं।
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