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आनलाइन आवेदन फार्म भरे जाने के लिए बनी वेबसाइट अपडेट नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Fri, 13 Nov 2015 12:37 AM IST
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कितनी गैर जिम्मेदारी से काम हो रहा है। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं विवि की वेबसाइट पर तमाम सूचनाएं पुरानी हैं। उसे अपडेट नहीं किया गया जिसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। इस सत्र के परीक्षा फार्म आनलाइन भरे जाने हैं लेकिन फी-स्ट्रक्चर अपडेट नहीं किया गया।
यदि आप यह जानना चाहेंगे कि किस कोर्स की फीस कितनी है तो आपको निराशा होगी। बीए, बीकाम, बीएससी के इस समय फार्म भरे जा रहे हैं। वेबसाइट पर फीस का ब्योरा नहीं है। कैसे पता लगे कि किस कोर्स की कितनी फीस है। अब आएं प्रवेश नियमावली के सवाल पर? नई नियमावली वेबसाइट पर नहीं है।
वेबसाइट खोलने पर वर्ष 2014-15 की नियमावली नजर आती है जबकि इसमें काफी बदलाव हो चुका है। विश्वविद्यालय की नई सूचनाएं जानने के लिए जब आप वेबसाइट खोलेंगे तो आपको 19 जनवरी 2015 तक की सूचनाएं मिलेंगी। जबकि इसके बाद कई नए पत्र जारी हो चुके हैं।
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अब सवाल यह है कि जो विवि ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए खुद अपडेट नहीं है वह छात्र- छात्राओं को क्या अपडेट करेगा। भटकते हुए छात्र अपने अपने कालेजों में प्राचार्य और लिपिकों के पास जाते हैं। इन्हें पुराने पत्रों और पुराने फी-स्ट्रक्चर देखकर जानकारी दी जा रही है।
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यदि आप यह जानना चाहेंगे कि किस कोर्स की फीस कितनी है तो आपको निराशा होगी। बीए, बीकाम, बीएससी के इस समय फार्म भरे जा रहे हैं। वेबसाइट पर फीस का ब्योरा नहीं है। कैसे पता लगे कि किस कोर्स की कितनी फीस है। अब आएं प्रवेश नियमावली के सवाल पर? नई नियमावली वेबसाइट पर नहीं है।
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वेबसाइट खोलने पर वर्ष 2014-15 की नियमावली नजर आती है जबकि इसमें काफी बदलाव हो चुका है। विश्वविद्यालय की नई सूचनाएं जानने के लिए जब आप वेबसाइट खोलेंगे तो आपको 19 जनवरी 2015 तक की सूचनाएं मिलेंगी। जबकि इसके बाद कई नए पत्र जारी हो चुके हैं।
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अब सवाल यह है कि जो विवि ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए खुद अपडेट नहीं है वह छात्र- छात्राओं को क्या अपडेट करेगा। भटकते हुए छात्र अपने अपने कालेजों में प्राचार्य और लिपिकों के पास जाते हैं। इन्हें पुराने पत्रों और पुराने फी-स्ट्रक्चर देखकर जानकारी दी जा रही है।