Sambhal violence: शारिक साटा गिरोह के मुल्ला अफरोज व दो साथियों पर आरोप तय, 12 को होगी सुनवाई
संभल हिंसा के आरोपी मुल्ला अफरोज, गुलाम नबी और वारिस पर जिला न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह की अदालत में हत्या सहित पांच मुकदमों में आरोप तय किए गए। तीनों आरोपियों को मुरादाबाद जेल से कड़ी सुरक्षा में अदालत लाया गया। कोर्ट ने 12 जून को अभियोजन पक्ष से गवाह पेश करने के लिए तारीख तय की है।
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विस्तार
संभल हिंसा के शारिक साटा गिरोह के सक्रिय सदस्य मुल्ला अफरोज समेत गुलाम नबी और वारिस पर शनिवार को जनपद न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह के न्यायालय में आरोप तय किए गए। मुल्ला अफरोज और उसके साथियों पर संभल हिंसा के हत्या के तीन और एक अन्य हत्या समेत पांच मुकदमों में आरोप तय किए गए।
न्यायालय ने 12 जून की तारीख नियत कर दी है। 12 जून को अभियोजन पक्ष से गवाह पेश किए जाएंगे। इस दौरान न्यायालय परिसर में पुलिस की कड़ी चौकसी रही। शनिवार को मुल्ला अफरोज और उसके साथी गुलाम नवी व वारिस को संभल हिंसा में चार लोगों की हत्या समेत पांच मुकदमों में आरोप तय करने के लिए दोपहर सवा 12 बजे करीब मुरादाबाद जिला कारागार से कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच जिला न्यायालय लाया गया।
इसके बाद जिला न्यायालय परिसर में बनी हवालात में डाल दिया गया। शाम के समय जिला न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह के न्यायालय में तीनों आरोपियों को पांचों मुकदमों पर आरोप तय करने के लिए बुलाया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने संबंधित पांचों मुकदमों के बारे में बताया।
न्यायालय ने मुल्ला अफरोज से पूछा कि उन्हें कुछ कहना है कि तो मुल्ला अफरोज ने बताया कि वह एक प्रॉपर्टी डीलर है और उसके छोटे बच्चे हैं। जब ये घटना हुई थी। वह उस समय वहां मौजूद नहीं था और न ही घर पर था। उसे पुलिस द्वारा झूठे मुकदमों में फंसाया गया है।
जबकि मुल्ला अफरोज के दोनों साथी गुलाम नबी और वारिस ने अपने पक्ष में ऐसा कोई बयान नहीं दिया। इस दौरान मुल्ला अफरोज ने न्यायालय से मांग की कि जिस दिन मिलाई की तारीख हो उस दिन कोर्ट की तारीख न हो। जिला शासकीय अधिवक्ता ने अभियोजन साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए गवाहों की सूची मुकदमों की पत्रावलियों में दाखिल कर दी।
कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही कराई जाएगी और पूरी मजबूती के साथ इस मुकदमे में पैरवी की जाएगी। ताकि कोई भी आगे ऐसी घटना को अंजाम नहीं दे। इनको न्यायालय द्वारा कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे। बताया कि न्यायालय ने सुनवाई के लिए 12 जून की तारीख नियत कर दी है।
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में गई थी पांच लोगों की जान, चार मामले हुए थे दर्ज
24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हुआ था। जामा मस्जिद के आसपास बवाल के दौरान पांच लोगों की जान चली गई थी। इसमें सरायतरीन निवासी बिलाल, हयातनगर निवासी रोमान, कोटगर्वी निवासी अयान, नईम और तुर्तीपुर इल्हा निवासी कैफ की जान गई थी।
इसमें रोमान के परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के ही शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया था। जबकि अन्य चार मृतकों के परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसआईटी की जांच में शारिक साटा गिरोह प्रकाश में आया। पुलिस ने मुल्ला अफरोज, गुलाम और वारिस की गिरफ्तारी की। साथ ही वह हथियार में बरामद किए जो बवाल के दौरान चलाए गए थे।
बवाल में बंद किसी भी आरोपी की नहीं हो सकी है रिहाई
एसआईटी ने 89 आरोपियों को जेल भेजा है। इसमें जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट भी शामिल हैं। जो आरोपी जेल गए हैं किसी भी आरोपी की रिहाई नहीं हुई है। सभी मुरादाबाद की जेल में बंद हैं। कुछ आरोपियों को अलग-अलग मुकदमों में जमानत मिली है लेकिन दूसरे मुकदमों में जमानत मिलनी बाकी है। इसलिए रिहाई नहीं हो सकी है।