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Sambhal News: 95 लाख रुपये की बीमा धनराशि हड़पने के लिए सगे भाई ने की थी हत्या, अधिवक्ता ने दी थी सलाह
Sat, 10 May 2025 12:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 10 May 2025 12:09 AM IST
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संभल। बीमे के 95 लाख रुपये की रकम हड़पने के लिए छोटे भाई ने बड़े दिव्यांग भाई को पहले चलते ई-रिक्शा से धक्का मारकर गिरा दिया और जब सांस चलने का अहसास हुआ तो सड़क पर जोर से सिर पटका और जान ले ली। मरा जानकर मौके से चला गया। जब लोग एकत्र हुए तो उन्होंने एंबुलेंस के माध्यम से सरकारी अस्पताल भेजा। जहां मृत होने की पुष्टि की गई। हत्या को हादसा बताकर आरोपी भाई ने एफआईआर भी दर्ज कराई। जब पुलिस को साक्ष्य नहीं मिले तो मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी। इसका पूरा फायदा आरोपी भाई को मिला। जो बीमे कराए गए थे। उसमें से एक कंपनी ने 20 लाख रुपये भी आरोपी के खाते में दे दिए। इस हत्या का खुलासा संभल एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने किया है। बहजोई थाना पुलिस ने मृतक के भाई और हत्या व बीमा कराने की सलाह देने वाले अधिवक्ता को गिरफ्तार किया है।
शुक्रवार को एसपी ने संभल स्थित एएसपी कार्यालय में हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि बदायूं जिले के थाना इस्लामनगर अंतर्गत मोहल्ला बमनपुरी निवासी दिव्यांग संजय की 20 जून 2024 को मौत हो गई थी। संजय के भाई नवीन ने बताया था कि वह अपने भाई को दवाई दिलाने के लिए जा रहा था। तभी ई-रिक्शा को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जिसमें उपचार को ले जाते समय संजय की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर हादसे में मौत होने की रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन साक्ष्य नहीं मिलने पर अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी।
एसपी ने बताया कि फर्जी बीमा करने वाले गिरोह के खिलाफ जिले में अभियान चल रहा है। इसी क्रम में यह मामला सामने आया। जब इसकी जांच पड़ताल की तो संजय की हत्या किए जाने की आशंका लगी। गहराई से जांच करने के लिए संजय के भाई नवीन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो पूरी कहानी प्याज के छिलकों की तरह खुलती चली गई।
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पुलिस ने आरोपी के सहयोगी अधिवक्ता अखिलेश को भी गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य आरोपी भागा हुआ है। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूरी साजिश के तहत हत्या की घटना को अंजाम दिया था।
आरोपी नवीन ने बताया कि अलग-अलग बीमा कंपनियों से 95 लाख रुपये की धनराशि पाने के लिए हत्या की थी। हत्या से पहले टाटा एआईजी की 10 लाख रुपये की पॉलिसी कराई थी। इसके अलावा नीवा कंपनी में 10 लाख, आईसीआईसीआई लोम्बर्ड की 50 लाख, एसबीआई जनरल 20 लाख व एक पॉलिसी पांच लाख रुपये की कराई गई थी। सभी पॉलिसी में क्लेम करने पर 95 लाख रुपये मिलने थे। इसमें 20 लाख रुपये एक पॉलिसी के मिल गए हैं जो खर्च कर दिए।
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शुक्रवार को एसपी ने संभल स्थित एएसपी कार्यालय में हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि बदायूं जिले के थाना इस्लामनगर अंतर्गत मोहल्ला बमनपुरी निवासी दिव्यांग संजय की 20 जून 2024 को मौत हो गई थी। संजय के भाई नवीन ने बताया था कि वह अपने भाई को दवाई दिलाने के लिए जा रहा था। तभी ई-रिक्शा को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जिसमें उपचार को ले जाते समय संजय की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर हादसे में मौत होने की रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन साक्ष्य नहीं मिलने पर अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी।
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एसपी ने बताया कि फर्जी बीमा करने वाले गिरोह के खिलाफ जिले में अभियान चल रहा है। इसी क्रम में यह मामला सामने आया। जब इसकी जांच पड़ताल की तो संजय की हत्या किए जाने की आशंका लगी। गहराई से जांच करने के लिए संजय के भाई नवीन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो पूरी कहानी प्याज के छिलकों की तरह खुलती चली गई।
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पुलिस ने आरोपी के सहयोगी अधिवक्ता अखिलेश को भी गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य आरोपी भागा हुआ है। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूरी साजिश के तहत हत्या की घटना को अंजाम दिया था।
आरोपी नवीन ने बताया कि अलग-अलग बीमा कंपनियों से 95 लाख रुपये की धनराशि पाने के लिए हत्या की थी। हत्या से पहले टाटा एआईजी की 10 लाख रुपये की पॉलिसी कराई थी। इसके अलावा नीवा कंपनी में 10 लाख, आईसीआईसीआई लोम्बर्ड की 50 लाख, एसबीआई जनरल 20 लाख व एक पॉलिसी पांच लाख रुपये की कराई गई थी। सभी पॉलिसी में क्लेम करने पर 95 लाख रुपये मिलने थे। इसमें 20 लाख रुपये एक पॉलिसी के मिल गए हैं जो खर्च कर दिए।