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Sambhal News: थैलेसीमिया पीड़ित को सीएचसी के बाहर छोड़कर भाग गया एंबुलेंस कर्मी, दम तोड़ा
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बबराला। गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गांव भौनानगला निवासी उदयवीर अपने थैलेसीमिया से ग्रसित बेटे अंकित (17) को एंबुलेंस से गुन्नौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराने लाया था लेकिन एंबुलेंस कर्मी बिना रिसीविंग कराए ही मरीज को सीएचसी परिसर में छोड़कर चला गया। अस्पताल परिसर में ही मरीज ने दम तोड़ दिया।
गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गांव भौनानगला निवासी उदयवीर ने बताया कि उसका पुत्र अंकित व 2010 से थैलेसीमिया का मरीज था। बेटे का अलीगढ़ मेडिकल में इलाज चल रहा था। जिसका पहले दो साल तक हर हफ्ते ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद महीने में एक बार यह प्रक्रिया होती थी। सोमवार को बेटे की तबीयत खराब होने पर देर शाम करीब 6:30 बजे बेटे को एंबुलेंस से गुन्नौर सीएचसी लाया गया था लेकिन एंबुलेंस कर्मियों ने अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों को बिना रिसीविंग कराए ही छोड़कर चला गया। जिसके कारण बेटे को समय से इलाज नहीं मिल पाया और उसे अलीगढ़ मेडिकल नहीं ले जा पाए। अंकित के पिता उदयवीर ने बताया कि मेरा एक पांच वर्षीय छोटा बेटा पुष्पेंद्र भी थैलेसीमिया बीमारी से ग्रसित है। उसका भी हर महीने ब्लड अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में चढ़ता है।
गुन्नौर सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट दीपक यादव ने बताया कि एंबुलेंस कर्मी बिना रिसीव कराए मरीज को अस्पताल परिसर में छोड़कर चला गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने जब बाहर चलकर देखा तो मरीज अपने परिजनों के साथ था। एंबुलेंस कर्मी मौके पर नहीं थे। इसके बाद संबंधित एंबुलेंस कर्मियों से फोन पर बात की गई तो उन्होंने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए ले जाने के लिए मना कर दिया। एएमई अजय गौतम ने बताया कि एंबुलेंस कर्मी से लापरवाही के संबंध में बात की तो उन्होंने आरोपों को निराधार बताया।
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सीएमओ डॉ. तरुण पाठक का कहना है कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है। इस मामले में जो एंबुलेंस अस्पताल छोड़ती है, वही अस्पताल में आईडी देने के बाद मरीज को लेकर जाती है। फिलहाल जानकारी कर जांच की जाएगी।
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गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गांव भौनानगला निवासी उदयवीर ने बताया कि उसका पुत्र अंकित व 2010 से थैलेसीमिया का मरीज था। बेटे का अलीगढ़ मेडिकल में इलाज चल रहा था। जिसका पहले दो साल तक हर हफ्ते ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद महीने में एक बार यह प्रक्रिया होती थी। सोमवार को बेटे की तबीयत खराब होने पर देर शाम करीब 6:30 बजे बेटे को एंबुलेंस से गुन्नौर सीएचसी लाया गया था लेकिन एंबुलेंस कर्मियों ने अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों को बिना रिसीविंग कराए ही छोड़कर चला गया। जिसके कारण बेटे को समय से इलाज नहीं मिल पाया और उसे अलीगढ़ मेडिकल नहीं ले जा पाए। अंकित के पिता उदयवीर ने बताया कि मेरा एक पांच वर्षीय छोटा बेटा पुष्पेंद्र भी थैलेसीमिया बीमारी से ग्रसित है। उसका भी हर महीने ब्लड अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में चढ़ता है।
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गुन्नौर सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट दीपक यादव ने बताया कि एंबुलेंस कर्मी बिना रिसीव कराए मरीज को अस्पताल परिसर में छोड़कर चला गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने जब बाहर चलकर देखा तो मरीज अपने परिजनों के साथ था। एंबुलेंस कर्मी मौके पर नहीं थे। इसके बाद संबंधित एंबुलेंस कर्मियों से फोन पर बात की गई तो उन्होंने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए ले जाने के लिए मना कर दिया। एएमई अजय गौतम ने बताया कि एंबुलेंस कर्मी से लापरवाही के संबंध में बात की तो उन्होंने आरोपों को निराधार बताया।
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सीएमओ डॉ. तरुण पाठक का कहना है कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है। इस मामले में जो एंबुलेंस अस्पताल छोड़ती है, वही अस्पताल में आईडी देने के बाद मरीज को लेकर जाती है। फिलहाल जानकारी कर जांच की जाएगी।