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अधिवक्ताओं ने विशेष सचिव पर कार्रवाई की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
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संभल के एडीएम कार्यालय में डीएम मनीष बंसल से वार्ता करते संभल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता।
- फोटो : SAMBHAL
चंदौसी। उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव द्वारा अधिवक्ताओं के लिए की गई अशोभनीय टिप्पणी से अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। उन्होंने शुक्रवार को तहसील गेट पर धरना प्रदर्शन कर उक्त आदेश को तत्काल वापिस लेने तथा विशेष सचिव पर कार्रवाई करने की मांग की।
बार कौसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को तहसील बार एसोसिएशन के तत्वावधान में तहसील परिसर में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव द्वारा 14 मई को पत्र में अधिवक्ताओं के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी व अराजक तत्व शब्द का प्रयोग किया गया। अधिवक्ताओं ने तहसील गेट पर धरना प्रदर्शन कर उक्त आदेश को तत्काल वापिस लेने तथा विशेष सचिव पर कार्रवाई करने की मांग की। इस अवसर पर राघव सिंह यादव, महपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, विनोद शर्मा, बाबू लाल, अशोक शर्मा, अशोक गुप्ता, विनोद गुप्ता, दिनेश यादव, इशरत अली, रितेश कुमार सिंह, ओमप्रकाश, पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, प्रेम पाल यादव, ओम प्रकाश राणा आदि मौजूद रहे।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विशेष सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इसमें कहा है कि उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव ने 14 मई को जारी अपने पत्र में समस्त अधिवक्ताओं को अराजक तत्व कहा है। शीघ्र ही उक्त आदेश को वापस लेने की मांग की गई है। साथ ही विशेष सचिव पर कार्रवाई की मांग की है। इस अवसर पर तेजेंद्र सिंह, महेश वार्ष्णेय, वीरेंद्र अवधेश गुप्ता, कमलेश बंधु, फिरोज आलम, विमल कुमार, रामकिशन राणा, मुन्ना बाबू, अतर सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाया, प्रदर्शन करके सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। जिला बार एसोसिएशन ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर यूपी सरकार के विशेष सचिव और अपर मुख्य सचिव के उस पत्र के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसमें अधिवक्ताओं को अराजक तत्व बताया गया है। जिसको लेकर अधिवक्ताओं में रोष है। सदस्यों ने प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें कहा है कि अधिवक्ताओं के प्रति कोई भी अमर्यादित टिप्पणी न की जाए।
जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता शुक्रवार को शहर के शंकर चौराहे पर एकत्र हुए और यूपी सरकार के विशेष सचिव और अपर मुख्य सचिव के पत्र के विरोध में प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्र को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल द्वारा जारी किए गए पत्र में अधिवक्ताओं को अराजक तत्व बताया गया है। इससे अधिवक्ताओं में रोष है। साथ ही अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी द्वारा जारी किया गया पत्र न्याय के शासन व अधिवक्ता सम्मान पर कुठाराघात करता है। बताया कि यह पत्र न केवल एक तरफा है बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त सभी को न्याय के संरक्षण से वंचित करता है। बताया कि दोनों पत्र कानूनों के राज में बाधक हैं। इस मामले में अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाया और न्यायिक कार्य से विरत रहे। बताया कि जनता के अधिकार अदालतों तक पहुंचाने के लिए अधिवक्ता महत्वपूर्ण कड़ी हैं। बताया कि अधिवक्ताओं को विश्वास में न लेकर अविलंब उपचारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन आगे बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान मोहम्मद कामिल, नेमत अली, इकरार हुसैन, समीर, नासिर हुसैन, इफ्तेकार, सलमान आरिफ, रफत अली, अली मोहम्मद, उमर अल्वी, मोहम्मद इस्लाम अहमद, जमाल, शीतल रानी, कमलेश, आलिया आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने अपर मुख्य सचिव के पत्र की घोर निंदा की, सीएम को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। संभल बार एसोसिएशन की बैठक ई-लाइब्रेरी कक्ष में हुई। इसमें कहा गया कि अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी द्वारा जारी पत्र में अधिवक्ताओं के संबंध में जिस भाषा का प्रयोग किया है, वह निंदनीय है। अधिवक्ताओं ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है।
शुक्रवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित जिलाधिकारी मनीष बंसल को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी द्वारा जारी पत्र की एसोसिएशन घोर निंदा करती है। पत्र की भाषा शैली न्याय के शासन व अधिवक्ता सम्मान पर कुठाराघात करती है। यह पत्र न केवल एक तरफा है बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त सभी को न्याय के सरंक्षण से वंचित करता है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि अधिवक्ता को ऑफिसर ऑफ कोर्ट की तरह बर्ताव करते हुए कोई भी अर्मादित टिप्पणी न की जाए। अधिवक्ता न्याय प्रणाली के अभिन्न व अविभाज्य अंग हैं और अधिकार, अदालतों तक पहुंचाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए अधिवक्ताओं ने इस संबंध में विरोध दिवस मनाया और न्याय कार्य से विरत रहे।
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बार कौसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को तहसील बार एसोसिएशन के तत्वावधान में तहसील परिसर में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव द्वारा 14 मई को पत्र में अधिवक्ताओं के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी व अराजक तत्व शब्द का प्रयोग किया गया। अधिवक्ताओं ने तहसील गेट पर धरना प्रदर्शन कर उक्त आदेश को तत्काल वापिस लेने तथा विशेष सचिव पर कार्रवाई करने की मांग की। इस अवसर पर राघव सिंह यादव, महपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, विनोद शर्मा, बाबू लाल, अशोक शर्मा, अशोक गुप्ता, विनोद गुप्ता, दिनेश यादव, इशरत अली, रितेश कुमार सिंह, ओमप्रकाश, पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, प्रेम पाल यादव, ओम प्रकाश राणा आदि मौजूद रहे।
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रेवेन्यू बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विशेष सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इसमें कहा है कि उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव ने 14 मई को जारी अपने पत्र में समस्त अधिवक्ताओं को अराजक तत्व कहा है। शीघ्र ही उक्त आदेश को वापस लेने की मांग की गई है। साथ ही विशेष सचिव पर कार्रवाई की मांग की है। इस अवसर पर तेजेंद्र सिंह, महेश वार्ष्णेय, वीरेंद्र अवधेश गुप्ता, कमलेश बंधु, फिरोज आलम, विमल कुमार, रामकिशन राणा, मुन्ना बाबू, अतर सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाया, प्रदर्शन करके सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। जिला बार एसोसिएशन ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर यूपी सरकार के विशेष सचिव और अपर मुख्य सचिव के उस पत्र के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसमें अधिवक्ताओं को अराजक तत्व बताया गया है। जिसको लेकर अधिवक्ताओं में रोष है। सदस्यों ने प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें कहा है कि अधिवक्ताओं के प्रति कोई भी अमर्यादित टिप्पणी न की जाए।
जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता शुक्रवार को शहर के शंकर चौराहे पर एकत्र हुए और यूपी सरकार के विशेष सचिव और अपर मुख्य सचिव के पत्र के विरोध में प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्र को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि विशेष सचिव प्रफुल्ल कमल द्वारा जारी किए गए पत्र में अधिवक्ताओं को अराजक तत्व बताया गया है। इससे अधिवक्ताओं में रोष है। साथ ही अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी द्वारा जारी किया गया पत्र न्याय के शासन व अधिवक्ता सम्मान पर कुठाराघात करता है। बताया कि यह पत्र न केवल एक तरफा है बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त सभी को न्याय के संरक्षण से वंचित करता है। बताया कि दोनों पत्र कानूनों के राज में बाधक हैं। इस मामले में अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाया और न्यायिक कार्य से विरत रहे। बताया कि जनता के अधिकार अदालतों तक पहुंचाने के लिए अधिवक्ता महत्वपूर्ण कड़ी हैं। बताया कि अधिवक्ताओं को विश्वास में न लेकर अविलंब उपचारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन आगे बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान मोहम्मद कामिल, नेमत अली, इकरार हुसैन, समीर, नासिर हुसैन, इफ्तेकार, सलमान आरिफ, रफत अली, अली मोहम्मद, उमर अल्वी, मोहम्मद इस्लाम अहमद, जमाल, शीतल रानी, कमलेश, आलिया आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने अपर मुख्य सचिव के पत्र की घोर निंदा की, सीएम को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। संभल बार एसोसिएशन की बैठक ई-लाइब्रेरी कक्ष में हुई। इसमें कहा गया कि अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी द्वारा जारी पत्र में अधिवक्ताओं के संबंध में जिस भाषा का प्रयोग किया है, वह निंदनीय है। अधिवक्ताओं ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है।
शुक्रवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित जिलाधिकारी मनीष बंसल को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी द्वारा जारी पत्र की एसोसिएशन घोर निंदा करती है। पत्र की भाषा शैली न्याय के शासन व अधिवक्ता सम्मान पर कुठाराघात करती है। यह पत्र न केवल एक तरफा है बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त सभी को न्याय के सरंक्षण से वंचित करता है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि अधिवक्ता को ऑफिसर ऑफ कोर्ट की तरह बर्ताव करते हुए कोई भी अर्मादित टिप्पणी न की जाए। अधिवक्ता न्याय प्रणाली के अभिन्न व अविभाज्य अंग हैं और अधिकार, अदालतों तक पहुंचाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए अधिवक्ताओं ने इस संबंध में विरोध दिवस मनाया और न्याय कार्य से विरत रहे।