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पटल बदला तो दस्तावेज ताले में बंद कर गायब हुआ सहायक लेखाकार

Wed, 22 Jun 2022 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2022 12:27 AM IST
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When the table changed, the assistant accountant disappeared after locking the document
सहारनपुर। बीते 12 साल से एक ही पटल पर जमे सहायक लेखाकार इंद्रजीत आनंद का पटल बदला तो वह नए पटल पर कार्यभार ग्रहण करने की बजाय लेखा विभाग में अपनी अलमारी पर ताला लगाकर गायब हो गए हैं। इससे निगम के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इंद्रजीत आनंद लिपिक से सहायक लेखाकार कैसे बने? नगरायुक्त ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। साथ ही एक समिति और गठित की है, जो अलमारियों के ताले खुलवाकर अभिलेखों की सूची बनाकर नए कर्मचारी को कार्यभार ग्रहण कराएगी।
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दरअसल, इंद्रजीत आनंद ने दस जून को सीएल अवकाश के लिए नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के समक्ष आवेदन किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। आरोप है कि इंद्रजीत ने प्रार्थना पत्र पर अंकित तिथि को पेन से काटकर नई तिथि दर्ज करते हुए निर्धारित समय से अधिक अवकाश ले लिया था। इसे लेकर नगरायुक्त ने 14 जून को इंद्रजीत आनंद का स्थानांतरण लेखा विभाग से कर विभाग में कर दिया। उन्हें तीन दिन के भीतर कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया। चर्चा है कि इंद्रजीत आनंद कर विभाग में जाने की बजाय लेखा विभाग में अपनी अलमारी पर ताला जड़कर गायब हो गए हैं। इससे लेखा विभाग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नगरायुक्त ने इंद्रजीत आनंद का लिपिक से सहायक लेखाकार बनना नियमसंगत है या नियम विरुद्घ? इसकी जांच के लिए समिति गठित की है। इसके अलावा नगरायुक्त ने एक समिति और गठित की है, जो अलमारी के ताले खुलवाकर दस्तावेजों की सूची बनवाकर वहां स्थानांतरित किए गए अनुज सैनी को कार्यभार ग्रहण कराएगी।
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संपत्ति की भी हो सकती है जांच
उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने से इंद्रजीत आनंद के सामने कई प्रकार के संकट आ सकते हैं। चर्चा है कि नगर निगम इंद्रजीत आनंद की संपत्ति की भी जांच करा सकता है। उधर, प्रभारी कार्मिक दिनेश यादव का कहना है कि नगर निगम जांच करा सकता है, लेकिन अभी तक नगरायुक्त की ओर से कोई निर्देश नहीं हैं।
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इंद्रजीत आनंद का स्थानांतरण लेखा विभाग से कर विभाग में किया गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक कर विभाग में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। बल्कि वह लेखा विभाग में अलमारी पर ताला लगाकर गायब हो गए हैं। लिपिक से सहायक लेखाकार कैसे बने इसकी जांच कराई जा रही है। साथ ही एक अन्य समिति बनाई गई है, जो अलमारी का ताला खुलवाकर वहां स्थानांतरित किए गए कर्मचारी को कार्यभार ग्रहण कराएगी। ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त
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