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रोजेदारों के सवाल मौलाना के जवाब, बुरे कर्म करने वाले व्यक्ति को रोजा रखने का नहीं मिलता कोई शवाब
Tue, 05 May 2020 11:24 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2020 11:24 PM IST
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कारी इस्हाक गोरा
- फोटो : SAHARANPUR
जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने हेल्पलाइन पर रोजेदारों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि रमजान में उपवास के लिए जिस शब्द का अरबी भाषा में प्रयोग हुआ है, उसे सोम कहते हैं, इसका सही अर्थ संयम है। यह रोजे के अलग भाव को दर्शाता है। इसमें न सिर्फ व्यक्ति को पूरे दिन खाने-पीने को रोकना है, साथ ही खुद को सांसारिक मोह से भी बचाकर रखना है। बुरे काम करने वाले व्यक्ति को रोजा रखने का कोई सवाब नहीं मिलता है।
सवाल :- मेरठ निवासी उमैर सिद्दीकी ने पूछा कि हमारे मोहल्ले में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव था, लेकिन वह अब ठीक हैं। उनका परिवार बहुत गरीब है। पूरा मोहल्ला बीमारी की वजह से उनकी मदद नहीं करना चाहता है। ऐसी सूरत में शरीयत में क्या रहनुमाई फरमाई गई है।
जवाब:- यह सच्चाई है कि कोरोना संक्रमण फैलाने वाला रोग है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं बीमार की मदद नहीं की जाए। हमें बीमार से नहीं बीमारी से लड़ना चाहिए। बीमार व्यक्ति से भेदभाव नहीं करना चाहिए और उसकी मदद करनी चाहिए। इस्लाम में मजबूर, गरीब और लाचार की मदद करने का हुक्म है।
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सवाल: शामली निवासी रजिया ने पूछा कि रोजे की हालत में दांत में कुछ फंसा हुआ था, जिससे निकालते समय खून आ गया। क्या उसका रोजा रहा या नहीं।
जवाब:- अगर रोजे की हालत में दांतों से खून निकल आए, लेकिन हलक में न जाए तो रोजा नहीं टूटेगा।
इन नंबरों पर पूछे सवाल
सहारनपुर। रोजेदार फोन नंबर 09897399207, 9557757705, 9368399214 पर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कॉल और व्हाट्सएप कर सवाल पूछ सकते हैं।
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सवाल :- मेरठ निवासी उमैर सिद्दीकी ने पूछा कि हमारे मोहल्ले में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव था, लेकिन वह अब ठीक हैं। उनका परिवार बहुत गरीब है। पूरा मोहल्ला बीमारी की वजह से उनकी मदद नहीं करना चाहता है। ऐसी सूरत में शरीयत में क्या रहनुमाई फरमाई गई है।
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जवाब:- यह सच्चाई है कि कोरोना संक्रमण फैलाने वाला रोग है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं बीमार की मदद नहीं की जाए। हमें बीमार से नहीं बीमारी से लड़ना चाहिए। बीमार व्यक्ति से भेदभाव नहीं करना चाहिए और उसकी मदद करनी चाहिए। इस्लाम में मजबूर, गरीब और लाचार की मदद करने का हुक्म है।
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सवाल: शामली निवासी रजिया ने पूछा कि रोजे की हालत में दांत में कुछ फंसा हुआ था, जिससे निकालते समय खून आ गया। क्या उसका रोजा रहा या नहीं।
जवाब:- अगर रोजे की हालत में दांतों से खून निकल आए, लेकिन हलक में न जाए तो रोजा नहीं टूटेगा।
इन नंबरों पर पूछे सवाल
सहारनपुर। रोजेदार फोन नंबर 09897399207, 9557757705, 9368399214 पर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कॉल और व्हाट्सएप कर सवाल पूछ सकते हैं।