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Saharanpur News: काम के नहीं, सिर्फ नाम के ग्राम सचिवालय

Wed, 29 Nov 2023 12:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Wed, 29 Nov 2023 12:38 AM IST
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Village secretariat is of no use, only in name
सूना पड़ा ग्राम खेड़ा अफगान का ग्राम सचिवालय। संवाद
सहारनपुर। जिले की ग्राम पंचायतों में एक वर्ष पूर्व बनाए गए मिनी ग्राम सचिवालयों में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इन मिनी ग्राम सचिवालयों में ग्राम पंचायत से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारियों को तैनात किया गया था। ताकि ग्रामीणों को जिला मुख्यालय न आने पड़े और गांव में ही उनकी समस्या का समाधान हो जाए। मंगलवार को अमर उजाला ने सचिवालयों की स्थिति देखी तो कई ग्राम पंचायतों में कहीं कर्मचारी मौजूद नहीं थे तो कहीं सचिवालय बंद पड़े थे।
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कभी-कभी खुलता है सचिवालय
सलेमपुर बलवंतपुर निवासी नदीम, अफजल, जुल्फान ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत में बना मिनी ग्राम सचिवालय कभी-कभी खुलता है। इसकी वजह से ग्रामीणों को दिक्कत उठानी पड़ती है और जिला मुख्यालय का रूख करना पड़ता है।
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ऑनलाइन नहीं और ऑफलाइन होता है कार्य
तीतरों क्षेत्र ग्राम महंगी निवासी नैन कुमार का कहना है कि ग्राम सचिवालय में सभी कार्य ऑनलाइन होने थे। पंचायत सहायक प्रतिदिन कार्यालय में बैठते तो हैं, लेकिन ऑफलाइन कार्य करते हैं, जबकि ऑनलाइन कार्य होने थे। ऐसे में ग्रामीणाें को परेशानी झेलनी पड़ती है। छोटे-छोटे कामों के लिए लंबा समय लग जाता है। वहीं, खेड़ा अफगान गांव निवासी संजय सैनी व हामिद अली का कहना है कि ग्राम विकास अधिकारी ग्राम सचिवालय में नहीं बैठते हैं। इस वजह से ग्रामीणों के कार्य पूरे नहीं हो पाते हैं। वहीं, नानौता ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में सचिवालय खुलते तो हैं, लेकिन कार्य ऑनलाइन नहीं होता है। इसकी वजह से ग्रामीणों को कई-कई दिन कार्य कराने को चक्कर काटने पड़ते हैं।
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यह होनी थी व्यवस्था, ताकि गांव में ही हो समाधान
मिनी ग्राम सचिवालयों में ग्राम प्रधान के अलावा ग्राम सचिव, ग्राम विकास अधिकारी, बैंक मित्र, स्थानीय लेखपाल, कंप्यूटर ऑपरेटर, बैंक सखी, ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार सेवक, मनरेगा से जुड़े कर्मचारियों की बैठने की व्यवस्था होनी थी। ताकि गांव में ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हो जाए और उन्हें जिला मुख्यालय पर आकर परेशान न होना पड़े।
मिनी ग्राम सचिवालयों समय खुलते हैं और कर्मचारी नियमित बैठते हैं। अगर कहीं कोई कर्मचारी लापरवाही बरत रहा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी
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