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भरभराकर गिरी दीवार, मलबे में दबकर दो सगी बहनों की मौत
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शेरपुर खानजादपुर में कढियो के मकान में रह रहा परिवार
- फोटो : SAHARANPUR
भरभराकर गिरी दीवार, मलबे में दबकर दो सगी बहनों की मौत
गागलहेड़ी। खजूरी अकबरपुर गांव में अचानक ईंटों की दीवार भरभराकर गिरने से वहां खेल रही दो मासूम सगी बहनें मलबे में दब गई। जब तक उन्हें बाहर निकाला गया उनकी मौत हो चुकी थी। बच्चियों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के खजूरी अकबरपुर निवासी जोगेंद्र की दो बेटियां दो वर्षीय वैष्णवी और चार वर्षीय परी घर र्में इंटों की दीवार के पास बुधवार की देर शाम खेल रही थी। जोगेंद्र किसी काम से बाहर गया हुआ था। इसी बीच ईंटों और गारे से बनी दीवार धराशायी हो गई। उसके मलबे के नीचे उसकी दोनो बेटियां दब गई। दीवार गिरने का शोर होने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने मलबा हटा कर दोनों को बाहर निकाला। गंभीर हालत में बच्चियों को निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया, जहां उसने दोनों को मृत घोषित कर दिया। अचानक हुए हादसे में बच्चियों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
जोगेंद्र मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है। उसके पांच लड़कियां और एक लड़का है। दो बेटियों की मौत के बाद जोगेंद्र और उसकी पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। बच्चे भी अपनी बहनों की मौत पर बिलख रहे थे। दोनो बच्चियों का बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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गागलहेड़ी। खजूरी अकबरपुर गांव में अचानक ईंटों की दीवार भरभराकर गिरने से वहां खेल रही दो मासूम सगी बहनें मलबे में दब गई। जब तक उन्हें बाहर निकाला गया उनकी मौत हो चुकी थी। बच्चियों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के खजूरी अकबरपुर निवासी जोगेंद्र की दो बेटियां दो वर्षीय वैष्णवी और चार वर्षीय परी घर र्में इंटों की दीवार के पास बुधवार की देर शाम खेल रही थी। जोगेंद्र किसी काम से बाहर गया हुआ था। इसी बीच ईंटों और गारे से बनी दीवार धराशायी हो गई। उसके मलबे के नीचे उसकी दोनो बेटियां दब गई। दीवार गिरने का शोर होने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने मलबा हटा कर दोनों को बाहर निकाला। गंभीर हालत में बच्चियों को निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया, जहां उसने दोनों को मृत घोषित कर दिया। अचानक हुए हादसे में बच्चियों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
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जोगेंद्र मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है। उसके पांच लड़कियां और एक लड़का है। दो बेटियों की मौत के बाद जोगेंद्र और उसकी पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। बच्चे भी अपनी बहनों की मौत पर बिलख रहे थे। दोनो बच्चियों का बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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