फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   The country is being harmed by digging up buried dead bodies: Madani

गड़े मुर्दे उखाड़ने से देश को पहुंच रही क्षति : मदनी

Wed, 20 Nov 2024 11:00 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 11:00 PM IST
विज्ञापन
The country is being harmed by digging up buried dead bodies: Madani

विज्ञापन
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने संभल की जामा मस्जिद के संबंध में पैदा हुए विवाद और कोर्ट द्वारा सर्वे के आदेश पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मौलाना मदनी ने कहा कि इतिहास के झूठ और सच को मिलाकर सांप्रदायिक तत्व देश की शांति और व्यवस्था के दुश्मन बने हुए हैं।
मौलाना महमूद मदनी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि पुराने गड़े मुर्दे उखाड़ने से देश की धर्म निरपेक्ष छवि की बुनियादें हिल रही हैं। इसके साथ ही ऐतिहासिक संदर्भों को दोबारा वर्णित करने की कोशिशें राष्ट्रीय अखंडता के लिए किसी भी तरह से अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने याद दिलाया कि देश ने बाबरी मस्जिद की शहादत सहन की है और उसके प्रभावों से आज भी जूझ रहा है। मौलाना मदनी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी बाबरी मस्जिद मामले में निर्णय सुनाते हुए इस कानून को अनिवार्य बताया था, लेकिन अदालतें आज इसे नजरअंदाज कर फैसले दे रही हैं। हर गुजरते दिन के साथ कहीं न कहीं मस्जिद का विवाद खड़ा किया जा रहा है।
विज्ञापन

फिर सच्चाई जानने के नाम पर न्यायालयों से सर्वेक्षण की अनुमति ली जाती है। जिसके बाद सांप्रदायिक ताकतें दो समुदायों के बीच दीवार बनाने का काम करती हैं। मौलाना मदनी ने कहा कि हम न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन न्यायालयों को फैसला लेते समय यह जरूर देखना चाहिए कि देश और समाज पर इसके क्या प्रभाव पड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मौलाना महमूद ने कहा कि जामा मस्जिद की रक्षा के लिए जरूरत पड़ी तो जमीयत कानूनी कार्रवाई में मस्जिद कमेटी की पूरी मदद करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed