Saharanpur: अब भी पुराने ढर्रे पर शहर की यातायात व्यवस्था
सहारनपुर में स्मार्ट सिटी की यातायात व्यवस्था को ट्रैफिक सिग्नल्स और आईसीसीसी से संचालित करने के कार्यों की गति बेहद धीमी है। आलम यह है कि कुल 17 चौराहों और तिराहों में से अभी तक मात्र आठ पर ही ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं, जबकि शेष का कार्य रुका हुआ है। यह स्थिति तब है जब आईसीसीसी का लोकार्पण दिसंबर 2022 में यानी नौ माह पहले किया जा चुका है।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) बनाया गया है। यहीं से पूरे शहर की यातायात व्यवस्था संचालित की जानी है। इसके लिए चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। ज्यादातर जगह अभी ट्रैफिक सिग्नल लगना शेेष है।
कार्य रुकने की मुख्य वजह शहर में सीवर लाइन आदि डाला जाना बताया जा रहा है। इसके अलावा करीब 900 सीसीटीवी कैमरे चौराहों, तिराहों और मार्गों पर लगाए जाने हैं, जिनमें से करीब 30 फीसदी ही कैमरे लग सके हैं।
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आईसीसीसी से चौराहों और तिराहों पर लगे स्पीकर्स के द्वारा वाहन चालकों को एड्रेस कर यातायात के नियमों का पालन करने को कहा जा रहा है। यातायात के नियम तोड़ने वालों के ऑनलाइन चालान भी सेंटर से काटे जा रहे हैं। लेकिन यातायात के संचालन की व्यवस्था अभी भी पुरानी ही है, जिसे चौराहों पर घंटों खड़े रहकर यातायात पुलिसकर्मी, होमगार्ड और पीआरडी के जवान चला रहे हैं।
पहले भी लगे थे ट्रैफिक सिग्नल
महानगर के यातायात को ट्रैफिक सिग्नल से संचालित करने के प्रयास पहले भी हो चुके हैं। लेकिन सहारनपुर में यह व्यवस्था सफल नहीं हो सकी। कुछ मार्गों पर ट्रैफिक सिग्नल का संचालन व्यवहारिक नहीं था। जैसे घंटाघर चौक पर ट्रैफिक सिग्नल से यातायात संचालन मुश्किल बना हुआ है। नतीजा यह रहा कि करीब 12 साल पहले लगे ट्रैफिक सिग्नल या तो टूटकर गिर गए या फिर अभी भी खड़े हैं।
हस्तांतरित नहीं हुई व्यवस्था : प्रभारी
यातायात प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि ट्रैफिक सिग्नल आदि की व्यवस्था अभी यातायात विभाग को हस्तांतरित नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि अभी सभी जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं लग सके हैं। सीसीटीवी कैमरे लगाया जाना भी अभी बाकी है। ट्रैफिक सिग्नल से यातायात संचालन का दो बार ट्रायल हुआ है, लेकिन तब शहर में जाम के हालात बन गए थे।
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- अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर
