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Saharanpur News: सोनीपत में फैक्टरी, पंजाब से बिहार तक फैला नेटवर्क
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आरोपियों से बरामद नकली सिक्के व कच्ची सामग्री।
- वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने में लगा हुआ था गिरोह का मुख्य सरगना उपकार लूथरा
- दिल्ली पुलिस ने रखा था एक लाख का इनाम, वर्ष 2017 में गया था जेल, 2021 में आया बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह के पांच सदस्यों की गिरफ्तारी होने से पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाली बात सामने आई हैं। गिरोह का मुख्य सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने के धंधे में लगा हुआ था। उसने गिरोह के साथ मिलकर सहारनपुर में भी नकली सिक्कों की फैक्टरी लगाने की तैयारी कर ली थी। इससे पहले ही पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
गिरोह का मुख्य सरगना पंजाब निवासी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने के धंधे में लगा हुआ था। पहले वह सर्राफ था। इसलिए उसे सिक्के बनाने की अच्छी प्रैक्टिस थी। नकली सिक्कों के मामले में आरोपी उपकार को दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2017 में पकड़ा था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। तिहाड़ जेल में ही उसकी मुलाकात पकड़े गए आरोपी हिमांशु से हुई थी। दोनों ने तिहाड़ जेल में कुछ नया करने की योजना बनाई।
इसके बाद वर्ष 2021 में जेल से बाहर आए। दोनों ने मिलकर गिरोह खड़ा किया और नए सदस्यों को जोड़ा। इसके बाद नकली सिक्के बनाने का काम आगे बढ़ाने के लिए सहारनपुर में भी कुछ लोगों को अपने साथ मिलाया गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी स्थापित करने की योजना बना रहे थे। इसके लिए स्थानीय स्तर पर लोगों को जोड़ने और काम शुरू करने की तैयारी की जा रही थी।
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पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के सदस्य सहारनपुर में किन लोगों के संपर्क में थे और फैक्टरी लगाने की योजना किस स्तर तक पहुंच चुकी थी।
-- अवैध संपत्तियों की होगी जांच
एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि नकली सिक्के बनाने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि संपत्तियां अपराध से अर्जित पाई जाती हैं तो उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गिरोह की आर्थिक गतिविधियों और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
-- आरोपी हिमांशु पर तीन मुकदमे हैं दर्ज
पकड़े गए आरोपी हिमांशु उर्फ गुल्लू पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। यह तीनों मुकदमे वर्ष 2015 में दर्ज हुए थे और सभी नानौता थाने में दर्ज हैं। मुख्य सरगना उपकार लूथरा पर दिल्ली में मुकदमे दर्ज हैं।
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- दिल्ली पुलिस ने रखा था एक लाख का इनाम, वर्ष 2017 में गया था जेल, 2021 में आया बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह के पांच सदस्यों की गिरफ्तारी होने से पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाली बात सामने आई हैं। गिरोह का मुख्य सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने के धंधे में लगा हुआ था। उसने गिरोह के साथ मिलकर सहारनपुर में भी नकली सिक्कों की फैक्टरी लगाने की तैयारी कर ली थी। इससे पहले ही पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
गिरोह का मुख्य सरगना पंजाब निवासी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने के धंधे में लगा हुआ था। पहले वह सर्राफ था। इसलिए उसे सिक्के बनाने की अच्छी प्रैक्टिस थी। नकली सिक्कों के मामले में आरोपी उपकार को दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2017 में पकड़ा था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। तिहाड़ जेल में ही उसकी मुलाकात पकड़े गए आरोपी हिमांशु से हुई थी। दोनों ने तिहाड़ जेल में कुछ नया करने की योजना बनाई।
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इसके बाद वर्ष 2021 में जेल से बाहर आए। दोनों ने मिलकर गिरोह खड़ा किया और नए सदस्यों को जोड़ा। इसके बाद नकली सिक्के बनाने का काम आगे बढ़ाने के लिए सहारनपुर में भी कुछ लोगों को अपने साथ मिलाया गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी स्थापित करने की योजना बना रहे थे। इसके लिए स्थानीय स्तर पर लोगों को जोड़ने और काम शुरू करने की तैयारी की जा रही थी।
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पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के सदस्य सहारनपुर में किन लोगों के संपर्क में थे और फैक्टरी लगाने की योजना किस स्तर तक पहुंच चुकी थी।
एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि नकली सिक्के बनाने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि संपत्तियां अपराध से अर्जित पाई जाती हैं तो उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गिरोह की आर्थिक गतिविधियों और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
पकड़े गए आरोपी हिमांशु उर्फ गुल्लू पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। यह तीनों मुकदमे वर्ष 2015 में दर्ज हुए थे और सभी नानौता थाने में दर्ज हैं। मुख्य सरगना उपकार लूथरा पर दिल्ली में मुकदमे दर्ज हैं।