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आठ करोड़ में होगा टपरी-नागल रोड का चौड़ीकरण
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आठ करोड़ में होगा टपरी-नागल रोड का चौड़ीकरण
सहारनपुर। अब मुजफ्फरनगर और मेरठ से सहारनपुर की तरफ आने वालों को टपरी से नागल तक कम चौड़ाई वाले मार्ग पर परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेंगी। 12.5 किलोमीटर लंबाई के इस मार्ग का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। यह मार्ग 10 मीटर चौड़ाई का बनेगा और उस पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दिसंबर तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुजफ्फरनगर - सहारनपुर हाईवे से सहारनपुर आने के लिए वाहन चालकों को नागल से टपरी की तरफ आना पड़ता है, क्योंकि शहर में आने के लिए यह उपयुक्त मार्ग है। बड़ी संख्या में भारी वाहन भी इसी मार्ग से आते हैं और लाखनौर में फ्लाईवर पर चढ़कर अंबाला और यमुनानगर की तरफ निकलते हैं। इसी तरह सहारनपुर शहर से मुजफ्फरनगर और मेरठ की तरफ जाने वालों को भी इसी मार्ग का प्रयोग करना पड़ता है, लेकिन टपरी से लेकर लाखनौर और नागल तक इस मार्ग की चौड़ाई महज सात मीटर है। ऐसे में सामने से आते भारी वाहन को बचाने के चक्कर में कई बार हादसे का भय बना रहता है। इसी के चलते उच्चाधिकारियों ने इस मार्ग के चौड़ीकरण का निर्देश दिया, जिस पर लोक निर्माण विभाग ने कार्य शुरू करा दिया है। अभी नागल की तरफ से बाई तरफ खोदाई का कार्य चल रहा था। अब लाखनौर गांव के निकट और उसके बाद हिंडन नदी से आगे टपरी की तरफ भी खोदाई का कार्य शुरू करा दिया गया है।
रात में ज्यादा रहता है हादसों का खतरा
देवबंद और नागल क्षेत्र से बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों में लकड़ी लादकर लाई जाती हैं, जो इसी मार्ग से शहर में आती हैं। फिर यमुनानगर की तरफ निकलती हैं। इन ट्रैक्टर ट्रालियों का संचालन रात में ही होता है। टपरी से नागल तक मार्ग की चौड़ाई कम होने और रात में अंधेरा होने की वजह से कई बार ट्रैक्टर ट्राली दूर से स्पष्ट दिखाई नहीं देती, जिस कारण हादसे का खतरा ज्यादा रहता है। पूर्व में कई दुर्घटनाएं यहां हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान तक चली गई।
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वर्जन
टपरी से नागल तक करीब 12.5 किमी लंबाई की सड़क का चौड़ीकरण होना है। यह कार्य दिसंबर माह तक पूरा करा लिया जाएगा। सड़क की चौड़ाई वर्तमान में सात मीटर है, जिसे बढ़ाकर 10 मीटर किया जाएगा।
- सनत गुप्तऋषि, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड
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सहारनपुर। अब मुजफ्फरनगर और मेरठ से सहारनपुर की तरफ आने वालों को टपरी से नागल तक कम चौड़ाई वाले मार्ग पर परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेंगी। 12.5 किलोमीटर लंबाई के इस मार्ग का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। यह मार्ग 10 मीटर चौड़ाई का बनेगा और उस पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दिसंबर तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुजफ्फरनगर - सहारनपुर हाईवे से सहारनपुर आने के लिए वाहन चालकों को नागल से टपरी की तरफ आना पड़ता है, क्योंकि शहर में आने के लिए यह उपयुक्त मार्ग है। बड़ी संख्या में भारी वाहन भी इसी मार्ग से आते हैं और लाखनौर में फ्लाईवर पर चढ़कर अंबाला और यमुनानगर की तरफ निकलते हैं। इसी तरह सहारनपुर शहर से मुजफ्फरनगर और मेरठ की तरफ जाने वालों को भी इसी मार्ग का प्रयोग करना पड़ता है, लेकिन टपरी से लेकर लाखनौर और नागल तक इस मार्ग की चौड़ाई महज सात मीटर है। ऐसे में सामने से आते भारी वाहन को बचाने के चक्कर में कई बार हादसे का भय बना रहता है। इसी के चलते उच्चाधिकारियों ने इस मार्ग के चौड़ीकरण का निर्देश दिया, जिस पर लोक निर्माण विभाग ने कार्य शुरू करा दिया है। अभी नागल की तरफ से बाई तरफ खोदाई का कार्य चल रहा था। अब लाखनौर गांव के निकट और उसके बाद हिंडन नदी से आगे टपरी की तरफ भी खोदाई का कार्य शुरू करा दिया गया है।
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रात में ज्यादा रहता है हादसों का खतरा
देवबंद और नागल क्षेत्र से बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों में लकड़ी लादकर लाई जाती हैं, जो इसी मार्ग से शहर में आती हैं। फिर यमुनानगर की तरफ निकलती हैं। इन ट्रैक्टर ट्रालियों का संचालन रात में ही होता है। टपरी से नागल तक मार्ग की चौड़ाई कम होने और रात में अंधेरा होने की वजह से कई बार ट्रैक्टर ट्राली दूर से स्पष्ट दिखाई नहीं देती, जिस कारण हादसे का खतरा ज्यादा रहता है। पूर्व में कई दुर्घटनाएं यहां हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान तक चली गई।
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वर्जन
टपरी से नागल तक करीब 12.5 किमी लंबाई की सड़क का चौड़ीकरण होना है। यह कार्य दिसंबर माह तक पूरा करा लिया जाएगा। सड़क की चौड़ाई वर्तमान में सात मीटर है, जिसे बढ़ाकर 10 मीटर किया जाएगा।
- सनत गुप्तऋषि, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड