बिजली कर्मियों की हड़ताल: सरकार को बड़ा नुकसान, जिले में विद्युत आपूर्ति ठप, जनता तीसरे दिन भी परेशान
बिजली कर्मियों की हड़ताल : कर्मचारियों की हड़ताल से सरकार को बड़ा नुकसान हो रहा है। वहीं, जिले में तीसरे दिन भी विद्युत आपूर्ति ठप रही, जिससे जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के आह्वान पर खारा जल विद्युत परियोजना बादशाहीबाग में कार्यरत कर्मचारी तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। जिसके चलते विद्युत उत्पादन बिल्कुल ठप रहा।
सहारनपुर में शनिवार को तीसरे दिन खारा जल विद्युत परियोजना बादशाहीबाग में कार्यरत कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने परियोजना कॉलोनी परिसर में स्थित विद्युत परियोजना कार्यालय के मुख्य द्वार पर बैनर लगाकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के संयोजक सर्वेंद्र सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि विगत तीन दिसंबर 2022 को सरकार के साथ हुए लिखित समझौते के बाद भी कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया। सेवानिवृत्त बिजली कर्मियों के घरों पर मीटर लगाने एवं उनको मिल रही रियायती दरों पर बिजली दिए जाने की सुविधा को समाप्त करने के लिए बिजलीकर्मियों के घरों पर मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 के बाद नियुक्त हुए बिजली कर्मियों की पुरानी पेंशन बहाल करने,नियमित पदों पर तेलंगाना और राजस्थान राज्यों की भांति नियमित भर्ती लागू किए जाने, पदोन्नति किए जाने, ठेकेदारी प्रथा खत्म कर मांगों को लागू किया जाए।
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विद्युत उत्पादन हुआ ठप
उत्तर प्रदेश की महत्तवपूर्ण खारा जल विद्युत परियोजना में तीन मशीनों से 72 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जाता है, जिसके दो फीडरों से विद्युत पारेषण केंद्र कलसिया के 220 केवीए बिजली घर एवं सहारनपुर शामली के बीच में स्थित विद्युत पारेषण केंद्र मोहनपुर गाड़ा को किया जाता है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यदि तीनों मशीनों से विद्युत उत्पादन किया जाए तो 24 घंटो में लगभग 11 लाख रुपये की प्रतिदिन की बिजली उत्पादित की जाती है। जिससे पूरे सहारनपुर जनपद की बिजली आपूर्ति हो सकती है। विगत 17 मार्च दोपहर से विद्युत उत्पादन बिल्कुल ठप है। अब तक 11 लाख रुपये की चपत सरकार को लग चुकी है और यदि हड़ताल चलती रही तो नुकसान और बढ़ने की संभावना है।