फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Skepticism on sports training in the stadium

स्टेडियम में खेलों के प्रशिक्षण पर संशय

Sat, 03 Oct 2020 10:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2020 10:57 PM IST
विज्ञापन
Skepticism on sports training in the stadium
नहीं हुआ खेल प्रशिक्षकों का नवीनीकरण, मात्र दो स्थायी प्रशिक्षक
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर।
कोरोना का असर खेल और खिलाड़ियों पर भी पड़ा है। डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में नवीनीकरण नहीं होने के कारण मात्र दो ही प्रशिक्षक हैं और दोनों ही खेल अधिकारी हैं। प्रशिक्षक भी ऐसे खेल के हैं, जिनका अभ्यास कराने के लिए फिलहाल अनुमति मिलना मुश्किल है। ऐसे में खेल प्रशिक्षण सत्र शून्य रहने की आशंका है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रत्येक वर्ष संविदा पर बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, ताईक्वांडो, वेटलिफ्टिंग, क्रिकेट समेत कई खेलों के प्रशिक्षकों का नवीनीकरण होता है, इस बार कोरोना की वजह से अप्रैल माह में होने वाला प्रशिक्षकों का नवीनीकरण नहीं हो सका है। इसके अलावा सरकार कोरोना के चलते केवल ऐसे खेलों को अनुमति देने पर विचार कर रही है, इनमें खिलाड़ी एक दूसरे को शारीरिक रूप से छूते नहीं हैं, जैसे जूडो, कुश्ती, बॉक्सिंग आदि। ऐसे में यदि 15 अक्तूबर के बाद खेलों के प्रशिक्षण को अनुमति मिलती भी है तो प्रशिक्षकों का नवीनीकरण नहीं होना बाधा बनेगा।
विज्ञापन

केवल दो प्रशिक्षक
डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में मात्र दो स्थायी प्रशिक्षक बचे हैं। इनमें हैंडबॉल के प्रशिक्षक खुद प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी प्रेम कुमार हैं, जबकि जूडो के प्रशिक्षक उप क्रीड़ा अधिकारी काशी नरेश यादव हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जूडो छात्रावास पर रहेगा ताला ?
स्टेडियम में प्रदेश का जूडो छात्रावास भी है। इसमें प्रदेश भर के खिलाड़ी रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। कोरोना के कारण छात्रावास के सभी खिलाड़ी अपने घरों पर लौट गए थे, इससे छात्रावास पर ताला लटका है। चूंकि खिलाड़ियों को आपस में टच करने वाले खेलों को अनुमति नहीं है। ऐसे में इस साल जूडो छात्रावास खुलने की उम्मीद ना के बराबर है।

----- वर्जन----
सरकार केवल ऐसे खेलों को अनुमति दे सकती है, जिन खेलों में खिलाड़ी शारीरिक रूप से एक दूसरे के संपर्क में ना आते हों। मगर इस बार कोरोना के चलते प्रशिक्षकों का नवीनीकरण भी नहीं हो पाया है। ऐसे में प्रशिक्षण शुरू होने की संभावना कम ही है। - प्रेम कुमार, प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed