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खुद लापरवाह, दूसरों को कर रहे जागरूक
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जकिला अस्पताल के मलेरिया विभाग में लगा गंदगी का ढेर
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। मच्छर जनित रोग जैसे डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग जागरुकता कार्यक्रम चला रहा है। हाल ही में विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी कार्यालय या घर में जमा पानी में लार्वा मिलता है तो संबंधित से पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि चिकित्सा विभाग खुद इस पर अमल नहीं कर रहा है। जिला मलेरिया विभाग परिसर में मच्छरों के पनपने की पूरी आशंका है। विभाग के बाहर खाली पड़े दवाओं के डिब्बों में पानी जमा है।
21 मई को ही चिकित्सा विभाग ने जनपदवासियों से अपील है कि वह अपने कार्यालयों और घरों के आसपास व कूलर, गमला, छत पर रखे पुराने टायर, डिब्बों, फ्रिज की ट्रे आदि में पानी जमा ना होने दें। एक सप्ताह से अधिक समय से पानी रुका है उसे खाली कराएं। इससे लार्वा का प्रजनन होता है। जिससे डेंगू, मलेरिया का मच्छर पैदा होता है। चेतावनी दी है कि यदि किसी भी घर व सरकारी जगह पर पानी रुका हुआ पाया जाता है तो उसको नोटिस दिए जाएंगे। जिनको नोटिस दिए जाएंगे वहां पर तीन दिन बाद दोबारा पहुंचकर निरीक्षण किया जाएगा। यदि उक्त स्थान पर मच्छर का लार्वा पाया जाता है तो भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत पांच हजार रुपये तक का जुर्माना वसूल कर जिला कोषागार में जमा कराया जाएगा। विभाग की अपील और चेतावनी के बाद अमर उजाला ने जिला मलेरिया अनुभाग की पड़ताल की। यहीं पर जिला मलेरिया अधिकारी बैठती हैं। उनके कार्यालय परिसर में एक ओर जहां नाली में पानी और गंदगी जमा है। वहीं पुराना फर्नीचर खुले में डाला गया है। फर्नीचर के साथ ही गंदगी और सीलन है, जिसमें मच्छरों के पैदा होने की आशंका है। इसके अलावा विभाग के बाहर सड़क पर बारिश का पानी जमा मिला। विभाग के मुख्य द्वार से मात्र 20 मीटर की दूरी पर थर्माकोल से बने दवाओं के खाली डिब्बे खुले में डाले गए हैं, जिनमें पानी भरा मिला, जिसमें मच्छर पैदा हो सकता है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में जगह जगह नालियां खुली पड़ी हैं, जिनमें पानी जमा रहता है।
अस्पताल परिसर स्थित भवनों की छतों को बरसात से पहले साफ कराया जाता रहा है। जहां भी नालियां हैं वहा एंटी लार्वा का छिड़काव समय समय पर किया जाता है, जिससे मच्छर पैदा ना हों। यदि कहीं पर खाली डिब्बे डाले गए हैं या पानी जमा है तो उसे हटवाया जाएगा।
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शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी।
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21 मई को ही चिकित्सा विभाग ने जनपदवासियों से अपील है कि वह अपने कार्यालयों और घरों के आसपास व कूलर, गमला, छत पर रखे पुराने टायर, डिब्बों, फ्रिज की ट्रे आदि में पानी जमा ना होने दें। एक सप्ताह से अधिक समय से पानी रुका है उसे खाली कराएं। इससे लार्वा का प्रजनन होता है। जिससे डेंगू, मलेरिया का मच्छर पैदा होता है। चेतावनी दी है कि यदि किसी भी घर व सरकारी जगह पर पानी रुका हुआ पाया जाता है तो उसको नोटिस दिए जाएंगे। जिनको नोटिस दिए जाएंगे वहां पर तीन दिन बाद दोबारा पहुंचकर निरीक्षण किया जाएगा। यदि उक्त स्थान पर मच्छर का लार्वा पाया जाता है तो भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत पांच हजार रुपये तक का जुर्माना वसूल कर जिला कोषागार में जमा कराया जाएगा। विभाग की अपील और चेतावनी के बाद अमर उजाला ने जिला मलेरिया अनुभाग की पड़ताल की। यहीं पर जिला मलेरिया अधिकारी बैठती हैं। उनके कार्यालय परिसर में एक ओर जहां नाली में पानी और गंदगी जमा है। वहीं पुराना फर्नीचर खुले में डाला गया है। फर्नीचर के साथ ही गंदगी और सीलन है, जिसमें मच्छरों के पैदा होने की आशंका है। इसके अलावा विभाग के बाहर सड़क पर बारिश का पानी जमा मिला। विभाग के मुख्य द्वार से मात्र 20 मीटर की दूरी पर थर्माकोल से बने दवाओं के खाली डिब्बे खुले में डाले गए हैं, जिनमें पानी भरा मिला, जिसमें मच्छर पैदा हो सकता है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में जगह जगह नालियां खुली पड़ी हैं, जिनमें पानी जमा रहता है।
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अस्पताल परिसर स्थित भवनों की छतों को बरसात से पहले साफ कराया जाता रहा है। जहां भी नालियां हैं वहा एंटी लार्वा का छिड़काव समय समय पर किया जाता है, जिससे मच्छर पैदा ना हों। यदि कहीं पर खाली डिब्बे डाले गए हैं या पानी जमा है तो उसे हटवाया जाएगा।
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शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी।

जिला अस्पताल के मलेरिया विभाग- फोटो : SAHARANPUR

जिला अस्पताल के मलेरिया विभाग में लगा गंदगी का ढेर- फोटो : SAHARANPUR

जिला अस्पताल के मलेरिया विभाग में टूटे डिब्बे में भरा गंदा पानी- फोटो : SAHARANPUR