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दो सगे भाइयों के खिलाफ 12 दिन बाद हत्या की रिपोर्ट दर्ज
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बेहट (सहारनपुर)। कादरपुर गांव के शाहजेब की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के 12 दिन बाद दो सगे भाइयों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। हत्यारोपी बेहट के मोहल्ला कस्साबान के हैं, इनका मृतक के साथ कई बार झगड़ा हो चुका है।
सात अगस्त की रात में कोतवाली बेहट क्षेत्र के गांव कादरपुर निवासी शाहजेब (17) का शव उसके गांव के पास ही एक आम के बाग में पेड़ से लटका मिला। इस मामले में मृतक के पिता इमरान ने बेहट के मोहल्ला कस्साबान निवासी दो सगे भाइयों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी, लेकिन बेहट पुलिस इस मामले में घटना को आत्महत्या मानकर कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं हुई। इस पर मृतक के पिता इमरान ग्रामीणों के साथ 13 अगस्त को एसएसपी सहारनपुर से मिले और उन्हें प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया उसके बेटे की हत्या बेहट के मोहल्ला कस्साबान निवासी दो सगे भाइयों ने की है।
मृतक के पिता ने कहा हत्यारोपियों ने उनके गांव के पास ही एक आम के बाग की फसल खरीद रखी थी। उसी बाग की बराबर में दूसरा आम का बाग उनके पास था। हत्यारोपी बाग में ही मवेशियों को रखते थे, जो उनके बाग में घुसकर नुकसान करते थे। इस बात को लेकर उनके बेटे शाहजेब का उनसे कई बार झगड़ा हुआ है। उन्होंने उनके बेटे को मारने की धमकी भी दी। इमरान ने कहा जिस रस्सी से उनके बेटे की लाश पेड़ से लटकी थी, वह रस्सी हत्यारोपियों के बकरे के गले में बंधी रहती थी। बकौल इमरान एसएसपी ने इस मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बेहट को तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके छह दिन बाद इस मामले में 19 अगस्त को हत्यारोपी नादिर और कादिर पुत्र तासीन निवासी मोहल्ला कस्साबान के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।
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आखिर पुलिस क्यों टालती रही मामला
बेहट। शाहजेब की लाश सात अगस्त को पेड़ से लटकी मिली। अगले दिन शाहजेब के पिता इमरान ने मोहल्ला कस्साबान के दो सगे भाइयों पर बेटे की हत्या का शक जाहिर कर पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस से निराश शाहजेब के पिता 13 अगस्त को ग्रामीणों के साथ एसएसपी से मिले। एसएसपी के कार्रवाई के निर्देश के बाद भी पुलिस इस मामले को टालती रही। ग्रामीणों ने बताया कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद 19 अगस्त को बेहट पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।
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सात अगस्त की रात में कोतवाली बेहट क्षेत्र के गांव कादरपुर निवासी शाहजेब (17) का शव उसके गांव के पास ही एक आम के बाग में पेड़ से लटका मिला। इस मामले में मृतक के पिता इमरान ने बेहट के मोहल्ला कस्साबान निवासी दो सगे भाइयों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी, लेकिन बेहट पुलिस इस मामले में घटना को आत्महत्या मानकर कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं हुई। इस पर मृतक के पिता इमरान ग्रामीणों के साथ 13 अगस्त को एसएसपी सहारनपुर से मिले और उन्हें प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया उसके बेटे की हत्या बेहट के मोहल्ला कस्साबान निवासी दो सगे भाइयों ने की है।
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मृतक के पिता ने कहा हत्यारोपियों ने उनके गांव के पास ही एक आम के बाग की फसल खरीद रखी थी। उसी बाग की बराबर में दूसरा आम का बाग उनके पास था। हत्यारोपी बाग में ही मवेशियों को रखते थे, जो उनके बाग में घुसकर नुकसान करते थे। इस बात को लेकर उनके बेटे शाहजेब का उनसे कई बार झगड़ा हुआ है। उन्होंने उनके बेटे को मारने की धमकी भी दी। इमरान ने कहा जिस रस्सी से उनके बेटे की लाश पेड़ से लटकी थी, वह रस्सी हत्यारोपियों के बकरे के गले में बंधी रहती थी। बकौल इमरान एसएसपी ने इस मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बेहट को तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके छह दिन बाद इस मामले में 19 अगस्त को हत्यारोपी नादिर और कादिर पुत्र तासीन निवासी मोहल्ला कस्साबान के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।
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आखिर पुलिस क्यों टालती रही मामला
बेहट। शाहजेब की लाश सात अगस्त को पेड़ से लटकी मिली। अगले दिन शाहजेब के पिता इमरान ने मोहल्ला कस्साबान के दो सगे भाइयों पर बेटे की हत्या का शक जाहिर कर पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस से निराश शाहजेब के पिता 13 अगस्त को ग्रामीणों के साथ एसएसपी से मिले। एसएसपी के कार्रवाई के निर्देश के बाद भी पुलिस इस मामले को टालती रही। ग्रामीणों ने बताया कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद 19 अगस्त को बेहट पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।