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बिहार में बाढ़ का कहर: गंडक-बागमती-कोसी उफनाई, दो लाख लोग परेशान; कई जगह तटबंध टूटे; जानिए कहां-क्या हाल है?

Thu, 01 Oct 2026 10:09 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Thu, 01 Oct 2026 10:09 AM IST
सार

Bihar Flood Situation : गंडक और कोसी समेत कुछ नदियां फिर से उफना गई है। इससे दो लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बिहार के छह जिले बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। पटना और बेगूसराय में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा हैं। बाढ़ में घिरे लोगों का हाल बेहाल है। प्रशासन की ओर से लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। आइये जानते हैं कहां-क्या हाल है?
 

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Floods in Bihar: Gandak, Bagmati Kosi rivers overflow; two lakh people affected; embankments breached
बिहार में बाढ़ के हालात को जानने के लिए पढ़ें प्रभावित जिलों से खबर। - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

बिहार में एक बार फिर बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नेपाल और उत्तर प्रदेश के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गंडक के अलावा बागमती और कोसी नदी भी उफान पर है। पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, सुपौल और सहरसा के लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। गंडक नदी के बढ़े जलस्तर से कई तटबंध टूट गए। कुछ स्थानों पर रिसाव और कटाव की स्थिति सामने आई है। इससे निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। इधर, गंडक में दबाव बढ़ने से गंगा का भी जलस्तर बढ़ रहा है। पटना और बेगूसराय समेत कुछ जिलों में गंगा घाट पर फिर से पानी बढ़ने लगा। बाढ़ का खतरा इधर भी बढ़ने लगा है।  जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंडक का जलस्तर डुमरियाघाट में करीब 36 घंटे और रेवाघाट व लालगंज में करीब 21 घंटे तक अपने ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से 22 सेंटीमीटर ऊपर बना रहा। हालांकि अब नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है, लेकिन यह अभी भी पुराने उच्चतम स्तर से ऊपर है। विभाग ने अगले 48 घंटे तक जल दबाव बने रहने की संभावना जताई है।
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Floods in Bihar: Gandak, Bagmati Kosi rivers overflow; two lakh people affected; embankments breached
पानापुर के सारौंजा भगवानपुर का टूटा सारण तटबंध

सारण में तटबंध टूटने से कई गांवों पर खतरा
सारण जिले के पानापुर प्रखंड के सरोजा-भगवानपुर इलाके में राइट सारण तटबंध में कटाव के बाद ब्रिच हुआ है। इसके बाद पानापुर और तरैया प्रखंड के कई पंचायतों और गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और बचाव एवं राहत कार्य चलाया जा रहा है। इससे पहले मकेर प्रखंड के बाघा कोल और हजलपुर गांव के पास सारण तटबंध में रिसाव के बाद टूटने की स्थिति बनी थी। हजलपुर में बांध टूटने के बाद पानी के तेज बहाव में एक घर बह गया। छपरा-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग पर पानी चढ़ने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। बाढ़ के पानी में सारण इलाके में दो तेंदुए भी बहते दिखाई दिए। इनमें से एक तेंदुआ तैरकर किनारे पहुंच गया और पेड़ पर चढ़ गया, जबकि दूसरा पानी के बहाव के साथ आगे निकल गया। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर वन्यजीवों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

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Floods in Bihar: Gandak, Bagmati Kosi rivers overflow; two lakh people affected; embankments breached
मुजफ्फरपुर के कई गांव में घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरपुर में तीन प्रखंड बाढ़ की चपेट में
मुजफ्फरपुर जिले में पारू, साहेबगंज और सरैया प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं। गंडक का पानी साहेबगंज और पारू के बाद सरैया क्षेत्र में भी पहुंच गया है। साहेबगंज के माधोपुर हजारी, बंगरा निजामत, रूपपट्टी समेत कई पंचायतों में पानी प्रवेश कर चुका है। कुछ इलाकों में तीन फीट तक, जबकि निचले हिस्सों में छह से आठ फीट तक पानी जमा होने की जानकारी है। पारू प्रखंड में तटबंध टूटने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। पानी तेजी से निचले इलाकों की ओर फैलने लगा। स्थिति की जानकारी लेने के लिए डीएम कुमार गौरव समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत-बचाव कार्य तेज करने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार, साहेबगंज प्रखंड में तिरहुत मुख्य तटबंध के अंतर्गत एक रिंग बांध में भी ब्रिच हुआ है।

 
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गोपालगंज

गोपालगंज के कई गांवों में घुसा गंडक का पानी
गोपालगंज में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बैकुंठपुर प्रखंड में शीतलपुर और पकहा के बीच स्थित जमींदारी बांध अचानक टूट गया। बांध टूटने के बाद गंडक का तेज पानी निचले इलाकों की ओर फैलने लगा, जिससे शीतलपुर, फैजुलाहपुर, खोमहारीपुर, सलेमपुर, नरवार, बहरामपुर, गम्हारी, बैकुंठपुर, चिउटहा फतेहपुर बसघाट, बंधौली और बनौरा समेत कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई निचली बस्तियों और खेतों में पानी पहुंच चुका है, जिसके चलते ग्रामीण सामान और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। वहीं, मुंजा मटियारी के पास सारण तटबंध पर भी दबाव बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें तटबंध की निगरानी कर रही हैं तथा संवेदनशील स्थानों पर बालू की बोरियां डालकर सुरक्षा कार्य किया जा रहा है। लोग बच्चों, मवेशियों और जरूरी सामान के साथ ऊंचे स्थानों, स्कूलों, तटबंधों और सड़क किनारे सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं। तटबंध को नुकसान पहुंचने की स्थिति में सारण जिले के पानापुर, मशरख, तरैया और मढ़ौरा प्रखंड भी प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

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बाढ़ से लोग परेशान। - फोटो : अमर उजाला
पटना समेत अन्य जिलों का क्या है हाल?
पश्चिम चंपारण के बगहा इलाके में बाढ़ के कारण वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ठकराहा के भवानी टोला में रात के समय एक मगरमच्छ घर में घुस गया। इससे गांव में अफरातफरी मच गई। बाढ़ के पानी के साथ वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने से लोगों में चिंता बढ़ी है। गंडक के साथ गंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। पटना में कई घाट दोबारा पानी में डूब गए हैं। वहीं, बेगूसराय और खगड़िया में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहने के कारण गंडक में बैकफ्लो का दबाव भी बन रहा है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक इससे तटबंधों पर दबाव और बढ़ रहा है

Floods in Bihar: Gandak, Bagmati Kosi rivers overflow; two lakh people affected; embankments breached
गंडक नदी में उफान से लोगों में दहशत। - फोटो : अमर उजाला

जल संसाधन विभाग ने क्या कहा?
जल संसाधन विभाग के अनुसार नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण गंडक का जलस्तर डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर पहुंच गया था। इससे गंडक के दोनों तटबंधों पर अत्यधिक दबाव बना। दबाव के कारण कई जगह सीपेज और पाइपिंग की स्थिति बनी। विभाग की टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी करते हुए फ्लड फाइटिंग का काम कर रही हैं। सारण के पानापुर में राइट सारण तटबंध और मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में रिंग बांध में ब्रिच की पुष्टि विभाग ने की है। विभाग का कहना है कि अन्य संवेदनशील स्थल फिलहाल सुरक्षित और नियंत्रण में हैं। वहां सुरक्षा कार्य लगातार जारी है। जलस्तर में अब गिरावट शुरू हो गई है, लेकिन नदी अभी भी पुराने एचएफएल से ऊपर है। ऐसे में अगले 48 घंटे तक जल दबाव बने रहने की आशंका को देखते हुए निगरानी जारी रखी जा रही है।



प्रशासन की लोगों से अपील
सारण जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से बाढ़ प्रभावित इलाकों में आने-जाने से बचने की अपील की है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के जानकारी साझा नहीं करने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक और जल संसाधन विभाग की टीमें तटबंधों की निगरानी के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती तटबंधों पर बने जल दबाव को नियंत्रित करना और निचले इलाकों में पहुंच रहे पानी के बीच लोगों को सुरक्षित रखना है।

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