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अब सीसीई एग्री एप से होगा फसलों की उत्पादकता का आकलन
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सहारनपुर। जनपद में फसल उत्पादकता का आकलन अब सामान्य सांख्यकी विधि के बजाए सीसीई (क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट) एग्री एप के माध्यम से होगा। इससे न सिर्फ फसलों की उत्पादकता का सही आकलन होगा बल्कि नुकसान की स्थिति में क्षतिपूर्ति का निर्धारण करने में भी सहायता मिलेगी। इसके लिए राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को पंजीकृत किया जा रहा है।
फसल उत्पादकता के सटीक आकलन के लिए प्रदेश सरकार ने सामान्य सांख्यकी विधि के स्थान पर सीसीई एग्री एप प्रयोग करने का निर्णय लिया है। इससे फसलों के उत्पादकता की सही एवं त्वरित जानकारी प्रदेश सरकार को उपलब्ध हो सकेगी। फील्ड से भेजे गए यह आंकडे़ सरकार की खाद्य नीति को तैयार करने का आधार साबित होंगे। इसके अलावा दैवीय आपदा की स्थिति में अधिसूचित फसलों के नुकसान का भी सही आकलन करने में मदद मिलेगी।
दैवीय आपदा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत को इकाई माना जाता है। इससे फसलों का नुकसान होने पर बीमित किसानों को दिए जाने वाले मुआवजा को निर्धारित करने में सहायता मिलेगी। अब तक फसलों के नुकसान का आकलन राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल सांख्यकी विधि से फसल कटाई के आधार पर किया जाता रहा है। इससे आंकडे़ तैयार करने और मुआवजा निर्धारित करने में काफी समय लग जाता है। सीसीई एग्री एप के प्रयोग से न सिर्फ फसलों की उत्पादकता बल्कि दैवीय आपदा की स्थिति में होने वाले फसलों के नुकसान को सटीक एवं त्वरित आकलन करने में मदद मिलेगी।
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सभी राजस्व कर्मचारियों को फसल की उत्पादकता के आकलन के लिए सीसीई एग्री एप का प्रयोग करने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इससे क्रॉप कटिंग के माध्यम से फसल की उत्पादकता और क्षति का सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी। - डॉ. अर्चना द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन
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फसल उत्पादकता के सटीक आकलन के लिए प्रदेश सरकार ने सामान्य सांख्यकी विधि के स्थान पर सीसीई एग्री एप प्रयोग करने का निर्णय लिया है। इससे फसलों के उत्पादकता की सही एवं त्वरित जानकारी प्रदेश सरकार को उपलब्ध हो सकेगी। फील्ड से भेजे गए यह आंकडे़ सरकार की खाद्य नीति को तैयार करने का आधार साबित होंगे। इसके अलावा दैवीय आपदा की स्थिति में अधिसूचित फसलों के नुकसान का भी सही आकलन करने में मदद मिलेगी।
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दैवीय आपदा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत को इकाई माना जाता है। इससे फसलों का नुकसान होने पर बीमित किसानों को दिए जाने वाले मुआवजा को निर्धारित करने में सहायता मिलेगी। अब तक फसलों के नुकसान का आकलन राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल सांख्यकी विधि से फसल कटाई के आधार पर किया जाता रहा है। इससे आंकडे़ तैयार करने और मुआवजा निर्धारित करने में काफी समय लग जाता है। सीसीई एग्री एप के प्रयोग से न सिर्फ फसलों की उत्पादकता बल्कि दैवीय आपदा की स्थिति में होने वाले फसलों के नुकसान को सटीक एवं त्वरित आकलन करने में मदद मिलेगी।
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सभी राजस्व कर्मचारियों को फसल की उत्पादकता के आकलन के लिए सीसीई एग्री एप का प्रयोग करने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इससे क्रॉप कटिंग के माध्यम से फसल की उत्पादकता और क्षति का सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी। - डॉ. अर्चना द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन