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मनरेगा मजदूरों ने पंचायत भवन में किया प्रदर्शन
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छुटमलपुर के गांव भैंसराऊ में प्रधान के खिलाफ विरोध करतीं महिलाएं
- फोटो : SAHARANPUR
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मनरेगा मजदूरों ने पंचायत भवन में किया प्रदर्शन
सहारनपुर, छुटमलपुर। मनरेगा महिला और पुरुष मजदूरों ने पंचायत भवन के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक पर मनरेगा में चहेतों को कार्य देने और चार साल पहले की गई मजदूरी का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया।
शनिवार को दुपहर के समय गांव के पंचायत भवन के सामने एकत्र मनरेगा मजदूर प्रमिला पत्नी भोपाल, बलबुतरी पत्नी ओमपाल, सोनिया पत्नी प्रदीप, लोकेश पत्नी सतपाल, सिमर कला पत्नी ओमपाल, रामो पत्नी तल सिंह, केला पत्नी रामपाल, बालेश पत्नी पवन आदि ने कहा उन सभी की चार साल पहले की भी मजदूरी का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक अपने चहेतों को कार्य दे रहे हैं। गांव के अंकित, आबिद, शमशाद, राज कुमार, विजय लक्ष्मी, बबली आदि मजदूरों ने कहा रोजगार सेवक उनसे कार्ड बनाने के नाम पर सौ से दो सौ रुपये की वसूली कर रहा है। न देने पर जॉब कार्ड नहीं बनाए जाते हैं। ना ही काम दिया जाता है। आरोप लगाया कि वे आज भी कार्य के लिए गए, लेकिन उन्हें कार्य नहीं दिया। मजदूरों ने डीएम को पत्र भेज कर मामले की जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
दूसरी तरफ ग्राम प्रधान कीरत सिंह ने बताया लॉक डाउन में गांव में बेरोजगारों की संख्या बढ़ गई है। वे प्रत्येक घर से एक को कार्य देने की बात कह रहे थे, जबकि लोग यह चाहते हैं कि एक घर से कई कई लोगों को कार्य मिले। इसी बात पर कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। सभी आरोप गलत हैं। वे एक घर से एक व्यक्ति को ही कार्य देने के लिए तैयार हैं। उधर, रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार ने कहा आरोप मिथ्या है।
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सहारनपुर, छुटमलपुर। मनरेगा महिला और पुरुष मजदूरों ने पंचायत भवन के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक पर मनरेगा में चहेतों को कार्य देने और चार साल पहले की गई मजदूरी का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया।
शनिवार को दुपहर के समय गांव के पंचायत भवन के सामने एकत्र मनरेगा मजदूर प्रमिला पत्नी भोपाल, बलबुतरी पत्नी ओमपाल, सोनिया पत्नी प्रदीप, लोकेश पत्नी सतपाल, सिमर कला पत्नी ओमपाल, रामो पत्नी तल सिंह, केला पत्नी रामपाल, बालेश पत्नी पवन आदि ने कहा उन सभी की चार साल पहले की भी मजदूरी का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक अपने चहेतों को कार्य दे रहे हैं। गांव के अंकित, आबिद, शमशाद, राज कुमार, विजय लक्ष्मी, बबली आदि मजदूरों ने कहा रोजगार सेवक उनसे कार्ड बनाने के नाम पर सौ से दो सौ रुपये की वसूली कर रहा है। न देने पर जॉब कार्ड नहीं बनाए जाते हैं। ना ही काम दिया जाता है। आरोप लगाया कि वे आज भी कार्य के लिए गए, लेकिन उन्हें कार्य नहीं दिया। मजदूरों ने डीएम को पत्र भेज कर मामले की जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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दूसरी तरफ ग्राम प्रधान कीरत सिंह ने बताया लॉक डाउन में गांव में बेरोजगारों की संख्या बढ़ गई है। वे प्रत्येक घर से एक को कार्य देने की बात कह रहे थे, जबकि लोग यह चाहते हैं कि एक घर से कई कई लोगों को कार्य मिले। इसी बात पर कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। सभी आरोप गलत हैं। वे एक घर से एक व्यक्ति को ही कार्य देने के लिए तैयार हैं। उधर, रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार ने कहा आरोप मिथ्या है।
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