{"_id":"647cbe7600fae54e4b018605","slug":"lakhs-of-saplings-were-planted-but-there-was-no-greenery-saharanpur-news-c-30-1-smrt1051-3625-2023-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: लाखों पौधे रोप दिए पर नहीं हो पाई हरियाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: लाखों पौधे रोप दिए पर नहीं हो पाई हरियाली
विज्ञापन
गांव नासिरपुर डिगोली में देखरेख के अभाव में सूखे पौधें
विश्व पर्यावरण दिवस
- चार साल में रोपे गए 61 लाख पौधे, 60 से 70 प्रतिशत देखरेख के अभाव में सूखे
- मानसून से पहले हर बार बड़े पैमाने पर चलता है पौधरोपण अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। आज हम विश्व पर्यावरण दिवस मना रहे हैं। पर्यावरण में घुलते जहर को दूर करने के लिए तमाम कवायद होती रही हैं। बड़े पैमाने पर हर वर्ष मानसून से पूर्व धरती को हरा-भरा बनाने को पौधरोपण अभियान चलता है, लेकिन देखरेख के अभाव पौधे दम तोड़ रहे हैंं। बीते चार सालों में 61 लाख पौधे जिले भर में रोपे गए, लेकिन इनकी देखभाल नहीं होने की वजह से 60 से 70 प्रतिशत पौधे सूख गए हैं।
यही स्थिति रही तो भविष्य में पर्यावरण में घुलता जहर जिंदगी के लिए खतरा बन जाएगा। रविवार को अमर उजाला ने जनपद के 11 विकास खंड की 884 ग्राम पंचायतों की पड़ताल की। इसके तहत ब्लॉक बलियाखेड़ी, पुवांरका, मुजफ्फराबाद, साढ़ौली कदीम, सरसावा, नकुड़, गंगोह, नानौता, रामपुर मनिहारान, देवबंद, नागल में शामिल ग्राम पंचायताें के हालात खराब नजर आए। पिछले साल रोपे गए 19 लाख पौधों में से 60 से 70 प्रतिशत अनदेखी के चलते दम तोड़ गए। पौधा रोपित करने के बाद इनकी देखभाल की जिम्मेदारी तय होती तो पौधे पेड़ का रूप लेते। बीते चार सालों में रोपे गए 61 लाख पौधों की स्थिति भी ऐसी नजर आई।
इस बार 40 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य
इस बार भी मानसून से पूर्व जिले भर की ग्राम पंचायतों काे जिला पंचायत राज विभाग की ओर से 20 लाख पौधे रोपे जाने का लक्ष्य है। इसके अलावा अन्य विभागों को भी पौधे रोपने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इनमें सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, जिला विकास विभाग, वन विभाग सहित अनेक सरकारी महकमों को जिम्मेदारी दी जाएगी। इन सभी विभागों द्वारा 40 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे।
विज्ञापन
जिम्मेदारी तय हो, लापरवाही पर कार्रवाई
ग्राम पंचायत कमालपुर के प्रधान शोएब का कहना है कि पौधा रोपित करने के बाद इनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। इसके तहत ग्रामीणों का समूह बनाया जाए, जो पौधों की देखभाल करें। इसके साथ ही ग्राम पंचायत सचिवोंं की निगरानी रहे। इसमें कोई लापरवाही बरते तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
नागल ब्लॉक के गांव नासरिपुर डिगोली के प्रधान पति जितेंद्र त्यागी का कहना है कि उन्होंने पिछले दो वर्षों में एक हजार से अधिक पौधे तालाबों के किनारे और ग्राम समाज की भूमि पर लगाए। इनमें से 30 प्रतिशत पौधे आवारा पशुओं ने नष्ट कर दिए। मनरेगा के श्रमिकों की पानी देने की जिम्मेदारी लगाई गई, लेकिन भेड़-बकरियों की वजह से रखवाली नहीं हो पाई है।
पुवांरका ब्लॉक के गांव गदनपुरा के प्रधान संजय वालिया का कहना है कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसके प्रति नागरिकाें को भी जागरूक होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति अगर हर वर्ष दो पौधे भी लगाए और उनकी अच्छे से देखभाल करे तो वह अवश्यक पेड़ का रूप लेंगे।
पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए पौधारोपण अभियान चलता है। चार सालों में लाखों पौधे रोपित किए गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में पौधे पेड़ भी बन गए हैं। पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। -विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
विज्ञापन
- चार साल में रोपे गए 61 लाख पौधे, 60 से 70 प्रतिशत देखरेख के अभाव में सूखे
- मानसून से पहले हर बार बड़े पैमाने पर चलता है पौधरोपण अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। आज हम विश्व पर्यावरण दिवस मना रहे हैं। पर्यावरण में घुलते जहर को दूर करने के लिए तमाम कवायद होती रही हैं। बड़े पैमाने पर हर वर्ष मानसून से पूर्व धरती को हरा-भरा बनाने को पौधरोपण अभियान चलता है, लेकिन देखरेख के अभाव पौधे दम तोड़ रहे हैंं। बीते चार सालों में 61 लाख पौधे जिले भर में रोपे गए, लेकिन इनकी देखभाल नहीं होने की वजह से 60 से 70 प्रतिशत पौधे सूख गए हैं।
यही स्थिति रही तो भविष्य में पर्यावरण में घुलता जहर जिंदगी के लिए खतरा बन जाएगा। रविवार को अमर उजाला ने जनपद के 11 विकास खंड की 884 ग्राम पंचायतों की पड़ताल की। इसके तहत ब्लॉक बलियाखेड़ी, पुवांरका, मुजफ्फराबाद, साढ़ौली कदीम, सरसावा, नकुड़, गंगोह, नानौता, रामपुर मनिहारान, देवबंद, नागल में शामिल ग्राम पंचायताें के हालात खराब नजर आए। पिछले साल रोपे गए 19 लाख पौधों में से 60 से 70 प्रतिशत अनदेखी के चलते दम तोड़ गए। पौधा रोपित करने के बाद इनकी देखभाल की जिम्मेदारी तय होती तो पौधे पेड़ का रूप लेते। बीते चार सालों में रोपे गए 61 लाख पौधों की स्थिति भी ऐसी नजर आई।
विज्ञापन
इस बार 40 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य
इस बार भी मानसून से पूर्व जिले भर की ग्राम पंचायतों काे जिला पंचायत राज विभाग की ओर से 20 लाख पौधे रोपे जाने का लक्ष्य है। इसके अलावा अन्य विभागों को भी पौधे रोपने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इनमें सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, जिला विकास विभाग, वन विभाग सहित अनेक सरकारी महकमों को जिम्मेदारी दी जाएगी। इन सभी विभागों द्वारा 40 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे।
विज्ञापन
जिम्मेदारी तय हो, लापरवाही पर कार्रवाई
ग्राम पंचायत कमालपुर के प्रधान शोएब का कहना है कि पौधा रोपित करने के बाद इनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। इसके तहत ग्रामीणों का समूह बनाया जाए, जो पौधों की देखभाल करें। इसके साथ ही ग्राम पंचायत सचिवोंं की निगरानी रहे। इसमें कोई लापरवाही बरते तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
नागल ब्लॉक के गांव नासरिपुर डिगोली के प्रधान पति जितेंद्र त्यागी का कहना है कि उन्होंने पिछले दो वर्षों में एक हजार से अधिक पौधे तालाबों के किनारे और ग्राम समाज की भूमि पर लगाए। इनमें से 30 प्रतिशत पौधे आवारा पशुओं ने नष्ट कर दिए। मनरेगा के श्रमिकों की पानी देने की जिम्मेदारी लगाई गई, लेकिन भेड़-बकरियों की वजह से रखवाली नहीं हो पाई है।
पुवांरका ब्लॉक के गांव गदनपुरा के प्रधान संजय वालिया का कहना है कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसके प्रति नागरिकाें को भी जागरूक होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति अगर हर वर्ष दो पौधे भी लगाए और उनकी अच्छे से देखभाल करे तो वह अवश्यक पेड़ का रूप लेंगे।
पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए पौधारोपण अभियान चलता है। चार सालों में लाखों पौधे रोपित किए गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में पौधे पेड़ भी बन गए हैं। पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। -विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी