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कपास पर आयात शुल्क समाप्त, होजरी कारोबारियों में हर्ष
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सहारनपुर। सहारनपुर होजरी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा कपास का आयात शुल्क 30 सितंबर तक समाप्त करने की घोषणा पर हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ होजरी उद्योगों को फायदा होगा बल्कि पूरी टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को भी राहत मिलेगी।
सहारनपुर होजरी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष मनजीत सिंह अरोड़ा ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 14 अप्रैल से 30 सितंबर तक की अवधि के लिए कपास पर से आयात शुल्क हटाने की घोषणा की है। इससे न केवल होजरी उद्योग को लाभ होगा बल्कि पूरी टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन निर्णय से पिछले साल से अब तक करीब दोगुने हो चुके धागों के दाम कम होंगे। जिससे होजरी उत्पादों को तैयार करने की लागत कम होगी। संस्था के महामंत्री घनश्याम माहेश्वरी ने कहा कि कपास पर आयात शुल्क हटाने का निर्णय होजरी उद्योग के लिए रामबाण साबित होगा। इससे होजरी उत्पादों का भाव कम होगा। जिससे उसकी बिक्री में भी इजाफा होगा। कोषाध्यक्ष वैभव कांबोज ने कहा कि एक निश्चित अवधि के लिए आयात शुल्क समाप्त करने से टेक्सटाइल इंडस्ट्री को पुनर्जीवन मिलेगा। जिससे बुनाई, धुलाई, सिलाई और पैकिंग करने वाले कामगारों को रोजगार मिलेगा साथ ही उपभोक्ताओं को भी सस्ते उत्पाद मिलेंगे।
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सहारनपुर होजरी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष मनजीत सिंह अरोड़ा ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 14 अप्रैल से 30 सितंबर तक की अवधि के लिए कपास पर से आयात शुल्क हटाने की घोषणा की है। इससे न केवल होजरी उद्योग को लाभ होगा बल्कि पूरी टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन निर्णय से पिछले साल से अब तक करीब दोगुने हो चुके धागों के दाम कम होंगे। जिससे होजरी उत्पादों को तैयार करने की लागत कम होगी। संस्था के महामंत्री घनश्याम माहेश्वरी ने कहा कि कपास पर आयात शुल्क हटाने का निर्णय होजरी उद्योग के लिए रामबाण साबित होगा। इससे होजरी उत्पादों का भाव कम होगा। जिससे उसकी बिक्री में भी इजाफा होगा। कोषाध्यक्ष वैभव कांबोज ने कहा कि एक निश्चित अवधि के लिए आयात शुल्क समाप्त करने से टेक्सटाइल इंडस्ट्री को पुनर्जीवन मिलेगा। जिससे बुनाई, धुलाई, सिलाई और पैकिंग करने वाले कामगारों को रोजगार मिलेगा साथ ही उपभोक्ताओं को भी सस्ते उत्पाद मिलेंगे।
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