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बिना चिकित्सकों के कैसे हो उपचार
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 25 Feb 2017 12:21 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बिना चिकित्सकों के ही उपचार दिया जा रहा है। जनपद में पदों के सापेक्ष 30 फीसदी चिकित्सक भी तैनात नहीं है।
स्थिति को लेकर अधिकारी भी टेंशन में है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से इस संदर्भ में शासन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है। बता दें कि जनपद के सरकारी अस्पतालों में हजारों मरीज प्रतिदिन इलाज कराने पहुंचते है।
लेकिन इलाज के नाम पर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। वर्तमान की स्थिति पर नजर डाले तो जनपद में चिकित्सकों के 218 पद स्वीकृत है। जिन पर केवल 78 चिकित्सक ही तैनात हैं।
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चिकित्सकों की इस कमी को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी भी टेंशन में है। उनकी ओर से शासन को कई बार पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया। लेकिन समस्या जस की तस बनीं है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बलजीत सिंह सोढ़ी का कहना है कि जनपद में चिकित्सकों की भारी कमी है। इस संदर्भ में शासन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है। हाल ही में शासन को दोबारा पत्र लिखकर दोबारा अवगत कराया गया है।
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स्थिति को लेकर अधिकारी भी टेंशन में है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से इस संदर्भ में शासन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है। बता दें कि जनपद के सरकारी अस्पतालों में हजारों मरीज प्रतिदिन इलाज कराने पहुंचते है।
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लेकिन इलाज के नाम पर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। वर्तमान की स्थिति पर नजर डाले तो जनपद में चिकित्सकों के 218 पद स्वीकृत है। जिन पर केवल 78 चिकित्सक ही तैनात हैं।
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चिकित्सकों की इस कमी को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी भी टेंशन में है। उनकी ओर से शासन को कई बार पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया। लेकिन समस्या जस की तस बनीं है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बलजीत सिंह सोढ़ी का कहना है कि जनपद में चिकित्सकों की भारी कमी है। इस संदर्भ में शासन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है। हाल ही में शासन को दोबारा पत्र लिखकर दोबारा अवगत कराया गया है।