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Saharanpur News: बिल की जगह कोरा कागज, रसीद पर कर दिया भुगतान
Wed, 26 Aug 2026 01:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 26 Aug 2026 01:22 AM IST
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सहारनपुर। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर खर्च हो रही रकम के दस्तावेज खुद सवाल खड़े कर रहे हैं। ई-स्वराज पोर्टल पर पिछले चार माह के अपलोड बिलों में कहीं कोरे कागज लगे मिले, तो कहीं कोरे कागज पर प्राप्ति रसीद बनाकर भुगतान कर दिया गया। यह बिल इसलिए सवालों के घेरे में है कि कुछ पंचायतों में ही इस तरह किया गया है। बाकी पंचायतों में बिल सही तरीके से अपलोड किए गए हैं। अब यह जांच का विषय है कि बिलों में कोई फर्जीवाड़ा है या फिर कोई अन्य कारण, लेकिन फिलहाल शक के घेरे में है।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायतों) के कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। ग्राम पंचायतों में जितने भी विकास कार्य होते हैं उन सभी के बिल इस पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं। 100 से अधिक ग्राम पंचायतों की ओर से पोर्टल पर अपलोड गए इन बिलों की पड़ताल की गई।
इसमें अधिकतर ग्राम पंचायतों के बिल ठीक मिले, लेकिन दाबकी गुर्जर, आसनवाली, कैलाशपुर और ढिक्का कलां समेत कई ग्राम पंचायतें ऐसी मिलीं, जिनके बिल संदेह के दायरे में हैं। ग्राम पंचायतों की तरफ से विकास कार्य की संक्षिप्त जानकारी तो दी गई है, लेकिन बिल के नाम पर कोरा कागज अपलोड कर दिया गया। गागलहेड़ी में जुलाई माह में 45 हजार रुपये सफाई कार्य पर खर्च दिखाए गए। बिल के स्थान पर एक कोरे कागज पर प्राप्ति रसीद बनाई गई, जिस पर भुगतान जारी कर दिया गया और चार ग्रामीणों के नाम लिखकर हस्ताक्षर करा दिए गए।
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इन पंचायतों के बिलों में झोल
- दाबकी गुर्जर गांव में टिन शेड निर्माण कार्य दर्शाया गया है, जिसका 4,07,000 का बिल दर्शाया गया है। इसी काम के एक और बिल की संक्षिप्त जानकारी पोर्टल पर दी गई है, जिसमें 395000 का खर्च बताया गया है, लेकिन बिल के नाम पर सिर्फ कोरा कागज है।
- मोहम्मद पुरा गाडा गांव में मई माह में चार लाख रुपये से सीसी काम दर्शाया गया। इसका बिल भी कोरा है।
- मई माह में आसनवाली गांव में सीसी और नाली निर्माण के नाम पर 2,65,290 रुपये का खर्च दर्शाया है। इसी तरह 2,87,500 का सीसी और नाली निर्माण का बिल भी कोरा है।
- अप्रैल माह में कैलाशपुर गांव में 2,19,500 रुपये का खर्च दर्शाते हुए ईदगाह से श्मशान तक मिट्टी भराव की जानकारी दी गई है। यहां भी बिल कोरा है।
- कैलाशपुर गांव में अप्रैल माह में ईद पर पूरे गांव की ट्रैक्टर और जेसीबी से सफाई का कार्य 1,97,400 रुपये का खर्च दिखाया है। यहां भी बिल नहीं है।
- ढिक्का कलां गांव में अप्रैल माह में 2,29,400 रुपये का सीसी रोड के निर्माण का खर्च बताया गया है। इसी तरह श्मशानघाट में वॉल पेंटिंग का 94,800 रुपये खर्च दर्शाया गया, लेकिन बिल के नाम पर खानापूर्ति करते हुए कोरा कागज है।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर यदि इस तरह कोरे कागज अपलोड किए गए हैं तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी
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ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायतों) के कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। ग्राम पंचायतों में जितने भी विकास कार्य होते हैं उन सभी के बिल इस पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं। 100 से अधिक ग्राम पंचायतों की ओर से पोर्टल पर अपलोड गए इन बिलों की पड़ताल की गई।
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इसमें अधिकतर ग्राम पंचायतों के बिल ठीक मिले, लेकिन दाबकी गुर्जर, आसनवाली, कैलाशपुर और ढिक्का कलां समेत कई ग्राम पंचायतें ऐसी मिलीं, जिनके बिल संदेह के दायरे में हैं। ग्राम पंचायतों की तरफ से विकास कार्य की संक्षिप्त जानकारी तो दी गई है, लेकिन बिल के नाम पर कोरा कागज अपलोड कर दिया गया। गागलहेड़ी में जुलाई माह में 45 हजार रुपये सफाई कार्य पर खर्च दिखाए गए। बिल के स्थान पर एक कोरे कागज पर प्राप्ति रसीद बनाई गई, जिस पर भुगतान जारी कर दिया गया और चार ग्रामीणों के नाम लिखकर हस्ताक्षर करा दिए गए।
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इन पंचायतों के बिलों में झोल
- दाबकी गुर्जर गांव में टिन शेड निर्माण कार्य दर्शाया गया है, जिसका 4,07,000 का बिल दर्शाया गया है। इसी काम के एक और बिल की संक्षिप्त जानकारी पोर्टल पर दी गई है, जिसमें 395000 का खर्च बताया गया है, लेकिन बिल के नाम पर सिर्फ कोरा कागज है।
- मोहम्मद पुरा गाडा गांव में मई माह में चार लाख रुपये से सीसी काम दर्शाया गया। इसका बिल भी कोरा है।
- मई माह में आसनवाली गांव में सीसी और नाली निर्माण के नाम पर 2,65,290 रुपये का खर्च दर्शाया है। इसी तरह 2,87,500 का सीसी और नाली निर्माण का बिल भी कोरा है।
- अप्रैल माह में कैलाशपुर गांव में 2,19,500 रुपये का खर्च दर्शाते हुए ईदगाह से श्मशान तक मिट्टी भराव की जानकारी दी गई है। यहां भी बिल कोरा है।
- कैलाशपुर गांव में अप्रैल माह में ईद पर पूरे गांव की ट्रैक्टर और जेसीबी से सफाई का कार्य 1,97,400 रुपये का खर्च दिखाया है। यहां भी बिल नहीं है।
- ढिक्का कलां गांव में अप्रैल माह में 2,29,400 रुपये का सीसी रोड के निर्माण का खर्च बताया गया है। इसी तरह श्मशानघाट में वॉल पेंटिंग का 94,800 रुपये खर्च दर्शाया गया, लेकिन बिल के नाम पर खानापूर्ति करते हुए कोरा कागज है।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर यदि इस तरह कोरे कागज अपलोड किए गए हैं तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी