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चिकित्सकों के तबादले से चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं

Fri, 29 Jul 2022 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2022 12:06 AM IST
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Health services crumbling due to transfer of doctors
जिला अस्पताल के चर्म एंव गुप्त रोग विशेषज्ञ की ओपीडी पर लगा ताला - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल को विशेषज्ञ चिकित्सकों की दरकार है। सात डॉक्टरों के दूसरे जिलों में तबादले होने से जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गई हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ की ओपीडी बंद हो चुकी है, जबकि छाती रोग विशेषज्ञ के जाने से फिजीशियन चिकित्सकों पर अधिक भार बढ़ गया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के बजाय मरीज स्टाफ से चिकित्सकीय परामर्श ले रहे हैं।
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एसबीडी जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों को खासी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। जिला अस्पताल से सात डॉक्टरों का दूसरे जिलों में ट्रांसफर कर दिया गया है। इसमें त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. केवी सिंह, सर्जन डॉ. नरेश सैनी, छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जी रहमान, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मनीष पांडेय, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश अग्रवाल, नेत्र सर्जन डॉ. एसएस लाल और दंत चिकित्सक डॉ. भारती चतुर्वेदी शामिल हैं। इन डॉक्टरों के तबादला होने से जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की काउंटर से पर्चा बनना बंद हो गया है। इसके चलते ओपीडी पर भी ताला लगा दिया है। यह कक्ष केवल सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को एसटीआई परामर्शदाता के दिन ही खुलेगा। पूरे अस्पताल में केवल एक ही त्वचा रोग विशेषज्ञ था। इनके जाने से त्वचा रोगियों को बाहर महंगा इलाज कराना पड़ रहा है। आलम यह है कि अब तक इनके स्थान पर किसी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई हैं। यहीं हाल छाती रोग विशेषज्ञ का है। अकेले डॉ. जी रहमान चेस्ट फिजीशियन थे। अब उनके मरीज फिजीशियन डॉक्टरों के यहां ट्रांसफर हो गए हैं। सर्जन की बात करें तो अब जिला अस्पताल में एक ही सर्जन रह गया है।
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ओपीडी भी हुई कम
- विशेषज्ञ डॉक्टरों के नहीं होने के कारण प्रतिदिन होने वाली ओपीडी भी कम हो गई है, क्योंकि डॉक्टर ही नहीं मिलते हैं। पहले 1500 से 2000 तक रोजाना ओपीडी होती थी, जब वह घट कर 1000 से 1200 तक रह गई है। ऐसा नहीं कि मरीज नहीं आते, मरीज तो आते हैं, लेकिन रोग संबंधित डॉक्टर नहीं मिलने और पर्चा नहीं बनने पर निराश होकर लौट जाते हैं।
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-- कार्यालयों में भी काम पर पड़ा असर
डॉक्टरों के साथ-साथ जिला अस्पताल से कर्मचारियों के ट्रांसफर भी बड़ी संख्या में हुए। एक साथ 20 कर्मचारियों के दूसरे जनपदों में तबादला होने से कार्यालयों में काम पर असर पड़ने लगा है, लेकिन अभी नए कर्मचारी नहीं आए हैं।

-जिला अस्पताल से ट्रांसफर हुए चिकित्सकों की जगह नए डॉक्टरों की शासन स्तर से तैनाती नहीं हुई है। हम फिर भी कम डॉक्टरों से मरीजों को बेहतर इलाज के लिए प्रयास कर रहे हैं। नए डॉक्टरों के जल्द आने की उम्मीद है।
डॉ. बृजेश राठौर, एडी हेल्थ

जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर लगी मरीजो की भीड़

जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर लगी मरीजो की भीड़- फोटो : SAHARANPUR

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