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Saharanpur News: करेंसी चेस्ट का ड्राइवर गायब, बैंककर्मी समेत कई पर अपहरण का आरोप
Wed, 09 Sep 2026 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 09 Sep 2026 01:10 AM IST
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सहारनपुर। पीएनबी की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले ने मंगलवार को नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। करेंसी चेस्ट में ड्राइवर की नौकरी करने वाला ज्ञानागढ़ निवासी आदर्श पांच सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। उसके पिता ने तीन लोगों पर बेटे को अगवा कराने का आरोप लगाया है। पिता का दावा है कि आरोपियों में एक बैंककर्मी भी शामिल है और जाली नोटों के कथित गबन में उस बैंककर्मी की भी अहम भूमिका है। गबन में बेटा उनके नाम को सार्वजनिक न कर दे, इसलिए उसका अपहरण किया गया है। हालांकि कोतवाली देहात पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया है।
डीएम और एसएसपी के नाम दिए गए शिकायती पत्र शिवप्रसाद ने बताया कि वह ई-रिक्शा चालक है और बेटा आदर्श करीब चार-पांच साल से करेंसी चेस्ट में ड्राइवर के रूप में नौकरी कर रहा है। उसकी ड्यूटी करेंसी चेस्ट से विभिन्न बैंक शाखाओं तक करेंसी पहुंचाने वाली गाड़ी पर थी। पांच सितंबर की दोपहर एक साथी कर्मचारी का फोन आया। उसने आदर्श से कहा कि सर बुला रहे हैं। इसके बाद आदर्श का कोई पता नहीं चला। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। पिता का आरोप है कि बेटे को अगवा किया गया है। अगवा करने वालों में बेटे के साथ नौकरी करने वाला एक बैंककर्मी भी शामिल है। बेटे के अपहरण का मामला जाली नोटों के गबन से जुड़ा है।
आरोप है कि उसी बैंककर्मी ने जुलाई माह में आदर्श के नाम पर 4.90 लाख और 2.70 लाख रुपये की दो बाइक खरीदी थीं। इसके अलावा दो दुकान और दो प्लॉट भी आदर्श के नाम पर खरीदे जाने का दावा किया गया है, जबकि उनका इस्तेमाल वह बैंककर्मी खुद कर रहा है। वह बैंककर्मी अधिकारियों के संपर्क में रहता था और गबन में भी उसकी भूमिका है। आशंका है कि उक्त धनराशि गबन की भी हो सकती है, जिससे उनके बेटे के नाम यह संपत्ति और वाहन खरीदे गए हैं।
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लापता होने के बाद घर पहुंचे आरोपी बैंककर्मी के परिजन
शिवप्रसाद के मुताबिक, आदर्श के लापता होने के कुछ घंटे बाद ही आरोपी बताए जा रहे बैंककर्मी के परिवार के लोग व एक अन्य उनके घर पहुंचे और आदर्श के बारे में जानकारी लेने लगे। इससे उनकी आशंका और गहरी हो गई। आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर आदर्श को अगवा कराया गया, ताकि वह करेंसी चेस्ट में हुई कथित गड़बड़ी में शामिल लोगों के नाम सामने न ला सके।
दो माह पहले ही गड़बड़ी बताने का दावा
शिवप्रसाद ने यह भी दावा किया कि आदर्श ने करीब दो माह पहले करेंसी चेस्ट में चल रही कथित गड़बड़ी की जानकारी बैंक अधिकारियों को दी थी। आरोप है कि अधिकारियों ने उसे मामले में चुप रहने को कहा। शिवप्रसाद का कहना है कि अगर उनके बेटे ने गड़बड़ी की है तो वह हर जांच के लिए तैयार है, लेकिन उसका पता कराया जाए कि किसने अगवा किया है। यह भी आरोप है कि कोतवाली देहात पुलिस ने उनसे तहरीर बदलवाकर गुमशुदगी दर्ज की है।
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इस संबंध में तहरीर आई है। संबंधित थाना पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- व्योम बिंदल, एसपी सिटी
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डीएम और एसएसपी के नाम दिए गए शिकायती पत्र शिवप्रसाद ने बताया कि वह ई-रिक्शा चालक है और बेटा आदर्श करीब चार-पांच साल से करेंसी चेस्ट में ड्राइवर के रूप में नौकरी कर रहा है। उसकी ड्यूटी करेंसी चेस्ट से विभिन्न बैंक शाखाओं तक करेंसी पहुंचाने वाली गाड़ी पर थी। पांच सितंबर की दोपहर एक साथी कर्मचारी का फोन आया। उसने आदर्श से कहा कि सर बुला रहे हैं। इसके बाद आदर्श का कोई पता नहीं चला। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। पिता का आरोप है कि बेटे को अगवा किया गया है। अगवा करने वालों में बेटे के साथ नौकरी करने वाला एक बैंककर्मी भी शामिल है। बेटे के अपहरण का मामला जाली नोटों के गबन से जुड़ा है।
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आरोप है कि उसी बैंककर्मी ने जुलाई माह में आदर्श के नाम पर 4.90 लाख और 2.70 लाख रुपये की दो बाइक खरीदी थीं। इसके अलावा दो दुकान और दो प्लॉट भी आदर्श के नाम पर खरीदे जाने का दावा किया गया है, जबकि उनका इस्तेमाल वह बैंककर्मी खुद कर रहा है। वह बैंककर्मी अधिकारियों के संपर्क में रहता था और गबन में भी उसकी भूमिका है। आशंका है कि उक्त धनराशि गबन की भी हो सकती है, जिससे उनके बेटे के नाम यह संपत्ति और वाहन खरीदे गए हैं।
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लापता होने के बाद घर पहुंचे आरोपी बैंककर्मी के परिजन
शिवप्रसाद के मुताबिक, आदर्श के लापता होने के कुछ घंटे बाद ही आरोपी बताए जा रहे बैंककर्मी के परिवार के लोग व एक अन्य उनके घर पहुंचे और आदर्श के बारे में जानकारी लेने लगे। इससे उनकी आशंका और गहरी हो गई। आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर आदर्श को अगवा कराया गया, ताकि वह करेंसी चेस्ट में हुई कथित गड़बड़ी में शामिल लोगों के नाम सामने न ला सके।
दो माह पहले ही गड़बड़ी बताने का दावा
शिवप्रसाद ने यह भी दावा किया कि आदर्श ने करीब दो माह पहले करेंसी चेस्ट में चल रही कथित गड़बड़ी की जानकारी बैंक अधिकारियों को दी थी। आरोप है कि अधिकारियों ने उसे मामले में चुप रहने को कहा। शिवप्रसाद का कहना है कि अगर उनके बेटे ने गड़बड़ी की है तो वह हर जांच के लिए तैयार है, लेकिन उसका पता कराया जाए कि किसने अगवा किया है। यह भी आरोप है कि कोतवाली देहात पुलिस ने उनसे तहरीर बदलवाकर गुमशुदगी दर्ज की है।
इस संबंध में तहरीर आई है। संबंधित थाना पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- व्योम बिंदल, एसपी सिटी