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बिना प्रपत्र के नहीं मिलेगी विद्यालयों में एंट्री
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स्कूली बच्चो के आने के लिये मुख्य सचिव द्वारा स्कूल आने वाला फार्म
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। कक्षा नौ से 12वीं तक के लिए 19 अक्तूबर से विद्यालय खोलने को लेकर तैयारी चल रही है। बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए अभिभावकों की सहमति के लिए प्रपत्र जारी किया गया है। बिना प्रपत्र के किसी भी विद्यार्थी को विद्यालयों में एंट्री नहीं दी जाएगी।
प्रपत्र अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा विभाग) अराधना शुक्ला द्वारा निर्गत किया गया है। यह प्रपत्र सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को व्हाट्सएप पर भेजा गया है। जिसे विद्यालय व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से अभिभावकों को शेयर कर रहे हैं। अभिभावकों को प्रपत्र की छाया प्रति निकलवाकर उसको भरना होगा। 19 अक्तूबर को भरे गए प्रपत्र और पिता के हस्ताक्षर वाले प्रपत्र के साथ ही विद्यार्थियों की एंट्री विद्यालयों में होगी। उसके बिना किसी विद्यार्थी को एंट्री नहीं दी जाएगी।
बाजार में भी प्रपत्र उपलब्ध
सरकारी प्रपत्र के अलावा एक प्रपत्र बाजार में भी उपलब्ध है, जिसकी भाषा शैली सरकारी प्रपत्र से अलग है। इस प्रपत्र में लिखा गया है कि हम अपनी इच्छा से अपने बच्चे को स्कूल भेज रहे हैं। यह भाषा कई अभिभावकों में डर पैदा कर रही है।
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विद्यालयों का होगा निरीक्षण
19 से 21 अक्तूबर तक विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। वह अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का निरीक्षण कर यह देखेंगे कि कोविड-19 की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं। वह अपनी रिपोर्ट जिला स्तरीय नोडल अधिकारी शोभा चौधरी को भेजेंगे।
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प्रपत्र अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा विभाग) अराधना शुक्ला द्वारा निर्गत किया गया है। यह प्रपत्र सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को व्हाट्सएप पर भेजा गया है। जिसे विद्यालय व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से अभिभावकों को शेयर कर रहे हैं। अभिभावकों को प्रपत्र की छाया प्रति निकलवाकर उसको भरना होगा। 19 अक्तूबर को भरे गए प्रपत्र और पिता के हस्ताक्षर वाले प्रपत्र के साथ ही विद्यार्थियों की एंट्री विद्यालयों में होगी। उसके बिना किसी विद्यार्थी को एंट्री नहीं दी जाएगी।
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बाजार में भी प्रपत्र उपलब्ध
सरकारी प्रपत्र के अलावा एक प्रपत्र बाजार में भी उपलब्ध है, जिसकी भाषा शैली सरकारी प्रपत्र से अलग है। इस प्रपत्र में लिखा गया है कि हम अपनी इच्छा से अपने बच्चे को स्कूल भेज रहे हैं। यह भाषा कई अभिभावकों में डर पैदा कर रही है।
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विद्यालयों का होगा निरीक्षण
19 से 21 अक्तूबर तक विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। वह अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का निरीक्षण कर यह देखेंगे कि कोविड-19 की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं। वह अपनी रिपोर्ट जिला स्तरीय नोडल अधिकारी शोभा चौधरी को भेजेंगे।