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समर्पण भाव से करें ईश्वर की भक्ति: आनंद
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समर्पण भाव से करें ईश्वर की भक्ति : आनंद
सहारनपुर। रामलीला भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पंडित कपिल आनंद ने कहा कि मुक्ति मार्ग आस्तिक है। उन्होंने कहा आस्तिक का सात्विक स्वरूप ही प्रभु की भक्ति का मार्ग है। उन्होंने कहा भक्ति के मार्ग से ही प्रहलाद, शबरी, विभीषण को मुक्ति मिली। ईश्वर उन्हीं को सानिध्य प्रदान करते हैं, जो समर्पण भाव से भक्ति करता है। उन्होंने कहा कि अहंकार के कारण जीव भटकता है। प्रभु अपने भक्त को अहंकार से बचाते हैं।
उन्होंने रुकमणि और श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि प्रेम की सात्विक आसक्ति प्रभु से निकटता बनाती है और वासनात्मक आसक्ति केवल शारीरिक सुख ही प्राप्त कराती है। महारानी रूकमणी का प्रेम निश्छल एवं सात्विक था, तभी उन्हें प्रभुु की प्राप्ति हुई। कथा से पूर्व यजमान सत्यनारायण माहेश्वरी और सुशीला देवी ने सात वेदियों और समस्त देवताओं का पूजन संपन्न कराया। इस मौके पर पंडित योगेश गोनियाल, पंडित अनिल कोदंड, रामपाल, धनंजय मित्तल, सुनील गुप्ता, ऋषिपाल को सम्मानित किया। अंत में आरती उतारकर प्रसाद बांटा। इस दौरान आनंद, राजीव अग्रवाल, मीनाक्षी मित्तल, सुशील शर्मा, प्रवीण अग्रवाल आदि रहे।
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सहारनपुर। रामलीला भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पंडित कपिल आनंद ने कहा कि मुक्ति मार्ग आस्तिक है। उन्होंने कहा आस्तिक का सात्विक स्वरूप ही प्रभु की भक्ति का मार्ग है। उन्होंने कहा भक्ति के मार्ग से ही प्रहलाद, शबरी, विभीषण को मुक्ति मिली। ईश्वर उन्हीं को सानिध्य प्रदान करते हैं, जो समर्पण भाव से भक्ति करता है। उन्होंने कहा कि अहंकार के कारण जीव भटकता है। प्रभु अपने भक्त को अहंकार से बचाते हैं।
उन्होंने रुकमणि और श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि प्रेम की सात्विक आसक्ति प्रभु से निकटता बनाती है और वासनात्मक आसक्ति केवल शारीरिक सुख ही प्राप्त कराती है। महारानी रूकमणी का प्रेम निश्छल एवं सात्विक था, तभी उन्हें प्रभुु की प्राप्ति हुई। कथा से पूर्व यजमान सत्यनारायण माहेश्वरी और सुशीला देवी ने सात वेदियों और समस्त देवताओं का पूजन संपन्न कराया। इस मौके पर पंडित योगेश गोनियाल, पंडित अनिल कोदंड, रामपाल, धनंजय मित्तल, सुनील गुप्ता, ऋषिपाल को सम्मानित किया। अंत में आरती उतारकर प्रसाद बांटा। इस दौरान आनंद, राजीव अग्रवाल, मीनाक्षी मित्तल, सुशील शर्मा, प्रवीण अग्रवाल आदि रहे।
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