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गाय के गोबर से बने दीयों से जगमगाएगी दीपावली
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नगर निगम की कान्हा उपवन गोशाला में तैयार किए जा रहे एक लाख दीये
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। इस बार की दिवाली गायों के गोबर से बने दीयों से जगमगाएगी। इसके लिए नगर निगम नवादा रोड स्थित कान्हा उपवन गोशाला में एक लाख दीये तैयार करा रहा है। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने शनिवार को गोशाला पहुंचकर दीये बनाने के कार्य को देखा।
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि दीयों को आकर्षक बनाने के लिए उन्हें विभिन्न इकोफ्रेंडली रंगों से रंगा जा रहा है। आगामी वर्षों में यह संख्या कई गुणा अधिक रहेगी। गाय का गोबर मोबाइल के रेडिएशन से भी लोगों को बचा सकता है। ताजा गोबर सात दिन तक रेडिएशन से सुरक्षा कर सकता है। नगर निगम परिसर, दिल्ली रोड तथा शहर के विभिन्न स्थानों पर स्टाल लगाकर शहर के लोगों को दीये उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गायों के गोबर से दीये बनाने का मकसद दीपावली को इकोफ्रेंडली बनाना है। गाय के गोबर से बने दीयों की लौ से निकला धुआं कीटाणुओं और मच्छरों दूर भगा देगा। लक्ष्मी पूजन में भी गोबर से निर्मित दीयों के उपयोग का काफी महत्व माना गया है। नगरायुक्त ने लोगों से आह्वान किया कि वे वातावरण को पवित्र करने और प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के लिए गाय के गोबर से निर्मित दीयों का उपयोग करें और इकोफ्रेंडली दीपावली मनाएं। उन्होंने बताया कि निगम की गोशाला में गोमूत्र से गोनाइल नाम से बनाए जा रहे कीटनाशक, गोबर से निर्मित जैविक खाद आदि भी उक्त स्टॉलों पर बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। इस बार की दिवाली गायों के गोबर से बने दीयों से जगमगाएगी। इसके लिए नगर निगम नवादा रोड स्थित कान्हा उपवन गोशाला में एक लाख दीये तैयार करा रहा है। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने शनिवार को गोशाला पहुंचकर दीये बनाने के कार्य को देखा।
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि दीयों को आकर्षक बनाने के लिए उन्हें विभिन्न इकोफ्रेंडली रंगों से रंगा जा रहा है। आगामी वर्षों में यह संख्या कई गुणा अधिक रहेगी। गाय का गोबर मोबाइल के रेडिएशन से भी लोगों को बचा सकता है। ताजा गोबर सात दिन तक रेडिएशन से सुरक्षा कर सकता है। नगर निगम परिसर, दिल्ली रोड तथा शहर के विभिन्न स्थानों पर स्टाल लगाकर शहर के लोगों को दीये उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गायों के गोबर से दीये बनाने का मकसद दीपावली को इकोफ्रेंडली बनाना है। गाय के गोबर से बने दीयों की लौ से निकला धुआं कीटाणुओं और मच्छरों दूर भगा देगा। लक्ष्मी पूजन में भी गोबर से निर्मित दीयों के उपयोग का काफी महत्व माना गया है। नगरायुक्त ने लोगों से आह्वान किया कि वे वातावरण को पवित्र करने और प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के लिए गाय के गोबर से निर्मित दीयों का उपयोग करें और इकोफ्रेंडली दीपावली मनाएं। उन्होंने बताया कि निगम की गोशाला में गोमूत्र से गोनाइल नाम से बनाए जा रहे कीटनाशक, गोबर से निर्मित जैविक खाद आदि भी उक्त स्टॉलों पर बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।
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