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नहीं हुआ दफ्तरों में काम, लोग रहे परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 12 Aug 2016 12:52 AM IST
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धरना पर बैठे राज्य कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में राज्य कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन हड़ताल जारी रही। कर्मचारियों ने हड़ताल कर दूसरे दिन भी धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की हड़ताल से विभागों में सन्नाटा छाया रहा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े विभाग कृषि, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, राजस्व, परिवहन, शिक्षा, उद्यान, गन्ना, मत्स्य, आईटीआई, कोषागार, वाणिज्य कर, श्रम विभाग, सिंचाई, नलकूप, उद्योग, डीआरडीए, समाज कल्याण, ग्राम विकास, आयुर्वेद, बाल विकास, पशुपालन, आरटीओ, रजिस्ट्री
के कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी हड़ताल की और हकीकतनगर स्थित धरना स्थल पर धरना-प्रदर्शन किया। अध्यक्षता कर रहे देशपाल सिंह ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी की है।
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न्यायालय के आदेश की अवमानना की है। प्रदेश सरकार की टालमटोल नीति के कारण ही कर्मचारियों को हड़ताल करनी पड़ी है। केंद्र के समान भत्ते एवं पुरानी पेंशन बहाली, एसीपी में पदोन्नति पद का ग्रेड पे, मोटरसाइकिल भत्ता समेत कई मांगें हैं, जिन्हें सरकार पूरा नहीं कर रही है।
कर्मचारियों की हड़ताल से विभागों में कोई काम नहीं हो सका। लोग गांवों से अपने-अपने काम के लिए पहुंचे भी, लेकिन कर्मचारियों के न होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
धरना देने वालों में चेतनारायण गुट शिक्षक संघ, विकास शर्मा, रजनीश चौहान, धर्मवाल सिंह यादव, विनोद पुंडीर, सुरेश चंद, सीपी सिंह, विनय मलिक, नीरज भटनागर, प्रदीप त्यागी, अशोक मलिक, सतपाल राणा, अमरपाल सिंह, सेंसरपाल सिंह, रिजवान अहमद, केहर सिंह, सुनयना आलम, शमीम अहमद, आपी सिंह, केपी सिंह राकेश कांबोल, रमेश चंद सैनी, सुरेश कश्यप, रामपाल सिंह, पीआर चौहान, राजकुमार, सुधीर ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े विभाग कृषि, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, राजस्व, परिवहन, शिक्षा, उद्यान, गन्ना, मत्स्य, आईटीआई, कोषागार, वाणिज्य कर, श्रम विभाग, सिंचाई, नलकूप, उद्योग, डीआरडीए, समाज कल्याण, ग्राम विकास, आयुर्वेद, बाल विकास, पशुपालन, आरटीओ, रजिस्ट्री
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के कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी हड़ताल की और हकीकतनगर स्थित धरना स्थल पर धरना-प्रदर्शन किया। अध्यक्षता कर रहे देशपाल सिंह ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी की है।
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न्यायालय के आदेश की अवमानना की है। प्रदेश सरकार की टालमटोल नीति के कारण ही कर्मचारियों को हड़ताल करनी पड़ी है। केंद्र के समान भत्ते एवं पुरानी पेंशन बहाली, एसीपी में पदोन्नति पद का ग्रेड पे, मोटरसाइकिल भत्ता समेत कई मांगें हैं, जिन्हें सरकार पूरा नहीं कर रही है।
कर्मचारियों की हड़ताल से विभागों में कोई काम नहीं हो सका। लोग गांवों से अपने-अपने काम के लिए पहुंचे भी, लेकिन कर्मचारियों के न होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
धरना देने वालों में चेतनारायण गुट शिक्षक संघ, विकास शर्मा, रजनीश चौहान, धर्मवाल सिंह यादव, विनोद पुंडीर, सुरेश चंद, सीपी सिंह, विनय मलिक, नीरज भटनागर, प्रदीप त्यागी, अशोक मलिक, सतपाल राणा, अमरपाल सिंह, सेंसरपाल सिंह, रिजवान अहमद, केहर सिंह, सुनयना आलम, शमीम अहमद, आपी सिंह, केपी सिंह राकेश कांबोल, रमेश चंद सैनी, सुरेश कश्यप, रामपाल सिंह, पीआर चौहान, राजकुमार, सुधीर ठाकुर आदि मौजूद रहे।