Darul Uloom Deoband: मजलिस-ए-शूरा की तीन दिवसीय बैठक शुरू, गजवा-ए-हिंद पर ले सकते हैं कोई निर्णय
Darul Uloom Deoband : दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा की तीन दिवसीय बैठक शुरू हो गई। उम्मीद है कि इस बैठक में गजवा-ए-हिंद पर कोई निर्णय लिया जा सकता है।
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दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा (एग्जीक्यूटिव कमेटी) की शैक्षिक बैठक के प्रथम चरण में विभिन्न विभागाध्यक्षों ने अपनी अपनी रिपोर्ट पेश की। जिस पर शूरा सदस्यों ने विचार मंथन किया। उम्मीद है कि तीन दिवसीय बैठक में शूरा सदस्य कई अहम फैसले ले सकते हैं।
बुधवार को दारुल उलूम के मेहमान खाने में आयोजित हुई बैठक में शिक्षा विभाग के प्रभारी मौलाना हुसैन हरिद्वारी, निर्माण विभाग के प्रभारी मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी, वित्तीय विभाग के इंचार्ज नय्यर उस्मानी और तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के प्रभारी मौलाना राशिद समेत अन्य विभागों के जिम्मेदारों ने अपनी अपनी रिपोर्ट शूरा के सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत की। जिस पर सदस्यों ने गहनता से विचार मंथन किया। संभावना है कि आगामी चरणों की बैठक में शूरा सदस्य कर्मचारियों की नियुक्ति व उनकी पदोन्नति, वेतन में वृद्धि आदि मुद्दों पर विचार विमर्श किया जा सकता है।
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बताया गया है कि शूरा सदस्य हाल ही में उठे गजवा-ए-हिंद विवाद पर भी कोई निर्णय ले सकते हैं। इसमें दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी, मौलाना अरशद मदनी, मौलाना महमूद मदनी, मौलाना अनवार, मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना इब्राहीम, मौलाना अब्दुल अलीम फारुकी, मौलाना महमूद राजस्थानी, मौलाना सैयद हबीब, मौलाना आकिल, मौलाना रहमतुल्ला कश्मीरी, मौलाना कलीमउल्लाह अलीगढ़ी और मुफ्ती शफीक आदि मौजूद रहे।
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