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संदिग्ध युवकों की तलाश
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 24 Jan 2016 01:14 AM IST
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आईएस (इस्लामिक स्टेट) के रुड़की मॉड्यूल का खुलासा होने के बाद से आतंकी गतिविधियों में बेहद संवेदनशील माने जाने वाली इस जिले में खुफिया विभाग की सभी टीमें अलर्ट कर दी गई हैं। शहर से महज 50 किलोमीटर की दूरी पर रुड़की में पकड़े गए आतंकियों के खुलासों के बाद पुलिस प्रशासन से लेकर खुफिया तंत्र के कान खड़े हो गए हैं।
गिरफ्तार किए गए आतंकियों मोहम्मद मेराज, अखलाकुर्रहमान, ओसामा और मोहम्मद अजीमुद्दीन शाह की ओर से खुलासा किया गया है कि सहारनपुर जिले के देवबंद से लेकर गोरखपुर और मुंबई तक में कई युवा न केवल आईएस से जुड़ने को बेताब थे बल्कि सीरिया में भर्ती और संगठन में सक्रिय करने के लिए उनकी देवबंद में मीटिंग भी हो चुकी थी।
उन्हें सीरिया तक ले जाने के लिए पासपोर्ट और धन से लेकर यहां से वहां तक जाने के अन्य इंतजाम किए जा चुके थे। दो आतंकियों को उत्तराखंड में इस काम के लिए धन भिजवाने तक की बातें सामने आई हैं।
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पूरी जानकारी मिलने पर तेज होगा अभियान ः क्राइम बांच प्रभारी संजय पांडेय मानते हैं कि रुड़की में पकड़े गए आतंकियों के बाद से ही पूरे जिले में अलर्ट किया जा चुका है। आईएस मॉड्यूल से जुड़े देवबंदी नेटवर्क को भी देखा जा रहा है। पूरी जानकारी मिलने पर ही आईएस से प्रभावित या संपर्क में रहने वाले युवाओं की खोजबीन तेज हो सकेगी।
डीआईजी कर चुके हैं मंडल में अलर्ट ः डीआईजी अशोक कुमार राघव मंडल के तीनों जिलों में अफसरों से खुफिया तंत्र को अलर्ट रहने के निर्देश दे चुके हैं। उन्होंने यहां तक चेताया है कि सोशल साइटों पर भी निगरानी रखकर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। इसके अलावा आतंकी या अन्य किसी भी संदिग्ध गतिविधियों और लंबे समय से लापता युवाओं और अन्य लोगों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
संपर्क में आला अफसर और खुफिया टीमें
गिरफ्तार आतंकियों के खुलासे के आधार पर जितनी जानकारी अब तक सामने आई हैं। उनके आधार पर आईएस से प्रभावित या उनके संपर्क में रहे युवाओं के बारे में खुलासा ये आतंकी ही आगे कर सकते हैं। आला अफसरों से लेकर खुफिया विभाग की टीमें तक रुड़की से दिल्ली तक संपर्क में हैं।
सार्वजनिक स्थलों पर चेकिंग
गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार को शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की चेकिंग के अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ते के साथ ही पुलिस अफसरों ने जांच पड़ताल की। स्टेशन और अड्डों पर लावारिस वस्तु, बैग और संदिग्ध लोगों के नजर आने पर किसी भी अफसर, चौकी, थाने या 100 नंबर पर सूचना देने की अपील की गई।
स्टेशन पर रेलवे के अफसरों और कर्मचारियों के साथ ही आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस के साथ तालमेल रखते हुए सुरक्षा प्रबंधों को निर्देशित किया गया है। एसएसपी आरपी सिंह यादव के निर्देश पर एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव, सीओ द्वितीय अमित नागर, सदर प्रभारी एसके दुबे के अलावा सिविल पुलिस और जीआरपी की टीमों ने स्टेशन पर दोपहर में चेकिंग अभियान चलाया गया।
उधर इंस्पेक्टर बचन सिंह तेवतिया, दरोगा ऋषिपाल सिंह ने पुलिस टीम के साथ कोर्ट परिसर में चेकिंग की। कचहरी परिसर में खड़े वाहनों की तलाशी ली गई। पुलिस अफसरों ने बताया कि रात में भी पुलिस की टीमें सिविल ड्रेस में गश्त करेंगी ताकि संदिग्ध लोगों या वस्तुओं तक जल्द पहुंचा जा सके।
देवबंद, उत्तराखंड के रुड़की से गिरफ्तार संदिग्ध चार आतंकियों के खुलासे के बाद एलआईयू, स्पेशल ब्रांच व इंटेलीजेंस समेत अन्य खुफिया एजेंसियों के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। सीरिया जाने के लिए आईएस में भर्ती होने वाले युवकों की देवबंद में किस स्थान पर मीटिंग हुई थी इसकी वास्तविकता जानने के लिए खुुफिया एजेंसियां छानबीन में जुट गई हैं।
गौरतलब है कि आईएस के उत्तराखंड मॉडयूल ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में खुलाया किया है कि यूपी के गोरखपुर, देवबंद तथा उत्तराखंड व मुंबई से करीब एक दर्जन युवक आतंकी संगठन आईएस में भर्ती होने के लिए सीरिया जाने वाले थे। इसका खुलासा होते ही जनपद की खुफिया एजेंसियां चौकन्नी हो गई है।
उत्तराखंड से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों ने जो खुलासा किया है इसकी वास्तविकता जानने के लिए शनिवार को एलआईयू, स्पेशल, ब्रांच व इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से छानबीन शुरू कर दी है। एलआईयू के इंस्पेक्टर बी.एस. चौहान ने बताया कि जनपद से बाहर होने के कारण उन्हें जानकारी नहीं है।
वहीं, सब इंस्पेक्टर भारत भूषण ने बताया कि गोपनीय तरीके से चेकिंग कर संदिग्धों पर निगाह रखी जा रही है। पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले तथा हरिद्वार में चल रहे अर्द्धकुंभ को मद्देनजर रखते हुए संदिग्धों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। मदरसों, होटलों व रेस्तराओं आदि भी भी गोपनीय तरीके से चेकिंग की जा रही है।
संदिग्धों की दें सूचना : एसएसपी
आईएस से प्रभावित या उसके संपर्क में आने वाले युवाओं के बारे में अभी अधिकृत रूप से तो सूचनाएं नहीं मिली हैं लेकिन रुड़की में गिरफ्तार आतंकियों के जरिये हो रहे खुलासों और किसी भी रूप से खतरनाक इरादे रखने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है। पुलिस की जनता से अपील है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु और व्यक्ति की जानकारी पुलिस को दें।
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गिरफ्तार किए गए आतंकियों मोहम्मद मेराज, अखलाकुर्रहमान, ओसामा और मोहम्मद अजीमुद्दीन शाह की ओर से खुलासा किया गया है कि सहारनपुर जिले के देवबंद से लेकर गोरखपुर और मुंबई तक में कई युवा न केवल आईएस से जुड़ने को बेताब थे बल्कि सीरिया में भर्ती और संगठन में सक्रिय करने के लिए उनकी देवबंद में मीटिंग भी हो चुकी थी।
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उन्हें सीरिया तक ले जाने के लिए पासपोर्ट और धन से लेकर यहां से वहां तक जाने के अन्य इंतजाम किए जा चुके थे। दो आतंकियों को उत्तराखंड में इस काम के लिए धन भिजवाने तक की बातें सामने आई हैं।
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पूरी जानकारी मिलने पर तेज होगा अभियान ः क्राइम बांच प्रभारी संजय पांडेय मानते हैं कि रुड़की में पकड़े गए आतंकियों के बाद से ही पूरे जिले में अलर्ट किया जा चुका है। आईएस मॉड्यूल से जुड़े देवबंदी नेटवर्क को भी देखा जा रहा है। पूरी जानकारी मिलने पर ही आईएस से प्रभावित या संपर्क में रहने वाले युवाओं की खोजबीन तेज हो सकेगी।
डीआईजी कर चुके हैं मंडल में अलर्ट ः डीआईजी अशोक कुमार राघव मंडल के तीनों जिलों में अफसरों से खुफिया तंत्र को अलर्ट रहने के निर्देश दे चुके हैं। उन्होंने यहां तक चेताया है कि सोशल साइटों पर भी निगरानी रखकर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। इसके अलावा आतंकी या अन्य किसी भी संदिग्ध गतिविधियों और लंबे समय से लापता युवाओं और अन्य लोगों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
संपर्क में आला अफसर और खुफिया टीमें
गिरफ्तार आतंकियों के खुलासे के आधार पर जितनी जानकारी अब तक सामने आई हैं। उनके आधार पर आईएस से प्रभावित या उनके संपर्क में रहे युवाओं के बारे में खुलासा ये आतंकी ही आगे कर सकते हैं। आला अफसरों से लेकर खुफिया विभाग की टीमें तक रुड़की से दिल्ली तक संपर्क में हैं।
सार्वजनिक स्थलों पर चेकिंग
गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार को शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की चेकिंग के अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ते के साथ ही पुलिस अफसरों ने जांच पड़ताल की। स्टेशन और अड्डों पर लावारिस वस्तु, बैग और संदिग्ध लोगों के नजर आने पर किसी भी अफसर, चौकी, थाने या 100 नंबर पर सूचना देने की अपील की गई।
स्टेशन पर रेलवे के अफसरों और कर्मचारियों के साथ ही आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस के साथ तालमेल रखते हुए सुरक्षा प्रबंधों को निर्देशित किया गया है। एसएसपी आरपी सिंह यादव के निर्देश पर एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव, सीओ द्वितीय अमित नागर, सदर प्रभारी एसके दुबे के अलावा सिविल पुलिस और जीआरपी की टीमों ने स्टेशन पर दोपहर में चेकिंग अभियान चलाया गया।
उधर इंस्पेक्टर बचन सिंह तेवतिया, दरोगा ऋषिपाल सिंह ने पुलिस टीम के साथ कोर्ट परिसर में चेकिंग की। कचहरी परिसर में खड़े वाहनों की तलाशी ली गई। पुलिस अफसरों ने बताया कि रात में भी पुलिस की टीमें सिविल ड्रेस में गश्त करेंगी ताकि संदिग्ध लोगों या वस्तुओं तक जल्द पहुंचा जा सके।
देवबंद, उत्तराखंड के रुड़की से गिरफ्तार संदिग्ध चार आतंकियों के खुलासे के बाद एलआईयू, स्पेशल ब्रांच व इंटेलीजेंस समेत अन्य खुफिया एजेंसियों के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। सीरिया जाने के लिए आईएस में भर्ती होने वाले युवकों की देवबंद में किस स्थान पर मीटिंग हुई थी इसकी वास्तविकता जानने के लिए खुुफिया एजेंसियां छानबीन में जुट गई हैं।
गौरतलब है कि आईएस के उत्तराखंड मॉडयूल ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में खुलाया किया है कि यूपी के गोरखपुर, देवबंद तथा उत्तराखंड व मुंबई से करीब एक दर्जन युवक आतंकी संगठन आईएस में भर्ती होने के लिए सीरिया जाने वाले थे। इसका खुलासा होते ही जनपद की खुफिया एजेंसियां चौकन्नी हो गई है।
उत्तराखंड से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों ने जो खुलासा किया है इसकी वास्तविकता जानने के लिए शनिवार को एलआईयू, स्पेशल, ब्रांच व इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से छानबीन शुरू कर दी है। एलआईयू के इंस्पेक्टर बी.एस. चौहान ने बताया कि जनपद से बाहर होने के कारण उन्हें जानकारी नहीं है।
वहीं, सब इंस्पेक्टर भारत भूषण ने बताया कि गोपनीय तरीके से चेकिंग कर संदिग्धों पर निगाह रखी जा रही है। पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले तथा हरिद्वार में चल रहे अर्द्धकुंभ को मद्देनजर रखते हुए संदिग्धों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। मदरसों, होटलों व रेस्तराओं आदि भी भी गोपनीय तरीके से चेकिंग की जा रही है।
संदिग्धों की दें सूचना : एसएसपी
आईएस से प्रभावित या उसके संपर्क में आने वाले युवाओं के बारे में अभी अधिकृत रूप से तो सूचनाएं नहीं मिली हैं लेकिन रुड़की में गिरफ्तार आतंकियों के जरिये हो रहे खुलासों और किसी भी रूप से खतरनाक इरादे रखने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है। पुलिस की जनता से अपील है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु और व्यक्ति की जानकारी पुलिस को दें।