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गिरोह का पर्दाफाश: फर्जी नियुक्ति पत्र देकर हड़पते थे लाखों रुपये, चार गिरफ्तार, ऐसे रची ठगी की पूरी कहानी

Thu, 15 Feb 2024 08:10 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 15 Feb 2024 08:10 PM IST
सार

Saharanpur News : देवबंद पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों रुपये हड़पते थे। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद आरोपियों ने ठगी की पूरी कहानी रच दी।

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Deoband police busted gang in Saharanpur four members arrested, used to cheat through fake appointment letters
गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहारनपुर में देवबंद पुलिस ने सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों रुपये हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से शैक्षिक प्रमाणपत्र सहित अन्य फर्जी दस्तावेज और नगदी बरामद हुई है।

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देवबंद थाना क्षेत्र के असदपुर करंजाली निवासी अक्षय कुमार पुत्र सुशील कुमार ने बीते वर्ष 22 अक्तूबर को कोतवाली में तहरीर देकर जनपद मुजफ्फरनगर के सहाबुद्दीन रोड नया रामपुरी गेट निवासी दीपक श्रीवास्तव, सैनी नगर खतौली निवासी तुषार उपाध्याय, जनपद गाजियाबाद के पूर्वी मुस्तफाबाद निवासी सलाउद्दीन और जनपद पटना बिहार के थाना राजाबाजार शकुंतला अपार्टमेंट निवासी विशाल पुत्र राजकुमार के विरुद्ध सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 44 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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सहारनपुर के थाना गागलहेड़ी के चौराखुर्द गांव निवासी प्रशांत कुमार पुत्र मुनेश कुमार ने 12 जनवरी को थाने में तहरीर देकर दीपक श्रीवास्तव के विरुद्ध नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए बृहस्पतिवार को इसका खुलासा किया।

एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने प्रेस वार्ता में बताया कि देवबंद कोतवाली के इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने टीम ने चारों आरोपियों को देवबंद रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर अभ्यार्थियों के फर्जी नियुक्ति पत्र व अन्य दस्तावेज, 50 हजार रुपये की नकदी, एक लैपटॉप, छह मोबाइल, सरकारी विभागों के सात फर्जी नियुक्ति पत्र, भारतीय रेलवे बोर्ड भर्ती के आठ फर्जी आवेदन फार्म, एक आधार कार्ड, एक हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की मार्कशीट की छायाप्रति बरामद की गई है। सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

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फेसबुक पर हुई मुलाकात और रच दी ठगी की पूरी कहानी
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि हम चारों और एक अन्य साथी सुजात कुमार की मुलाकात फेसबुक के माध्यम से हुई थी। फेसबुक पर जॉब ऑफर देखकर उन्हें बेरोजगार युवकों से ठगी की योजना तैयार की। इसमें उन्होंने आरोपी विशाल की पत्नी करिश्मा, उसके भाई विकास और आकाश को भी इसमें शामिल कर लिए। यह लोग कंप्यूटर में महारत रखते हैं। उन्होंने फर्जी जॉब ऑफर और नियुक्ति पत्र तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार करते थे। एसपी सिटी के मुताबिक, उन्होंने देवबंद के अक्षय व अन्य अभ्यर्थियों को नौकरी का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर खातों में 60 लाख रुपये जमा करा लिए।

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बिहार व कोलकाता में बना रखे हैं फर्जी ट्रेनिंग सेंटर
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि उक्त लोगों ने फर्जी काम को असली दिखाने का पूरा इंतजाम कर रखा था। जिन लोगों को यह फर्जी नियुक्ति पत्र देते थे। उन्होंने ट्रेनिंग के लिए बिहार और कोलकाता में खोले गए फर्जी ट्रेनिंग सेंटर में भेज दिया जाता था। उनसे ली गई रकम से ही कुछ रुपये उन्हें सैलरी के नाम पर भी दिए जाते थे। ताकि उन्हें किसी प्रकार का शक न हो।

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